स्वच्छता व्यवस्था में खामियां मिलने पर कर्मचारी बर्खास्त, दो निलंबित, ठेकेदार कंपनी पर ₹50 हजार जुर्माना
रमेश गोयत
चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को सेक्टर-26 स्थित अनाज, फल एवं सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया और मंडी में चल रही व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने मंडी परिसर की साफ-सफाई, प्रबंधन, व्यापारिक गतिविधियों और मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था में खामियां, रखरखाव में कमी तथा प्रबंधन से जुड़ी कुछ विसंगतियां सामने आईं। इन कमियों पर प्रशासक ने गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
लोक भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद प्रशासक ने लोक भवन में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडी की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निरीक्षण के समय ली गई तस्वीरें और वीडियो अधिकारियों को दिखाए और उनसे सुधारात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
प्रशासक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी के प्रबंधन में सुधार के लिए समयबद्ध कार्रवाई की जाए और जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी है, उन्हें स्पष्ट रूप से जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले व्यापारियों, विक्रेताओं और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कई कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
स्वच्छता कार्य से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारी हरविंदर कुमार (सेनेटेशन इंस्पेक्टर) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
राज कुमार (ऑक्शन रिकॉर्डर) और मदन लाल (मार्केट कमेटी कर्मचारी) को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा, मंडी में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के कारण ठेका कंपनी एम/एस दक्ष डिटेक्टिव एंड सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर सेवा स्तर समझौते के तहत 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को स्वच्छता टेंडर रद्द किए जाने को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

कई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस
प्रशासन ने निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में मंडी से जुड़े अन्य कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें
गुरमिंदर सिंह (मंडी सुपरवाइजर)
करमबीर सिंह (ऑक्शन रिकॉर्डर)
धीरज कुमार (कंडामैन)
शामिल हैं। इसके अलावा, मंडी में सामने आई अनियमितताओं को लेकर मार्केट कमेटी चंडीगढ़ के सचिव से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मंडी में स्वच्छता, प्रबंधन और समग्र कार्यप्रणाली को मजबूत किया जाए ताकि व्यापारियों, विक्रेताओं और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रशासन की ओर से प्रभावी और पारदर्शी जनसेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











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