समान काम के लिए समान वेतन, बोनस एक्ट लागू करने और डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
चंडीगढ़: कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्प्लाइज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ के आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर जारी भूख हड़ताल रविवार को 35वें दिन भी जारी रही। यह भूख हड़ताल सेक्टर-32 स्थित वाटर वर्क्स परिसर में चल रही है, जहां विभिन्न विभागों के कर्मचारी बारी-बारी से अनशन पर बैठ रहे हैं।
रविवार को 15 कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें वाटर सप्लाई विभाग से कोऑर्डिनेटर रवी सिंह, फॉरेस्ट विभाग से प्रधान छोटे लाल और प्रेम पाल, सीटीयू से प्रधान सतिंदर सिंह और अवतार सिंह, इलेक्ट्रिकल वर्कमैन यूनियन से आजाद अहमद और लखविंदर सिंह, सीवर यूनियन से रणजीत राम और रणजीत कुमार, सीएमसी रोड वर्कर्स यूनियन से दीन दयाल और उमाकांत, सीएमसी हॉर्टिकल्चर से अरूप सिंह तथा चंडीगढ़ रिटायर्ड एम्प्लॉयज मंच से मुनीलाल और करमचंद शामिल रहे।
10 दिसंबर से जारी आंदोलन
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर से लगातार रैलियां और प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जबकि 9 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू की गई थी। इसके बावजूद चंडीगढ़ प्रशासन ने अभी तक कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और न ही वार्ता के लिए आगे आया है।
नेताओं ने यूटी के प्रशासक से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों के मुद्दों का समाधान करवाया जाए और कोऑर्डिनेशन कमेटी के साथ किए गए वादों के अनुसार बातचीत कर मसले का हल निकाला जाए।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें समान काम के लिए समान वेतन लागू करना, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट को तुरंत लागू करना, कर्मचारियों को समय पर वेतन देना, लंबे समय से काम कर रहे डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित करना, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस काम पर रखना और विभिन्न विभागों में खाली पदों को जल्द भरना शामिल है।
इसके अलावा नगर निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जल्द पेंशन लाभ देने तथा केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) से मजदूर विरोधी प्रावधान हटाने की भी मांग की गई है।
24 मार्च को पुतला फूंक प्रदर्शन
कोऑर्डिनेशन कमेटी के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 24 मार्च को पुतला फूंक प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 2 अप्रैल को चंडीगढ़ सचिवालय का घेराव किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी चंडीगढ़ प्रशासन की होगी।
नेताओं ने कर्मचारियों को किया संबोधित
धरना स्थल पर कर्मचारियों को कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन सुरेश कुमार, कन्वीनर रघबीर चंद, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजिंदर कुमार, सीवर यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार, जनरल सेक्रेटरी नरेश कुमार, वाइस प्रेसिडेंट राहुल वैद, वाटर सप्लाई वर्कर्स यूनियन के प्रधान निर्मल सिंह, महासचिव राजिंदर सिंह, इलेक्ट्रिकल यूनियन के प्रधान किशोरी लाल, वरिंदर बिष्ट, सीएमसी हॉर्टिकल्चर वर्कर्स यूनियन के प्रधान हरजीत सिंह, महासचिव राम दुलार, वाइस प्रधान अमित शर्मा, सीएमसी रोड वर्कर्स यूनियन के चेयरमैन टॉपलेन, प्रधान राजिंद्रन, महासचिव प्रेम पाल, मनु राम, भोला सिंह, नगर निगम इलेक्ट्रिकल यूनियन के महासचिव दलजीत सिंह और हरप्रीत सिंह समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया।











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