नई दिल्ली, 4 जनवरी 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का तथाकथित “मनरेगा बचाओ संग्राम” वास्तव में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार की जड़ों पर प्रहार किए जाने से कांग्रेस बौखलाई हुई है और इसी कारण नई योजनाओं का विरोध कर रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को हमेशा से ग्राम, काम और राम से परेशानी रही है। यही उसकी राजनीति का मूल स्वभाव रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास के हर प्रयास का विरोध करती है और गांवों को सशक्त बनाने वाली योजनाओं से उसे असहजता होती है।
लोकसभा में बहस से भागी कांग्रेस: शिवराज
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा की चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं में सच सुनने का साहस नहीं था। उन्होंने सवाल किया कि जब सदन में अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, तब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कहां थे। संसद संवाद का मंच है, हंगामे का नहीं, लेकिन कांग्रेस ने चर्चा से बचने का रास्ता चुना।
मनरेगा में फर्जीवाड़े का खुलासा
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मनरेगा कांग्रेस शासन के दौरान भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थी। मजदूरों की जगह ठेकेदारों और मशीनों से काम दिखाया जाता था। एक ही काम को बार-बार नया बताकर भुगतान उठाया गया। उन्होंने बताया कि सोशल ऑडिट के दौरान 10 लाख से अधिक शिकायतें सामने आईं, जिनमें फर्जी मजदूरों और गलत हाजिरी का खेल उजागर हुआ।
मोदी सरकार में पारदर्शी निवेश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब तक ग्रामीण विकास पर 8.48 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि यूपीए सरकार के दौरान यह आंकड़ा करीब 2 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले इतने खर्च के बावजूद गांवों में स्थायी विकास क्यों नहीं दिखा।
‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना से बदलेगा गांवों का भविष्य
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना मनरेगा से आगे की एक पारदर्शी और तकनीक आधारित पहल है। इसमें 100 की जगह 125 दिन की कानूनी मजदूरी गारंटी, काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और भुगतान में देरी पर दंड का प्रावधान है। गांवों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने विकास कार्य स्वयं तय करें।
उन्होंने कहा कि अब केवल गड्ढे खोदने का नहीं, बल्कि जल संरक्षण, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, खेत-तालाब, चेक डैम और आपदा प्रबंधन जैसे स्थायी कार्यों का समय है। इस योजना के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 95,600 करोड़ रुपये होगी।
खेती और रोजगार में संतुलन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था में कृषि के पीक सीजन को ध्यान में रखकर काम तय किए जाएंगे, ताकि किसान और मजदूर दोनों को लाभ मिले। खेती के समय खेती और बाकी समय गांव के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कांग्रेस से भ्रम फैलाना बंद करने की अपील
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस से देश को गुमराह न करने की अपील करते हुए कहा कि यह समय टकराव का नहीं, सहयोग का है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना विकसित ग्राम और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला बनेगी और यही मोदी सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता है।











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