चंडीगढ़। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह विधानसभा परिसर में मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले मतदान कर चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत की। मतदान शाम 4 बजे तक जारी रहेगा, जबकि शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होने के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
इस बार का चुनाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार की उम्मीदें संभावित क्रॉस वोटिंग पर टिकी हुई हैं। इस बीच मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दावा किया कि भाजपा दोनों सीटों पर जीत हासिल करेगी।
विधानसभा में सुबह से हलचल, सभी विधायकों की मौजूदगी पर नजर
राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा परिसर में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को सुबह 10 बजे तक चंडीगढ़ पहुंचने के निर्देश दिए थे, ताकि समय रहते मतदान किया जा सके।
दूसरी ओर कांग्रेस के विधायक हिमाचल प्रदेश के कसौली से रवाना होकर चंडीगढ़ पहुंच गए हैं और वे भी मतदान में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों प्रमुख दलों की कोशिश है कि कोई भी विधायक अनुपस्थित न रहे और मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की चूक न हो।
भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने
इस चुनाव में भाजपा ने संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को मैदान में उतारा है।
इसके अलावा भाजपा से जुड़े नेता सतीश नांदल निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। राज्यसभा सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 31 कोटा वोटों की जरूरत है। मौजूदा राजनीतिक गणित के अनुसार फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाती दिखाई दे रही है।
क्रॉस वोटिंग से बदल सकता है पूरा समीकरण
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की उम्मीदें पूरी तरह क्रॉस वोटिंग पर टिकी हैं। उनके साथ तीन निर्दलीय विधायक — देवेंद्र कादियान, सावित्री जिंदल और राजेश जून — खुले तौर पर समर्थन जता चुके हैं।
नांदल का दावा है कि कांग्रेस के करीब 10 विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि भाजपा के भी कुछ विधायक उनका समर्थन कर सकते हैं। हालांकि इन दावों की सच्चाई का पता मतदान और मतगणना के बाद ही चल पाएगा।
भाजपा विधायकों को होटल में दी गई विशेष ट्रेनिंग
राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने विधायकों को मतदान प्रक्रिया की ट्रेनिंग भी दी। 14 और 15 मार्च को चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में छह सत्र आयोजित किए गए, जिनमें मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
एक अभ्यास के दौरान तीन विधायकों के वोट रद्द हो गए थे, जिसके बाद उन्हें दोबारा सही तरीके से मतदान का अभ्यास कराया गया। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वरिष्ठ नेता अनिल विज ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो सके, लेकिन वे मतदान करने विधानसभा पहुंचेंगे।
कांग्रेस विधायकों की शिमला और कसौली में रिहर्सल
कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई। 13 मार्च को 31 विधायकों को शिमला के एक होटल में ठहराया गया, जहां उन्हें मतदान की रिहर्सल कराई गई।
इसके बाद 14 मार्च को सभी विधायकों को कसौली शिफ्ट कर दिया गया, ताकि मतदान वाले दिन वे आसानी से चंडीगढ़ पहुंच सकें और समय पर वोट डाल सकें।
इनेलो का रुख अभी भी स्पष्ट नहीं
इस बीच इंडियन नेशनल लोकदल ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है। माना जा रहा है कि पार्टी के दोनों विधायक मतदान से दूरी बना सकते हैं।
अगर ऐसा होता है तो चुनावी गणित में बदलाव संभव है। फिलहाल सभी दलों की नजर संभावित क्रॉस वोटिंग और विधायकों के अंतिम रुख पर टिकी हुई है।
अब सभी की निगाहें शाम 5 बजे शुरू होने वाली मतगणना पर हैं, जहां यह तय होगा कि हरियाणा से राज्यसभा की दोनों सीटों पर किसकी जीत होती है।










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