April 6, 2026 3:38 am

April 6, 2026 3:38 am

हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026: देर रात आए नतीजे, बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध बने सांसद, वोटिंग से काउंटिंग तक चला सियासी ड्रामा

चंडीगढ़: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे सोमवार देर रात घोषित किए गए। लंबी देरी और विवादों के बीच आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध विजयी घोषित किए गए। चुनाव के दौरान वोटों की वैधता, सीक्रेसी और क्रॉस वोटिंग को लेकर दोनों दलों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।

देर रात तक चली मतगणना
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा परिसर में हुआ। मतदान प्रक्रिया शाम 4 बजे तक पूरी हो गई थी और मतगणना 5 बजे शुरू होनी थी, लेकिन कुछ वोटों पर आपत्ति और चुनाव आयोग से अनुमति मिलने में देरी के कारण काउंटिंग करीब 5 घंटे से ज्यादा देर से रात लगभग 10:30 बजे शुरू हो सकी। इसके बाद देर रात परिणाम घोषित किए गए

दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में
हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए कुल तीन उम्मीदवार मैदान में थे।
बीजेपी के संजय भाटिया
कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल, जिन्हें बीजेपी का समर्थन हासिल था।
अंततः संख्याबल के आधार पर एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में चली गई।

संजय भाटिया ने क्या कहा
जीत के बाद बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया ने कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने में असफल रही और अब क्रॉस वोटिंग का आरोप बीजेपी पर लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता हरियाणा के लोगों के मुद्दों को राज्यसभा में मजबूती से उठाना होगी।
उन्होंने दावा किया कि
बीजेपी को पहली पसंद के 39 वोट मिले
कांग्रेस को 28 वोट मिले
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 16 वोट मिले।
कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र की जीत
कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की जीत के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है और “वोट चोरी” की राजनीति की हार हुई है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस अपने लक्ष्य में सफल रही।

दीपेंद्र हुड्डा का आरोप
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए हर तरह के दबाव और रणनीति का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि कुछ वोटों को गलत तरीके से अमान्य घोषित करने की कोशिश की गई, फिर भी कांग्रेस उम्मीदवार जीतने में सफल रहा।

वोटों को लेकर विवाद
चुनाव के दौरान कुछ वोटों की गोपनीयता को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया।
बीजेपी ने विधायक परमवीर सिंह और भरत सिंह बेनीवाल के वोट की सीक्रेसी लीक होने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट पर आपत्ति दर्ज कराई।
बाद में चुनाव आयोग ने अनिल विज का वोट वैध माना, जबकि परमवीर सिंह के वोट पर बीजेपी की आपत्ति को सही ठहराया गया। इस फैसले को कांग्रेस के लिए झटका माना गया।

88 विधायकों ने डाला वोट
90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में से 88 विधायकों ने मतदान किया, जबकि इनेलो के दो विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए।
इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि यह फैसला पार्टी की रणनीति के तहत लिया गया।
व्हीलचेयर पर वोट डालने पहुंचे अनिल विज
राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज भी चर्चा में रहे। दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के बावजूद वह व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे और अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण चुनाव में जरूरत पड़ती तो वह स्ट्रेचर पर भी वोट डालने आते।

विधायकों को हिमाचल भेजने पर सियासत
चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को संभावित क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला और कसौली भेज दिया था। इस मुद्दे पर बीजेपी ने कांग्रेस पर अपने ही विधायकों पर अविश्वास का आरोप लगाया।

विधानसभा में संख्या का गणित
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं।
बीजेपी: 48 विधायक
कांग्रेस: 37 विधायक
इनेलो: 2 विधायक
निर्दलीय: 3 विधायक
राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 31 वोटों की आवश्यकता थी।
खाली हो रही थीं ये सीटें
हरियाणा से राज्यसभा की जिन दो सीटों पर चुनाव हुआ, वे किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही थीं। दोनों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 में एक बार फिर सियासी रणनीति, क्रॉस वोटिंग की आशंका और वोटों की वैधता को लेकर विवाद देखने को मिला। हालांकि अंतिम परिणाम में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को एक-एक सीट मिलने से राजनीतिक संतुलन बरकरार रहा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 3 4 4
Total Users : 291344
Total views : 493640

शहर चुनें