October 12, 2026 12:35 pm

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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद-सोनीपत रूट पर सफल ट्रायल, दो बार दौड़ी ट्रेन; 70–75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार

जींद: हरियाणा के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। तकनीकी सुधार और मेंटेनेंस के बाद सोमवार को ट्रेन का दोबारा सफल ट्रायल किया गया। इस बार ट्रेन को जींद से सोनीपत रूट पर दो चक्कर लगाकर चलाया गया, जो पिछले ट्रायल के मुकाबले बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।
सुबह करीब 7:30 बजे हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड से ट्रेन को बाहर निकाला गया, जिसके बाद इसे जींद जंक्शन लाया गया। यहां से लगभग 11:15 बजे ट्रेन सोनीपत के लिए रवाना हुई। ट्रायल के दौरान ट्रेन को पैसेंजर ट्रेन की तरह हर स्टेशन और जंक्शन पर एक से दो मिनट के लिए रोका गया, ताकि सिग्नलिंग, ब्रेकिंग और स्टेशन ऑपरेशन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा सके।

दोपहर में सोनीपत पहुंची ट्रेन
ट्रायल के तहत ट्रेन दोपहर लगभग 2:50 बजे सोनीपत स्टेशन पहुंची। यहां करीब 10 मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन 3 बजे सोनीपत से वापस जींद के लिए रवाना हुई। वापसी में ट्रेन शाम 5:10 बजे जींद पहुंची। इसके बाद परीक्षण को और बेहतर बनाने के लिए शाम 5:30 बजे ट्रेन को दोबारा जींद से सोनीपत के लिए रवाना किया गया।
इस तरह पहली बार इस रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन के दो फेरे लगाए गए, जिससे रेलवे अधिकारियों को ट्रेन के प्रदर्शन का विस्तृत आकलन करने का मौका मिला।

70–75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
ट्रायल के दौरान ट्रेन की गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रखी गई। अधिकारियों के अनुसार, यह गति परीक्षण के लिए उपयुक्त मानी जाती है ताकि ट्रैक, इंजन और कोच की तकनीकी स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
इससे पहले 25 से 28 फरवरी तक चार दिन चले ट्रायल के दौरान ट्रेन ने इस रूट पर केवल एक चक्कर लगाया था। बाद में ट्रेन को तकनीकी मेंटेनेंस के लिए दिल्ली भेजा गया था। मेंटेनेंस पूरा होने के बाद ट्रेन को फिर से जींद लाकर दोबारा ट्रायल किया गया।
जींद-सोनीपत रूट पर पहली हाइड्रोजन ट्रेन
जींद से सोनीपत के बीच फिलहाल तीन पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। इनमें
पहली ट्रेन सुबह 6:15 बजे चलकर करीब 8:45 बजे सोनीपत पहुंचती है।
दूसरी ट्रेन सुबह 10:30 बजे रवाना होकर लगभग 12:45 बजे सोनीपत पहुंचती है।
तीसरी ट्रेन 12:30 बजे चलकर करीब 2:30 बजे सोनीपत पहुंचती है।
इसी रूट पर अब देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन को चलाने की तैयारी की जा रही है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। यह ट्रेन डीजल की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहेगा।

जींद से सोनीपत के बीच ये स्टेशन
करीब 90 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर ट्रेन कई छोटे-बड़े स्टेशनों से होकर गुजरती है। इनमें प्रमुख रूप से
भंभेवा, ईसापुर खेड़ी, बुटाना, गोहाना, राबरा, लाठ, मुहाना, बरवांसी और सोनीपत शामिल हैं।
सोमवार के ट्रायल में इन स्टेशनों पर ट्रेन को पैसेंजर ट्रेन की तरह करीब एक मिनट तक रोका गया, जबकि पहले ट्रायल के दौरान केवल पांडू पिंडारा, भंभेवा और मुहाना स्टेशनों पर ही ठहराव दिया गया था।

पर्यावरण के लिए बड़ी पहल
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन का उद्देश्य पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो आने वाले समय में इस तकनीक का इस्तेमाल देश के अन्य रूटों पर भी किया जा सकता है।
इस ट्रायल को रेलवे के लिए एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यह ट्रेन नियमित संचालन के लिए तैयार हो जाएगी।

Abhishek Goyat
Author: Abhishek Goyat

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