हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भी कर सकती है जांच
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम में सामने आए करीब 108–116 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) भी करेगा। ईडी ने इस मामले को हरियाणा में दर्ज 590 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जोड़ते हुए अपनी ECIR (Enforcement Case Information Report) में मर्ज कर लिया है। इससे अब जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा के मामले में दर्ज ECIR में ही चंडीगढ़ नगर निगम घोटाले को शामिल करते हुए कई आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें रिभव ऋषि, उसके सहयोगी और विक्रम वधवा जैसे नाम शामिल हैं। चंडीगढ़ नगर निगम 108 करोड़ का मामला भी अब ईडी के दायरे में आ गया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भी चंडीगढ़ के अधिकारियों से मिलकर जांच करेगी।
कई जगहों पर छापेमारी
ईडी ने जांच को आगे बढ़ाते हुए चंडीगढ़ सेक्टर-37B, कालका और खरड़ में छापेमारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इन स्थानों से वित्तीय लेन-देन और फर्जी निवेश से जुड़े अहम दस्तावेज मिल सकते हैं।
- 200 करोड़ के लेन-देन की जांच
जांच के दौरान सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वैलर्स भी एजेंसियों के रडार पर आ गया है। सूत्र बताते हैं कि ज्वैलरी कारोबारी के खातों में 200 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद-फरोख्त सामने आई है, लेकिन इसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। यह लेन-देन संदिग्ध माना जा रहा है और इसकी गहन जांच की जा रही है।
अफसरों तक पहुंच सकती है जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा पुलिस का विजिलेंस विभाग अब चंडीगढ़ के कुछ अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकता है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान रिभव ऋषि ने कुछ अधिकारियों के साथ अपने संबंधों और कथित तौर पर दिए गए गिफ्ट्स का जिक्र किया है। हालांकि, उसने यह भी कहा है कि संबंधित अधिकारियों को फर्जी एफडी की जानकारी नहीं थी।
शेल कंपनियों और संपत्ति की कड़ी
जांच एजेंसियों को यह भी संकेत मिले हैं कि इस घोटाले से जुड़े पैसों को शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया। साथ ही, कुछ कीमती सिक्कों और निवेश से जुड़ी संपत्ति एक महिला राधिका के नाम पर होने की आशंका भी जताई जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ा
ईडी और हरियाणा विजिलेंस की संयुक्त कार्रवाई से यह साफ है कि मामला अब केवल नगर निगम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें बड़े वित्तीय नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।










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