चंडीगढ़: आज चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि है, जिसे धार्मिक मान्यताओं में विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन को अंधकार का प्रतीक माना जाता है और मान्यता है कि इस दिन माता काली का प्रभाव रहता है। श्रद्धालु इस दिन ध्यान, दान-पुण्य और पितरों के तर्पण को अत्यंत शुभ मानते हैं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को दान देना, पशु-पक्षियों को भोजन कराना और पूर्वजों की पूजा करना विशेष फलदायी होता है। वहीं, विवाह या नई शुरुआत जैसे शुभ कार्यों से आज के दिन परहेज करने की सलाह दी जाती है। नई शुरुआत के लिए चंद्रोदय का इंतजार करना उचित माना गया है।
आज का पंचांग (19 मार्च 2026)
विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: अमावस्या
दिन: गुरुवार
योग: शुक्ल
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा
करण: नाग
चंद्र राशि: मीन
सूर्य राशि: मीन
सूर्योदय: सुबह 06:27 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:31 बजे
चंद्रास्त: शाम 06:59 बजे
चंद्रोदय: नहीं
राहुकाल: दोपहर 02:00 से 03:30 बजे
यमगंड: सुबह 06:27 से 07:57 बजे
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रमा मीन राशि में रहते हुए उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में संचार कर रहा है। इस नक्षत्र के देवता अहिर्बुध्न्य माने जाते हैं, जो नाग देवता हैं, जबकि इसका स्वामी ग्रह शनि है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह नक्षत्र कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ माना जाता है, जैसे—
भूमि पूजन या नींव रखना
पेड़-पौधे लगाना
मंदिर निर्माण या देव स्थापना
प्रायश्चित अनुष्ठान
बीज बोना या कृषि कार्य
आज का वर्जित समय
आज दोपहर 02:00 से 03:30 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसे अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड और अन्य अशुभ मुहूर्तों में भी महत्वपूर्ण कार्य करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
आज का दिन आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ है। जहां एक ओर यह दिन पितरों के स्मरण का अवसर देता है, वहीं दूसरी ओर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का भी माध्यम बनता है।










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