May 23, 2026 9:17 pm

May 23, 2026 9:17 pm

PANCHKULA: वार्ड बंदी में अनुसूचित जाति से भेदभाव का आरोप, विधायक चंद्र मोहन ने हाईकोर्ट जाने का किया ऐलान

पंचकूला। नगर निगम की नई वार्ड बंदी को लेकर कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विधायक चंद्र मोहन ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि वार्ड बंदी में अनुसूचित जाति वर्ग के साथ सीधा भेदभाव किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले अनुसूचित जाति के लिए चार वार्ड थे, जिन्हें घटाकर तीन कर दिया गया है, जबकि जनसंख्या के अनुपात में चार वार्ड बनाए जाने चाहिए थे।
विधायक ने आरोप लगाया कि वार्ड बंदी इस तरह से की गई है कि कई कॉलोनियों और क्षेत्रों को दूर-दराज के इलाकों के साथ जोड़ दिया गया है। इससे आम नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी 5 से 6 किलोमीटर दूर पार्षद के पास हस्ताक्षर और मोहर के लिए जाना पड़ेगा, जो पूरी तरह अव्यवहारिक है।
चंद्र मोहन ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में बेसहारा पशुओं, आवारा कुत्तों, पार्कों और सड़कों की हालत बद से बदतर है। सड़कों पर गायें कूड़ा खा रही हैं और आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं और नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्री लगभग हर महीने पंचकूला आते हैं, लेकिन इससे शहर को कोई विकास लाभ नहीं मिलता। पुलिस प्रशासन उनकी आवभगत में लगा रहता है और मंत्री केवल “पकौड़े खाकर चले जाते हैं”, जबकि यह काम वे सचिवालय में भी कर सकते हैं।
विधायक ने कहा कि नगर निगम में उपमहापौर और वरिष्ठ उपमहापौर के चुनाव जानबूझकर नहीं कराए गए, क्योंकि भाजपा को हार का डर है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले नगर निगम चुनावों में महापौर और अधिकांश पार्षद कांग्रेस के होंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवीन बंसल ने कहा कि वार्ड बंदी पूरी तरह गलत है और इसके खिलाफ पार्टी हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने सेक्टर-21 का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक सक्षम वार्ड बन सकता था, लेकिन जानबूझकर इसे दो हिस्सों में बांट दिया गया—एक हिस्सा सेक्टर-4 के साथ और दूसरा सेक्टर-20 व फतेहपुर गांव के साथ जोड़ दिया गया। इससे एक ही सेक्टर में दो पार्षद हो जाएंगे और जनता भ्रम की स्थिति में रहेगी।
वार्ड नंबर-7 की पार्षद उषा रानी ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में उनके वार्ड के लिए कोई विशेष योजना नहीं लाई गई। कॉलोनी को अवैध बताकर विकास कार्य रोके गए। उन्होंने बताया कि गांव बुढनपुर में श्मशान घाट की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसका टेंडर अब पास हुआ है और हाल ही में विधायक चंद्र मोहन ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वार्ड में बनी धर्मशाला की चाबी जनता को देने के बजाय सेवा भारती को सौंप दी गई।
कांग्रेस नेता डॉ. रामप्रसाद ने कहा कि कॉलोनियों में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और नशेड़ी लोगों की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक चंद्र मोहन को सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाता, जबकि हारे हुए भाजपा प्रत्याशी मंच साझा करते हैं और उद्घाटन करते हैं।
वहीं, पार्षद संदीप सोही और वार्ड नंबर-15 के पार्षद गौतम प्रसाद ने कहा कि उनके वार्डों में जो भी विकास कार्य हुए हैं, वे उनकी व्यक्तिगत मेहनत से हुए हैं। भाजपा महापौर या पार्टी का इसमें कोई योगदान नहीं है। गौतम प्रसाद ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस के सभी पार्षद लगातार उपेक्षा का शिकार रहे हैं।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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