April 5, 2026 6:06 am

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पंचांग : 22 मार्च 2026 को शुक्ल चतुर्थी, जानिए शुभ-अशुभ समय और दिनभर के संकेत

चंडीगढ़/पंचकूला: आज रविवार, 22 मार्च 2026 को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश का दिन माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह तिथि विरोधियों के खिलाफ रणनीति बनाने और योजनाओं को मजबूत करने के लिए उपयुक्त मानी जाती है, लेकिन ‘रिक्ता तिथि’ होने के कारण शुभ और मांगलिक कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
दिन का पंचांग

विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी
दिन: रविवार
योग: वैधृति
नक्षत्र: भरणी
करण: वणिज
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: मीन
सूर्योदय: 06:23 बजे
सूर्यास्त: 06:33 बजे
चंद्रोदय: 08:10 बजे
चंद्रास्त: 10:20 बजे रात
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहकर भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। इस नक्षत्र के देवता यम माने जाते हैं और इसका स्वामी शुक्र ग्रह है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भरणी नक्षत्र उग्र और क्रूर स्वभाव का होता है, इसलिए इस दिन शुभ कार्यों की शुरुआत करना उचित नहीं माना जाता।
हालांकि, कुछ विशेष कार्य इस नक्षत्र में फलदायी माने जाते हैं, जैसे—
कृषि कार्य और कुआं खोदना
औषधि निर्माण
अग्नि से संबंधित कार्य
प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के प्रयास
वहीं, इस दौरान किसी को धन उधार देना, विवाह या अन्य मांगलिक कार्य करना अशुभ माना गया है।
राहुकाल और वर्जित समय
आज के दिन राहुकाल शाम 17:02 से 18:33 बजे तक रहेगा। इस समय में कोई भी शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा यमगंड (12:28 से 13:59 बजे), गुलिक काल और दुमुहूर्त जैसे अशुभ समय में भी महत्वपूर्ण कार्य टालना बेहतर रहेगा।

क्या करें और क्या न करें
✔️ रणनीतिक योजना, अध्ययन और विश्लेषण के कार्य करें
✔️ प्रतियोगी परीक्षा या करियर से जुड़े निर्णय लेने पर विचार कर सकते हैं
❌ विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करने से बचें
❌ धन उधार देने या बड़े निवेश से परहेज करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बाधाओं में कमी आती है और बुद्धि व विवेक में वृद्धि होती है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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