बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में कुल 31 एजेंडे प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 18 को मंजूरी दी गई। करीब 6 घंटे चली इस अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में कई महत्वपूर्ण फैसलों और मुद्दों पर जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बी-फार्मा पदों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण लंबे समय से रिक्तियां बनी हुई थीं। इसे देखते हुए अब भर्ती प्रक्रिया में 6 महीने के प्रशिक्षण की शर्त में ढील दी गई है।
कर्मचारियों को ऋण देने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने एजी (अकाउंटेंट जनरल) के माध्यम से दोबारा ऋण उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है।
गैस संकट पर बड़ा फैसला
वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित होने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण पूरी दुनिया इस समस्या से जूझ रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एलपीजी के स्थान पर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में करीब 5 लाख पीएनजी कनेक्शन हैं, लेकिन लगभग 2 लाख उपभोक्ता इसका उपयोग नहीं कर रहे। सरकार लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित करेगी और गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही सोलर चूल्हा और इलेक्ट्रिक उपकरणों को वैकल्पिक साधन के रूप में अपनाने की भी अपील की गई। पाइपलाइन बिछाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने ‘डीम्ड परमिशन’ के निर्देश जारी किए हैं, जिससे पीएनजी नेटवर्क का विस्तार तेज होगा।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वैश्विक संकट के समय सहयोग की भावना से काम करना चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, वह भ्रष्टाचार में फंसी हुई है।
उन्होंने अरविन्द केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए उनके आवास पर खर्च को लेकर सवाल उठाए। साथ ही पंजाब सरकार पर भी वादे पूरे न करने के आरोप लगाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, एडीआईपीआर वर्षा खांगवाल और मीडिया सलाहकार प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।
हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प, 100 दिवसीय अभियान शुरू
चंडीगढ़, 24 मार्च। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर “टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय अभियान” के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए राज्य को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि यह अभियान नरेंद्र मोदी के उस विजन के अनुरूप है, जिसमें भारत को वैश्विक लक्ष्य से पहले टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य अब पारंपरिक लक्षण आधारित पहचान के बजाय सक्रिय स्क्रीनिंग मॉडल अपनाएगा। इसके तहत हाई-रिस्क क्षेत्रों में एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जाएगा और मोबाइल मेडिकल यूनिट व ‘निक्षय वाहन’ घर-घर जाकर जांच करेंगे।
समग्र स्वास्थ्य जांच पर जोर
‘आयुष्मान आरोग्य शिविरों’ के माध्यम से टीबी जांच के साथ-साथ बीपी, बीएमआई, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच भी की जाएगी।
उन्होंने ‘निक्षय मित्र’ और स्वयंसेवी संगठनों से टीबी मरीजों को पोषण और मानसिक सहयोग देने की अपील की।
30 मरीजों को लिया गोद
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं ‘निक्षय मित्र’ बनकर 30 टीबी मरीजों को गोद लिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि ब्लॉक स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर रोजाना प्रगति की निगरानी की जाए, ताकि 100 दिनों के इस अभियान को प्रभावी बनाया जा सके।











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