April 6, 2026 12:45 pm

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हरियाणा साइबर पुलिस देश में नंबर-1: ठगी की 36% राशि समय रहते सुरक्षित, रिकॉर्ड गिरफ्तारियां

चंडीगढ़, 5 जनवरी। साइबर ठगी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई में हरियाणा ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। NCRP पोर्टल के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी की लगभग 36 प्रतिशत राशि समय रहते ब्लॉक कर पीड़ितों को बड़ी राहत दिलाई। दूसरे स्थान पर रहे राज्य की दर करीब 27 प्रतिशत रही, यानी हरियाणा ने 9 प्रतिशत अंकों की बड़ी बढ़त के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि हरियाणा की साइबर पुलिसिंग प्रणाली तेज़, तकनीक-आधारित और परिणामोन्मुख है। वर्ष 2025 में समन्वित और सख्त कार्रवाई के चलते साइबर ठगी से होने वाले कुल वित्तीय नुकसान में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जो आमजन के बढ़ते विश्वास और जीरो-टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।
2025 में रिकॉर्ड कार्रवाई, हजारों गिरफ्तार
साइबर अपराध के मोर्चे पर वर्ष 2025 ऐतिहासिक रहा।
कुल 1,41,685 शिकायतें दर्ज हुईं, जो 2024 से 8.5% अधिक हैं।
6,212 साइबर अपराध के केस दर्ज किए गए, जिनमें 12.7% की वृद्धि हुई।
स्वप्रेरित (सुओ-मोटो) कार्रवाई में 62.6% की बढ़ोतरी के साथ 356 मामले दर्ज हुए।
8,022 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई, यानी औसतन 22 गिरफ्तारियां प्रतिदिन।
इन कार्रवाइयों का सीधा असर यह रहा कि साइबर ठगी की राशि 980 करोड़ रुपये से घटकर 630 करोड़ रुपये रह गई। यानी करीब 350 करोड़ रुपये (36%) की कमी, जो प्रतिदिन लगभग 1 करोड़ रुपये की बचत को दर्शाती है। ठगी की राशि को होल्ड व रिकवर करने की दर भी 27% से बढ़कर 40% तक पहुंच गई।
1930 साइबर हेल्पलाइन: पीड़ितों के लिए त्वरित राहत
हरियाणा पुलिस की 24×7 साइबर हेल्पलाइन 1930 पीड़ितों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बनी है। कॉल मिलते ही शिकायत का रियल-टाइम पंजीकरण कर बैंकों से समन्वय के जरिए ठगी की राशि तुरंत फ्रीज कराई जाती है।
पंचकूला स्थित ईआरएसएस (डायल-112) भवन में संचालित इस अत्याधुनिक कॉल सेंटर में 74 पुलिस अधिकारी, प्रमुख बैंकों के 16 नोडल अधिकारी, बैंक फॉलो-अप यूनिट, एस4सी अधिकारी और म्यूल अकाउंट टारगेट टीम लगातार कार्यरत है।
एस4सी हरियाणा: संगठित नेटवर्क पर सीधा प्रहार
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एस4सी मॉडल पर स्थापित स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एस4सी) के माध्यम से फील्ड यूनिट्स, बैंकों और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ प्रभावी तालमेल बनाया गया है।
क्राइम लिंकेज, यूआरएल ब्लॉकिंग, मोबाइल ब्लॉकिंग और हाई-वैल्यू केस स्क्रूटनी जैसी इकाइयों के जरिए साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क को तोड़ा गया। मोबाइल ब्लॉकिंग मॉडल को आई4सी ने सराहा है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने पर विचार हो रहा है।
पांच सूत्रीय रणनीति से निर्णायक परिणाम
वर्ष 2025 में अपनाई गई रणनीति के तहत—
1.50 लाख से अधिक मोबाइल नंबर,
12,326 आईएमईआई,
5,123 फर्जी वेबसाइट/सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए गए।
3.54 लाख म्यूल बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए।
91 संदिग्ध बैंक शाखाओं की पहचान और 62 बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई।
जन-जागरूकता अभियानों से 1.9 करोड़ से अधिक नागरिकों तक सीधा संदेश पहुंचाया गया।
डीजीपी अजय सिंघल का विज़न 2026
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि वर्ष 2026 में साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई को और अधिक तकनीक-सशक्त, नागरिक-केंद्रित और प्रो-एक्टिव बनाया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, रियल-टाइम बैंकिंग समन्वय और इंटेलिजेंस के जरिए अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से तोड़ा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोकथाम, ठगी की राशि को समय रहते सुरक्षित करना और पीड़ित को त्वरित राहत सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। डीजीपी ने भरोसा जताया कि हरियाणा 2026 में साइबर सुरक्षा का मॉडल राज्य बनकर उभरेगा।

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Author: BabuGiri Hindi

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