पंचकूला नगर निगम कार्यालय पर इनेलो का धरना-प्रदर्शन, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
पंचकूला, 1 अप्रैल: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने कथित कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले के असली दोषियों को बेनकाब करने की मांग को लेकर नगर निगम पंचकूला कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सतिंदर टोनी और प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने किया।
इनेलो कार्यकर्ताओं ने रैली चौक से जुलूस निकालते हुए नगर निगम कार्यालय तक मार्च किया और इस दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतिंदर टोनी ने आरोप लगाया कि नगर निगम में हर स्तर पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक सभी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं और जनता का पैसा सुरक्षित नहीं है।
वहीं, मनोज अग्रवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से शहर की सत्ता पर काबिज प्रभावशाली नेताओं की जानकारी और सहमति के बिना कोई काम संभव नहीं था। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान नगर निगम की करीब डेढ़ अरब रुपये की एफडीआर में गड़बड़ी हुई, जिससे जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में एक प्रभावशाली व्यक्ति के करीबी रिश्तेदार के खातों में रकम ट्रांसफर होने की चर्चाएं हैं। अग्रवाल के अनुसार, उक्त व्यक्ति ने चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित एक पते पर 20 से अधिक कंपनियां रजिस्टर करवाई हुई हैं, जिनमें उसके परिवार के सदस्य ही निदेशक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घोटाले का खुलासा होने के बाद संबंधित व्यक्ति परिवार सहित विदेश फरार हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में गिरफ्तार विकास कौशिक लंबे समय तक नगर निगम में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहा और उसी दौरान बैंक खाते खोले गए तथा कथित घोटाला हुआ।
धरने में महिला जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी, व्यापार सेल जिलाध्यक्ष शिट्टू राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश्वर शर्मा, प्रधान महासचिव भागीरथ प्रजापत, महिला प्रधान महासचिव गीता रानी सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें सेवा से बर्खास्त कर सख्त सजा दी जाए।










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