राजनीतिक प्रभाव, फर्जी खाते और समय से पहले एफडी तोड़ने के आरोपों से करोड़ों के नुकसान की आशंका
पंचकूला, 3 अप्रैल 2026: पंचकूला नगर निगम में सामने आए एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए पूर्व सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 24 मार्च 2026 को दर्ज मामले के तहत की गई, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, विकास कौशिक पर अपने पद का दुरुपयोग कर सुनियोजित तरीके से करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले को अंजाम देने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में मैनेजर फाइनेंस रहते हुए राजनीतिक सिफारिश के दम पर पंचकूला नगर निगम में अकाउंट ऑफिसर का अतिरिक्त प्रभार हासिल किया और बाद में वित्तीय फैसलों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया।
बैंक खातों के जरिए हुआ धन का हेरफेर
जांच में सामने आया है कि कौशिक ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11 पंचकूला में नगर निगम के नाम पर फर्जी खाते खुलवाए। इन खातों के माध्यम से सरकारी धन के लेन-देन में गड़बड़ी की गई।
एफडी तोड़कर निजी बैंकों में लगाया पैसा
सूत्रों के अनुसार, कौशिक ने अपने कार्यकाल के दौरान एफडी को समय से पहले तुड़वाकर कम ब्याज दर पर निजी बैंकों में निवेश किया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
अनियमितताओं पर उठी आवाज दबाई गई
पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में एक महिला सुपरिटेंडेंट द्वारा अनियमितताओं पर आपत्ति जताने और रिपोर्ट तैयार करने के बावजूद मामले को दबा दिया गया। उच्च स्तर पर मिलीभगत के आरोप भी सामने आए हैं।
कर्मचारियों पर दबाव और तबादले का हथियार
जांच में यह भी सामने आया कि अन्य अधिकारियों को हटाकर कार्य एक सहायक को सौंप दिया गया। कर्मचारियों की एसीआर लंबित रखकर दबाव बनाया गया, जबकि विरोध करने वाले एक अधिकारी का तबादला नूंह कर दिया गया, जिसे बाद में कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
जांच का दायरा बढ़ा, और खुलासे संभव
एसीबी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में अन्य अधिकारियों व बैंक कर्मियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। शुरुआती जांच में यह मामला बड़े स्तर पर संगठित गड़बड़ी का संकेत दे रहा है।











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