पंचकूला, 6 अप्रैल। पंचकूला नगर निगम के बहुचर्चित एफडी घोटाले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्य आरोपी पूर्व सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर विकास कौशिक की संपत्तियों के साथ-साथ अब हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में उनकी भूमिका भी जांच के केंद्र में आ गई है।
दोहरी जिम्मेदारी में अनियमितताओं के आरोप
सूत्रों के अनुसार, घोटाले के समय विकास कौशिक हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर के पद पर तैनात थे, जबकि पंचकूला नगर निगम में उनके पास अतिरिक्त प्रभार (एडिशनल चार्ज) भी था। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने वित्तीय प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं कीं।
बताया जा रहा है कि पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में भी एफडी को समय से पहले तुड़वाकर निजी बैंकों में कम ब्याज दर पर निवेश किया गया। इसके पीछे मोटे कमीशन की आशंका जताई जा रही है, जिससे सरकारी खजाने और कॉर्पोरेशन को भारी वित्तीय नुकसान हुआ हो सकता है। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
संपत्तियों का नेटवर्क: कई जगह निवेश की चर्चा
विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक, विकास कौशिक से जुड़े संभावित निवेश और संपत्तियों की जांच कई स्थानों तक पहुंच गई है।
मोरनी, रायपुरानी, नारायणगढ़ और मोहाली क्षेत्र में प्रॉपर्टी और फार्महाउस खरीदे जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।
जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि ये संपत्तियां सीधे उनके नाम पर हैं या फिर परिजनों और करीबी सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई हैं।
लग्जरी गाड़ियों का शौक भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, विकास कौशिक को महंगी गाड़ियों का शौक था। उनके पास बीएमडब्ल्यू और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी लग्जरी गाड़ियां होने की चर्चा है। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि इन वाहनों की खरीद में इस्तेमाल की गई राशि का स्रोत क्या था।
मनी ट्रेल और डिजिटल साक्ष्य खंगालने पर जोर
विजिलेंस टीम अब मनी ट्रेल को जोड़ने में जुटी है। बैंक खातों, एफडी रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और प्रॉपर्टी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसमें अन्य अधिकारी, बैंक कर्मचारी और बिचौलिये भी शामिल हो सकते हैं।
संपत्ति जब्ती और आगे की कार्रवाई संभव
यदि जांच में यह साबित होता है कि घोटाले की रकम से संपत्तियां और अन्य लग्जरी सामान खरीदे गए हैं, तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, अन्य विभागों और एजेंसियों की एंट्री भी संभव मानी जा रही है।
बड़े खुलासों के आसार
विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अब जांच केवल पंचकूला नगर निगम तक सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य संस्थानों तक भी इसका दायरा बढ़ चुका है।
गौरतलब है कि यह घोटाला प्रदेश के हालिया सबसे बड़े वित्तीय मामलों में गिना जा रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और खुलासों पर टिकी हैं।
विकास कौशिक की संपत्तियों पर विजिलेंस का शिकंजा, मनी ट्रेल खंगालने में जुटी जांच एजेंसी
पंचकूला नगर निगम के बहुचर्चित एफडी घोटाले में अब जांच का फोकस मुख्य आरोपी पूर्व सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर विकास कौशिक की संपत्तियों पर आ गया है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो लगातार नए खुलासे कर रहा है और अब यह पता लगाने में जुटा है कि कथित गबन की रकम कहां-कहां निवेश की गई।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस टीम विकास कौशिक की चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा जुटा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या घोटाले की रकम से प्रॉपर्टी खरीदी गई, या फिर रकम को अन्य लोगों के नाम पर निवेश किया गया। इसके लिए उनके बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
गांव से लेकर शहर तक खंगाली जा रही संपत्ति
जांच का दायरा केवल पंचकूला तक सीमित नहीं रखा गया है। विजिलेंस टीम विकास कौशिक के पैतृक गांव, ससुराल और अन्य संभावित ठिकानों पर भी नजर बनाए हुए है। वहां मौजूद संपत्तियों और निवेश की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं संपत्तियां रिश्तेदारों या करीबी सहयोगियों के नाम पर तो नहीं खरीदी गईं।
रियल एस्टेट कनेक्शन की भी जांच
जांच में यह संकेत मिले हैं कि घोटाले की रकम का कुछ हिस्सा रियल एस्टेट सेक्टर में लगाया गया हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े व्यक्तियों और संभावित बिल्डरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि इस दिशा में ठोस साक्ष्य मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने पर जोर
विजिलेंस विभाग ने इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों पर भी फोकस बढ़ा दिया है। लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा फर्जी मुहरें, दस्तावेज और लेन-देन से जुड़ी डायरी भी जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों से मनी ट्रेल को समझने में मदद मिलेगी।
संपत्ति जब्ती की भी तैयारी
यदि जांच में यह साबित होता है कि विकास कौशिक या उनके सहयोगियों ने घोटाले की रकम से संपत्ति अर्जित की है, तो ऐसी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
अभी नहीं आया आधिकारिक आंकड़ा
हालांकि, अभी तक विकास कौशिक की कुल संपत्ति का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियां सभी तथ्यों को एकत्रित कर रही हैं और पूरी तस्वीर स्पष्ट होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
आगे और खुलासों के आसार
विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। मनी ट्रेल के जरिए अन्य लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
गौरतलब है कि पंचकूला नगर निगम से जुड़ा यह एफडी घोटाला हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जा रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। मनी ट्रेल के जरिए अन्य लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
गौरतलब है कि पंचकूला नगर निगम से जुड़ा यह एफडी घोटाला हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जा रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।











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