पंचकूला, 7 अप्रैल 2026। नगर निगम पंचकूला में सामने आए करीब 160 करोड़ रुपये के गबन मामले में आज बड़ा घटनाक्रम देखने को मिलेगा। इस मामले में आरोपी स्वाति तोमर को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले उन्होंने सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के सामने सरेंडर कर दिया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस घोटाले में पैसे के लेन-देन का तरीका बेहद संदिग्ध और सुनियोजित प्रतीत हो रहा है, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया है।
20 मिनट में खाते से गायब हुआ पैसा
मामले में स्वाति तोमर के वकील ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल के खाते में पैसा सिर्फ 20 मिनट के लिए आया और तुरंत किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।
वकील का कहना है कि,
“यह पैसा किस खाते में गया, यह जांच का विषय है। स्वाति तोमर केवल एक माध्यम हो सकती हैं।”
इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों के सामने मनी ट्रेल को ट्रैक करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग का संगठित नेटवर्क?
ACB की शुरुआती जांच में संकेत मिल रहे हैं कि यह मामला सिर्फ गबन तक सीमित नहीं, बल्कि संभवतः एक बड़े “मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क” से जुड़ा हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, पैसे को अलग-अलग खातों में घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई।
मृत व्यक्ति के खाते के इस्तेमाल का खुलासा
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है। करीब डेढ़ साल पहले मृत हो चुके एक व्यक्ति के बैंक खाते का भी इसी तरह इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली है।
इससे यह आशंका और गहरा गई है कि इस पूरे खेल के पीछे एक संगठित और तकनीकी रूप से सक्षम गिरोह काम कर रहा है।
ACB के सामने बड़ी चुनौती
अब ACB के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि:
आखिर पैसा किन-किन खातों में ट्रांसफर हुआ?
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है?
क्या यह घोटाला किसी बड़े रैकेट का हिस्सा है?
जांच एजेंसी अब बैंक खातों की डिटेल, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध व्यक्तियों के कनेक्शन खंगालने में जुटी हुई है।
अदालत में आज हो सकते हैं अहम खुलासे
आज कोर्ट में पेशी के दौरान ACB स्वाति तोमर की रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि उनसे पूछताछ कर इस पूरे घोटाले की परतें खोली जा सकें।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
बड़ा सवाल:
क्या स्वाति तोमर सिर्फ एक कड़ी हैं या इस पूरे 160 करोड़ के घोटाले की अहम खिलाड़ी?
और आखिर किसने रचा “मनी लॉन्ड्रिंग” का यह जाल?
जवाब अब ACB की जांच और कोर्ट की कार्यवाही से ही सामने आएंगे।












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