April 11, 2026 3:56 pm

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समाधान शिविरों की औचक समीक्षा: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 9 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर समाधान शिविरों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से जुड़े नागरिकों की शिकायतें सीधे सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र व प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।
प्रदेश के सभी जिलों में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को उपायुक्त एवं उपमंडल अधिकारी (SDM) कार्यालयों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखते हैं। जिन शिकायतों का मौके पर समाधान संभव होता है, उनका तत्काल निपटारा किया जाता है, जबकि शेष मामलों को 7 से 15 दिनों के भीतर हल करने का लक्ष्य निर्धारित है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 10 जून 2024 से शुरू इस अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर में लगभग डेढ़ लाख शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से करीब 78 प्रतिशत का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और अधिकारियों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही वर्ष 2024, 2025 और 2026 के लंबित मामलों की भी समीक्षा करते हुए सभी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कुछ जिलों में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। महेंद्रगढ़ जिला और बादशाहपुर एसडीएम कार्यालय में अधिकारियों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी उपायुक्तों और एसडीएम को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविरों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि समाधान शिविरों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित की जाए, जिसकी अध्यक्षता स्वयं उपायुक्त करें। जो अधिकारी लगातार समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित रहते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी.बी. भारती और विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: BabuGiri Hindi

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