October 30, 2026 3:54 pm

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चंडीगढ़: सीएम Nayab Singh Saini का दावा: 24 घंटे में लौटाया घोटाले का पैसा, अब CBI करेगी गहन जांच

बैंक घोटालों पर सख्त एक्शन, CBI ने दर्ज की FIR; दो IAS सस्पेंड, बैंकों पर भी कड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़ में सामने आए बड़े बैंक घोटालों को लेकर हरियाणा सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। IDFC First Bank में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़ी धोखाधड़ी और पंचकूला नगर निगम से जुड़े Kotak Mahindra Bank में हुए फर्जीवाड़े के मामलों ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इन मामलों में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हुई है, बल्कि अब केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने भी FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
दो वरिष्ठ IAS अधिकारी सस्पेंड, सख्त संदेश
सरकार ने बैंक फ्रॉड के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कदम साफ संकेत देता है कि सरकार इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उसे ‘डी-इंपैनल’ किया गया है, ताकि भविष्य में सरकारी संस्थाओं के साथ उसके लेन-देन पर रोक लग सके।
सीएम का बयान: “पैसा वापस आ चुका, लेकिन जांच जारी”

मामले को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने स्पष्ट किया कि सरकार शुरू से ही इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि IDFC बैंक घोटाले का मुद्दा विपक्ष द्वारा विधानसभा में उठाया गया था, जिसके बाद उन्होंने 24 घंटे के भीतर पैसा वापस लाने का आश्वासन दिया था—और वह पूरा भी किया गया।
सीएम ने बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े घोटाले की राशि भी वापस आ चुकी है। उन्होंने कहा, “सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। साथ ही, एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा भी जांच की जा रही थी। जांच में जो तथ्य सामने आए, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की गई है। अब यह मामला CBI को सौंप दिया गया है, जो इसकी गहराई से जांच करेगी।”
एंटी करप्शन ब्यूरो और CBI दोनों सक्रिय
प्रारंभिक जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को ट्रांसफर कर दी गई। अब CBI इस पूरे नेटवर्क, जिम्मेदार अधिकारियों और बैंकिंग प्रक्रियाओं में हुई गड़बड़ियों की विस्तृत जांच करेगी।
IAS तबादलों पर बोले सीएम: “रुटीन प्रक्रिया”
हाल ही में हुए आईएएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर उठ रहे सवालों पर सीएम ने कहा कि यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने साफ किया कि तबादलों को बैंक घोटाले से जोड़कर देखना उचित नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मामला गंभीर है और सरकार जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव, पारदर्शिता पर जोर
इन घटनाओं के बाद राज्य सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। सरकार का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बैंकिंग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में और सख्ती लाई जाएगी।
क्या है आगे?
अब सभी की नजरें CBI जांच पर टिकी हैं। यह जांच तय करेगी कि इस घोटाले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे, किन स्तरों पर लापरवाही या मिलीभगत हुई और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
सरकार के त्वरित एक्शन और रकम की रिकवरी के बावजूद, यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी प्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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