October 31, 2026 4:53 pm

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HPGCL की कैंटीन बंद, गैस सिलिंडर की कमी से कर्मचारियों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी

बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (HPGCL) के कार्यालय परिसर में संचालित कैंटीन इन दिनों गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण लगभग बंद पड़ी है। इस स्थिति ने निगम के कर्मचारियों की दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सैकड़ों कर्मचारी, जो रोजाना इस कैंटीन पर निर्भर रहते थे, अब भोजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर मजबूर हैं।
यह कैंटीन इंडियन कॉफी हाउस द्वारा संचालित की जाती है और लंबे समय से कर्मचारियों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराती रही है। यहां नाश्ते से लेकर दोपहर के भोजन तक की सुविधा मिलती थी, जिसमें चाय, स्नैक्स और साउथ इंडियन व्यंजन भी शामिल हैं। सब्सिडी के कारण यह कैंटीन कर्मचारियों के बीच बेहद लोकप्रिय रही है और रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी इसका लाभ उठाते थे।

कैंटीन के बंद होने से कर्मचारियों को सबसे बड़ी समस्या भोजन की व्यवस्था को लेकर हो रही है। कई कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें बाहर से खाना मंगवाना पड़ रहा है, जो न केवल महंगा है बल्कि समय लेने वाला भी है। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि व्यस्त कार्यशैली के बीच बाहर जाकर भोजन करना संभव नहीं होता, जिससे उन्हें कई बार समय पर खाना भी नहीं मिल पाता।
इस स्थिति का असर कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी पड़ रहा है। समय पर भोजन न मिलने और असुविधा के कारण कर्मचारियों में थकान और असंतोष बढ़ रहा है। वहीं, बाहर के भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी कई कर्मचारी चिंतित हैं, क्योंकि नियमित रूप से बाहर का खाना स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है।
कैंटीन प्रबंधन के अनुसार, समस्या की मुख्य वजह गैस सिलिंडर की आपूर्ति में आई बाधा है। पिछले कुछ दिनों से सिलिंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते खाना बनाना संभव नहीं हो रहा। प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही गैस की आपूर्ति सामान्य होगी, कैंटीन को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने HPGCL प्रबंधन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। उनका कहना है कि कैंटीन केवल एक सुविधा नहीं बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा है। कई कर्मचारियों ने यह भी सुझाव दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए गैस की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल, कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ सकती है और इसका असर कार्य प्रणाली पर भी देखने को मिल सकता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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