August 29, 2026 11:45 am

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HARYANA NEWS: असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर भाजपा सरकार घिरी, सुरजेवाला बोले- “हरियाणा के युवाओं की नौकरियों की खुली लूट”

“बाहरी पास-हरियाणवी फेल” नायब सरकार की नीति, हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी जारी है विवादित भर्ती प्रक्रिया : सुरजेवाला

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 18 मई 2026: हरियाणा में असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) भर्ती को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव Randeep Singh Surjewala ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini पर हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों की “खुली लूट” मचाई जा रही है।
सुरजेवाला ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि छह दिनों के भीतर दूसरी बार भाजपा सरकार की “हरियाणवी युवा विरोधी मानसिकता” सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) हिंदी और साइकोलॉजी भर्ती के बाद अब भूगोल विषय की भर्ती में भी हरियाणा के युवाओं के अधिकारों को कुचला गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीति “बाहरी पास-हरियाणवी फेल” बन चुकी है और योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश के युवाओं को नौकरियों से वंचित किया जा रहा है।

भूगोल भर्ती में बाहरी उम्मीदवारों को तरजीह देने का आरोप
सुरजेवाला ने दावा किया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) भूगोल भर्ती में जनरल कैटेगरी की 181 सीटों में से केवल 146 सीटें ही भरी गईं, जबकि 35 पद खाली छोड़ दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चयनित 146 उम्मीदवारों में से 73 हरियाणा से बाहर के हैं और केवल 43 उम्मीदवार हरियाणा के हैं।
उन्होंने कहा कि 30 आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अपनी मेरिट के आधार पर जनरल कैटेगरी में चयनित हुए, जिसके बाद सामान्य वर्ग के केवल 116 उम्मीदवार भर्ती हो पाए। इन 116 में भी हरियाणा के युवाओं की संख्या बेहद कम रही।
सुरजेवाला ने कहा कि यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भर्ती प्रक्रिया में हरियाणा के युवाओं के हितों की अनदेखी की गई है।

आरक्षित वर्ग के पद खाली छोड़ने का भी आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित 48 पदों में से केवल 16 पदों पर भर्ती की गई, जबकि 32 पद खाली छोड़ दिए गए। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 57 पदों में से केवल 30 पदों पर भर्ती हुई और 27 पद रिक्त रखे गए।
उन्होंने कहा कि यदि योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं थे तो सरकार को भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जवाब देना चाहिए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से हरियाणा के युवाओं के अधिकारों का “कत्ल” कर रही है।

2024 में निकली थीं भर्तियां, अब सामने आई चयन सूची
सुरजेवाला ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) की भर्तियां 2 अगस्त 2024 को निकाली गई थीं। इसके बाद Haryana Public Service Commission द्वारा 3 मार्च 2026 और 17 अप्रैल 2026 को भूगोल विषय का परिणाम घोषित किया गया।
उन्होंने कहा कि जब चयन सूची नाम, पता और श्रेणी सहित उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई, तब यह खुलासा हुआ कि बड़ी संख्या में बाहरी उम्मीदवारों का चयन हुआ है और कई पद खाली छोड़ दिए गए हैं।

हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देकर भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 12 मई 2026 के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत ने यूजीसी नियमों के खिलाफ एचपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा में लगाई गई शर्त को अवैध और गैरकानूनी करार दिया था। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश भर्ती को रद्द किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट का यह आदेश भूगोल सहित अन्य सभी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्तियों पर भी लागू होता है। ऐसे में यदि कोई अभ्यर्थी अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो यह भर्ती भी रद्द हो सकती है।
सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि जब अदालत का फैसला स्पष्ट है, तब भाजपा सरकार और एचपीएससी विवादित भर्ती प्रक्रिया को आगे क्यों बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को “खिलौना” बनाकर राजनीति कर रही है।
मुख्यमंत्री से माफी और HPSC को भंग करने की मांग
कांग्रेस सांसद ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से इस मुद्दे पर जवाब देने और हरियाणा के युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
साथ ही सुरजेवाला ने हरियाणा लोक सेवा आयोग को तत्काल भंग करने की मांग करते हुए कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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