May 23, 2026 6:50 pm

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HARYANA NEWS: सूचना आयुक्तों  की नियुक्ति सम्बन्धी  सर्च और वैधानिक समिति का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील

सुप्रीम कोर्ट के 2019 फैसले का हवाला देकर राज्य सरकार को लिखा – हेमंत
बाबूगीति हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 20 मईहरियाणा में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त (SCIC) और राज्य सूचना आयुक्तों (SICs) की नियुक्तियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट  हेमंत कुमार  ने आज प्रदेश के राज्यपाल आशीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सैनी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हूडा और मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और प्रदेश के सामान्य प्रशासन  विभाग के अंतर्गत पड़ने वाली प्रशासनिक सुधार शाखा  को एक विस्तृत कानूनी अभ्यावेदन  भेजकर इन नियुक्तियों से जुड़ी सर्च कमेटी तथा वैधानिक समिति की पूरी प्रोसेडिंग ( कार्यवाही) सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।

एडवोकेट  ने अपने अभ्यावेदन में उल्लेख किया है कि राज्य सूचना आयुक्तों जैसी संवेदनशील अर्द्ध-न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट के 2019 के स्पष्ट आदेश के बावजूद हरियाणा सरकार ने अब तक सर्च कमेटी और वैधानिक  समिति की बैठकों की कार्यवाही, सिफारिशें और चयन प्रक्रिया सार्वजनिक क्यों नहीं की।

यह विवाद इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि एक राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पहले चरण की नियुक्तियों के लगभग 11 महीने बाद की गई। इससे प्रशासनिक और कानूनी हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या चयन प्रक्रिया को बाद में बदला गया या चरणबद्ध तरीके से बंद कमरों में अंतिम रूप दिया गया।
जानकारी के अनुसार मार्च 2025 में हरियाणा सरकार ने एक राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सात राज्य सूचना आयुक्तों के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सर्च कमेटी को रिक्तियों की संख्या से तीन गुना नाम शॉर्टलिस्ट करने थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली वैधानिक समिति को अंतिम सिफारिश करनी थी।

23 मई 2025 को सरकार ने सेवानिवृत्त आई.ए.एस.  अधिकारी टी.वी.एस.एन. प्रसाद  को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया, जबकि अमरजीत सिंह (सेवानिवृत्त HCS), कर्मवीर सैनी, नीता खेड़ा, प्रियंका धोपड़ा और संजय मदान को राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया।
हालांकि विवाद उस समय शुरू हुआ जब 26 मई 2025 को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रियंका धोपड़ा को कथित रूप से शपथ नहीं दिलाई गई। सरकार की ओर से इस बारे में कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया।

इसके बाद गत माह 20 अप्रैल 2026 को अजय कुमार सूरा को राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया और उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को शपथ ली। यह नियुक्ति पहली सूची जारी होने के लगभग 11 महीने बाद हुई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
एडवोकेट  हेमंत ने अपने अभ्यावेदन  में पूछा है कि यदि अजय कुमार सूरा का नाम 2025 में ही सर्च कमेटी और चयन समिति द्वारा तय कर लिया गया था, तो फिर 23 मई 2025 के मूल नियुक्ति आदेश में उनका नाम अन्य चयनित आयुक्तों के साथ क्यों शामिल नहीं किया गया।

हेमंत ने यह भी उल्लेख किया कि गत दिवस  19 मई 2026 को हरियाणा सरकार ने अंततः 350 से अधिक आवेदकों की सूची सार्वजनिक कर दी, जिन्होंने राज्य मुख्य सूचना आयुक्त (SCIC) और राज्य सूचना आयुक्तों (SICs) पदों के लिए आवेदन किया था। लेकिन चयन प्रक्रिया की विस्तृत कार्यवाही और सिफारिशें अब भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले अंजलि भरद्वाज  बनाम भारत सरकार  (15 फरवरी 2019) का हवाला देते हुए कहा कि देश की उच्चतम अदालत ने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी चयन प्रक्रिया सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था।
अभ्यावेदन  में यह भी कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने मार्च 2022 में इसी प्रकार की नियुक्तियों से संबंधित कार्यवाही अपनी वेबसाइट पर अपलोड की थी। ऐसे में 2025 की चयन प्रक्रिया में वही पारदर्शिता क्यों नहीं अपनाई जा रही, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

हेमंत  ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4(2) का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक प्राधिकरणों का दायित्व है कि वे अधिकतम सूचनाएं स्वतः सार्वजनिक करें ताकि नागरिकों को RTI आवेदन दायर करने की आवश्यकता ही न पड़े।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों और आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि सरकार ने अजय कुमार सूरा की विलंबित नियुक्ति और प्रियंका धोपड़ा को शपथ न दिलाए जाने के कारणों पर जल्द स्पष्टीकरण नहीं दिया तो यह मामला बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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