रमेश गोयत
चंडीगढ़, 31 मई। चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम थाना ने एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला अनधिकृत सिम स्वैपिंग और एक कॉर्पोरेट बैंक खाते से 81.89 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।
यह कार्रवाई यूटी चंडीगढ़ की एसपी साइबर गीतांजलि खंडेलवाल, आईपीएस के निर्देशों, डीएसपी साइबर क्राइम के मार्गदर्शन तथा थाना साइबर क्राइम सेक्टर-17 के एसएचओ की निगरानी में की गई। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम, चंडीगढ़ में एफआईआर नंबर 53 दिनांक 07.04.2026 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजदीप घोष (22 वर्ष) निवासी मसलानपुर, नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल तथा तनय दास (26 वर्ष) निवासी नोआपारा, नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार यह मामला सेक्टर-17 स्थित अल्फा फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड के एक कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी के बैंक खाते से जुड़ा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अचानक नेटवर्क से बाहर हो गया। बाद में जांच में सामने आया कि मोबाइल नंबर को धोखाधड़ी से सिम स्वैप कर लिया गया था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि बैंक खाते से जुड़े मुख्य और वैकल्पिक दोनों मोबाइल नंबरों से छेड़छाड़ कर साइबर अपराधियों ने खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाई और 81.89 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
तकनीकी विश्लेषण और फील्ड जांच के आधार पर पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची, जहां छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी संगठित साइबर अपराधियों को बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध करवाने का काम करते थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी की गई राशि का कुछ हिस्सा आरोपी तनय दास के बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ था। वहीं, अपराध में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड भी ट्रेस कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी राजदीप घोष ने अपने बैंक खाते के इस्तेमाल की अनुमति देने के बदले कमीशन लिया था। आरोपियों ने पूछताछ में अन्य साथियों की संलिप्तता का भी खुलासा किया है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस अब मामले में फरार आरोपियों की तलाश और पूरे मनी ट्रेल की जांच में जुटी हुई है।
जनता के लिए पुलिस की एडवाइजरी
चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वेरिफिकेशन, गिरफ्तारी से बचाने या फर्जी केस निपटाने के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। अपने पहचान पत्र केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही दें। किसी को अपना सिम कार्ड या बैंक खाता किराये पर देना कानूनी मुसीबत में डाल सकता है यदि उसका इस्तेमाल अपराध में किया जाए।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे TAFCOP पोर्टल के माध्यम से जांच करें कि उनके नाम पर कितने सिम कार्ड जारी हैं। किसी भी संदिग्ध नंबर की तुरंत शिकायत दूरसंचार विभाग या संबंधित पोर्टल पर करें। साथ ही व्हाट्सएप की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें, अज्ञात कॉल को ब्लॉक करें तथा आधार बायोमेट्रिक्स लॉक रखें।
किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।













Total Users : 333253
Total views : 554022