21 लोग हिरासत में, 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार; अमेरिका के नागरिकों को बनाते थे शिकार
अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी, लाखों की नकदी व हाईटेक उपकरण बरामद
रमेश गोयत
पंचकूला, 2 जून। हरियाणा के पंचकूला में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक कार्यालय में चल रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर पर देर रात छापेमारी कर पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस कार्रवाई को पंचकूला पुलिस की अब तक की बड़ी साइबर रेड में से एक माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपियों की पहचान नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।
गुप्त सूचना के बाद हुई रेड
जानकारी के मुताबिक साइबर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-2 मार्केट स्थित अल्फा इवेंट कंपनी के कार्यालय में रात के समय संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना में बताया गया था कि वहां से विदेशी नागरिकों के साथ ऑनलाइन ठगी की जा रही है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना की विशेष टीम ने सोमवार देर रात कार्यालय पर छापेमारी की। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, कार्यालय के अंदर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पूरे परिसर को घेरकर वहां मौजूद कर्मचारियों और संचालकों को हिरासत में लिया।
मौके से मिला हाईटेक सेटअप
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है। पुलिस को कार्यालय से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 3 वॉकी-टॉकी, 2 वाई-फाई राउटर, 3 पीओएस मशीनें, नोट गिनने की मशीन, सोने के आभूषण और 11 लाख 30 हजार रुपये नकद मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद उपकरणों से साफ संकेत मिलता है कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं बल्कि व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सेंटर था।
अमेरिकी नागरिकों को बनाया जाता था निशाना
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को अपना शिकार बनाते थे। इसी कारण कॉल सेंटर का संचालन भारतीय समय के अनुसार रात में किया जाता था ताकि अमेरिकी समय के मुताबिक लोगों से संपर्क किया जा सके।
कार्यालय शाम करीब 7 बजे शुरू होता था और देर रात करीब 3 बजे तक कर्मचारी काम करते थे। पुलिस को संदेह है कि आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क को चला रहे थे और बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों से ठगी कर चुके हैं।
अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी खुद को अमेजन कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। बातचीत के दौरान वे ग्राहकों को फर्जी ट्रांजैक्शन, अकाउंट ब्लॉक, रिफंड या सुरक्षा संबंधी समस्याओं का डर दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे।
इसके बाद आरोपी पीड़ितों से उनके क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। जानकारी मिलते ही उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के तार देश और विदेश के अन्य साइबर गिरोहों से जुड़े हैं या नहीं।
बड़े नेटवर्क की आशंका, कई और गिरफ्तारियां संभव
साइबर थाना पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों और संभवतः विदेशों तक फैला हो सकता है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अब तक कितने अमेरिकी नागरिक इस गिरोह का शिकार बने और कुल कितनी रकम की ठगी की गई। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
अदालत में पेश कर लिया जाएगा रिमांड
पुलिस सभी मुख्य आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी ताकि पूछताछ के जरिए साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों, लेन-देन और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
फिलहाल पंचकूला साइबर थाना की टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।













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