June 5, 2026 2:30 am

June 5, 2026 2:30 am

HIMACHAL NEWS: बाबा बालक नाथ के नाम पर ‘मंदिर विश्वविद्यालय’ स्थापित करने की मांग, डॉ. पी.सी. शर्मा ने रखा विजन

बाबूगिरी हिन्दी ब्यूरो

प्रकाशपुर-चकमोह, 4 जून। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पर्यावरणविद्, शिक्षाविद एवं बाबा बालक नाथ मंदिर के वंशज डॉ. पी.सी. शर्मा ने बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की शैक्षिक एवं सामाजिक संपत्तियों का उपयोग जनकल्याण के लिए करते हुए एक बहु-विषयक “बाबा बालक नाथ विश्वविद्यालय” स्थापित करने की वकालत की है। उन्होंने सुझाव दिया कि चकमोह स्थित बाबा बालक नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर एक डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाया जाए तथा क्षेत्र में एक आधुनिक धर्मार्थ मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल भी स्थापित किया जाए।

डॉ. शर्मा ने कहा कि बाबा बालक नाथ के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना न केवल क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जिलों के ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उनके घर के निकट उपलब्ध कराएगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से विशेषज्ञों की एक सलाहकार परिषद गठित करने का आग्रह किया, जो मंदिर कोष के प्रभावी उपयोग और इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन, हिमालयी विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन प्रबंधन, पहाड़ी कृषि, जैविक खेती और व्यावसायिक कौशल जैसे विषयों पर विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। इससे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार, आर्थिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

डॉ. शर्मा ने प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस पहल में सहयोग की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों के विश्वविद्यालयों में बाबा बालक नाथ से संबंधित अध्ययन पीठ एवं सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि उनकी शिक्षाओं और इतिहास को वैश्विक स्तर पर संरक्षित और प्रचारित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव देओटसिद्ध क्षेत्र को शिक्षा, संस्कृति और सतत विकास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित कर सकता है। विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, प्राचीन जल स्रोतों और हिमालयी पारिस्थितिकी पर विशेष शोध को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि देश में कई सफल डीम्ड विश्वविद्यालय धार्मिक एवं आध्यात्मिक ट्रस्टों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें Sri Sathya Sai Institute of Higher Learning, Ramakrishna Mission Vivekananda Educational and Research Institute तथा Sri Chandrasekharendra Saraswathi Viswa Mahavidyalaya प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और विरासत को भी बढ़ावा देते हैं।
डॉ. शर्मा के अनुसार, बाबा बालक नाथ विश्वविद्यालय की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी, सामाजिक सहयोग और परोपकारी संस्थाओं के समर्थन से संभव हो सकती है। इससे बरसर विधानसभा क्षेत्र को “स्मार्ट निर्वाचन क्षेत्र” के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

virender chahal

Our Visitor

3 3 3 2 5 3
Total Users : 333253
Total views : 554022

शहर चुनें