June 5, 2026 2:30 am

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चंडीगढ़ में 4.19 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, प्रशासक ने की वृक्षारोपण तैयारियों की समीक्षा

चंडीगढ़ में हरितकरण को नई गति, 2026-27 में 4.19 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 4 जून 2026। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को वर्ष 2026-27 की वृक्षारोपण योजना की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शहर के हरित आवरण को और मजबूत बनाने, पौधों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा उनकी जीवित रहने की दर में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राज्यपाल, पंजाब), गृह सचिव-सह-सचिव (वन एवं वन्यजीव), मुख्य वन संरक्षक, नगर निगम आयुक्त, वन संरक्षक, मुख्य अभियंता (इंजीनियरिंग विभाग) तथा मुख्य अभियंता (नगर निगम) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मुख्य वन संरक्षक ने वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए वृक्षारोपण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रीनिंग चंडीगढ़ एक्शन प्लान 2025-26 के तहत 5,76,221 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि विभिन्न विभागों ने मिलकर 6,64,133 पौधे लगाकर लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ दिया। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण कार्यों की प्रभावशीलता और पौधों की स्थिति का आकलन करने के लिए नवंबर 2025 और मार्च 2026 में दो बार तृतीय पक्ष निगरानी कराई गई। इस निगरानी में पौधों की औसत जीवित रहने की दर लगभग 79 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसे संतोषजनक माना गया है।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की जा रही व्यापक वृक्षारोपण योजना की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस बार वृक्षारोपण अभियान में केवल संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों का चयन करें और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करें, ताकि पौधों की जीवित रहने की दर और अधिक बढ़ाई जा सके।
वन विभाग द्वारा बॉटनिकल गार्डन, सारंगपुर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वृक्षारोपण एवं पौध संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण और रखरखाव को बढ़ावा देना है।
बैठक में बताया गया कि आगामी मानसून सत्र के दौरान वन महोत्सव के अवसर पर शहरव्यापी वृक्षारोपण अभियान शुरू किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए सभी हरितकरण एजेंसियों का संयुक्त लक्ष्य 4,19,854 पौधे निर्धारित किया गया है, जिसमें पौधों का वितरण और बिक्री भी शामिल है।
दादूमाजरा क्षेत्र के लिए तैयार विशेष वृक्षारोपण योजना की समीक्षा करते हुए नगर निगम आयुक्त ने बताया कि वन विभाग के सहयोग से इस क्षेत्र में लगभग 10,000 पौधे लगाए जाएंगे। स्थानीय परिस्थितियों और पर्यावरणीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बांस, बोगनवेलिया, कपूर, नीम तथा विभिन्न पुष्पीय और देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना और हरित आवरण को बढ़ाना है।
बैठक में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया 5 जून को पंजाब लोक भवन में एक पौधा लगाकर इस अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान में आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और विभिन्न संस्थाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही शहर के पार्कों और उद्यानों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण गतिविधियां आयोजित की जाएं।
प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार पर किया जाए। पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार ट्री गार्ड, फेंसिंग और अन्य सुरक्षात्मक उपायों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर पेड़ पर्याप्त रूप से विकसित हो चुके हैं, वहां पुराने ट्री गार्डों का पुनः उपयोग कर संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है।
इसके अलावा मुख्य अभियंता (इंजीनियरिंग विभाग) और मुख्य अभियंता (नगर निगम) को शहर की सड़कों के किनारे वृक्षारोपण में मौजूद सभी खाली स्थानों को भरने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क किनारे उपलब्ध रिक्त भूमि पर घास और अन्य उपयुक्त हरित आवरण विकसित करने को कहा गया।
प्रशासक ने कहा कि हरित क्षेत्र बढ़ाने से न केवल चंडीगढ़ की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी संरक्षण, तापमान नियंत्रण और वायु प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के साथ हरित एवं स्वच्छ चंडीगढ़ के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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