August 5, 2026 3:51 am

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PANCHKULA कांग्रेस को झटका: विधायक चंद्रमोहन के करीबी एडवोकेट नवीन बंसल ने छोड़ी पार्टी, गुटबाजी और परिवारवाद पर लगाए गंभीर आरोप

रमेश गोयत
पंचकूला, 5 जून। हरियाणा की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई जब पंचकूला से कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लंबे समय से पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे एडवोकेट नवीन बंसल ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। नवीन बंसल ने पार्टी छोड़ने के पीछे गुटबाजी, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और परिवारवाद को प्रमुख कारण बताया है।
पार्टी से इस्तीफे के बाद जारी अपने बयान में नवीन बंसल ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए वर्षों तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया, लेकिन संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलने और कुछ चुनिंदा लोगों तक ही निर्णय प्रक्रिया सीमित रहने से वे बेहद निराश थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आम कार्यकर्ता की आवाज को महत्व नहीं दिया जाता और पार्टी के भीतर परिवारवाद की राजनीति हावी हो चुकी है।

“हर नेता अपने बेटे को आगे बढ़ाना चाहता है”
नवीन बंसल ने बिना नाम लिए पार्टी नेतृत्व और स्थानीय राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि आज अधिकांश नेता अपने परिवार के सदस्यों, खासकर अपने बेटों को राजनीति में स्थापित करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंचकूला में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है, जहां वर्षों से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा, “पार्टी में किसी को भी उचित सम्मान नहीं मिलता। कार्यकर्ता केवल चुनाव के समय याद आते हैं। वर्षों तक पार्टी के लिए मेहनत करने वाले लोगों की कोई सुनवाई नहीं है। परिवारवाद और गुटबाजी के कारण संगठन कमजोर हो रहा है।”

भावुक संदेश के साथ दी इस्तीफे की जानकारी
अपने समर्थकों और मीडिया के लिए जारी संदेश में नवीन बंसल ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस के लिए उन्होंने दिल से काम किया, लेकिन संगठन में बढ़ती गुटबाजी और अनुशासनहीनता के कारण उन्हें भारी मन से यह निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वह अपने समर्थकों और राजनीतिक साथियों से विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। उन्होंने संकेत दिए कि वह जल्द ही कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।

चंद्रमोहन के करीबी माने जाते रहे हैं नवीन बंसल
राजनीतिक गलियारों में नवीन बंसल को पंचकूला विधायक चंद्रमोहन के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में गिना जाता रहा है। पिछले कई वर्षों से वे न केवल विधायक के राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे, बल्कि मीडिया समन्वय और जनसंपर्क की जिम्मेदारी भी संभालते रहे हैं।
विशेष रूप से वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में नवीन बंसल ने चंद्रमोहन के चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। चुनाव प्रचार से लेकर मीडिया प्रबंधन और संगठनात्मक गतिविधियों तक वे लगातार सक्रिय रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे करीबी सहयोगी का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर एक बड़ा झटका माना जा सकता है।

राजनीतिक परिवार से रखते हैं संबंध
एडवोकेट नवीन बंसल का संबंध हरियाणा के एक पुराने और प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से है। वे मूल रूप से कैथल जिले के सबसे बड़े गॉव सीवन के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय/पूर्व नेता नरंजन बंसल गॉव सीवन के सरपंच रह चुके हैं और स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पहचान रही है।
इसके अलावा बंसल परिवार का जिला कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला की राजनीति में व्यापक प्रभाव माना जाता है। उनके परिवार का विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा है। बताया जाता है कि उनके पिता हरियाणा की पूर्व चौटाला सरकार के दौरान हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में चेयरमैन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

कांग्रेस में बढ़ सकती है अंदरूनी चर्चा
नवीन बंसल के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के अंदर संगठनात्मक स्थिति और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय स्तर पर असंतुष्ट कार्यकर्ताओं की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी चुनावी रणनीति पर इसका असर पड़ सकता है।
वहीं, नवीन बंसल के अगले राजनीतिक कदम पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि वे जल्द ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर अपने राजनीतिक भविष्य की नई दिशा तय कर सकते हैं।
फिलहाल, पंचकूला की राजनीति में नवीन बंसल का कांग्रेस से इस्तीफा चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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