रिजर्व प्राइस से 110.73 करोड़ अधिक मिली बोली, पहली बार 1000 करोड़ रुपये एक्साइज राजस्व लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद
जिला उपायुक्त व कलेक्टर की मेहनत लाई रंग, चंडीगढ़ के राजस्व में हुए बढ़ोतरी
रमेश गोयत
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी वर्ष 2026-27 के लिए शराब ठेकों की नीलामी में ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए सभी 97 रिटेल शराब ठेकों का आवंटन कर दिया है। पिछले एक दशक में यह पहला अवसर है जब सभी ठेकों की सफलतापूर्वक नीलामी हुई है। इस उपलब्धि को प्रशासन की पारदर्शी और प्रगतिशील आबकारी नीति पर व्यापारियों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण माना जा रहा है। चंडीगढ़ में कई सालों के बाद हरियाणा काडर के अधिकारियों के पास आबकारी एवं कराधान विभाग की कमान आई है। इससे पहले विनय प्रताप सिंह पूर्व जिला उपायुक्त चंडीगढ़ से आबकारी एवम कराधान विभाग की कमान लेकर चंडीगढ़ युटी काडर के एक जूनियर आईएएस अधिकारी को सौंप दी थी। जिसके कारण विभाग को काफी राजस्व का नुकसान हुआ था। अब आबकारी एवम कराधान विभाग कमिश्नर की कमान हरियाणा काडर आईएएस निशांत कुमार यादव जिला उपायुक्त चंडीगढ़ व प्रधुम्न सिंह एचसीएस अधिकारी के पास कलेक्टर की कमान है। जिनकी मेहनत से राजस्व में इफाजा हुआ।
नीलामी प्रक्रिया में कारोबारियों और निवेशकों ने जबरदस्त रुचि दिखाई, जिसके परिणामस्वरूप चंडीगढ़ प्रशासन को अब तक का सर्वाधिक आबकारी राजस्व प्राप्त होने जा रहा है। प्रशासन के अनुसार 453.05 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले कुल 563.78 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई, जो निर्धारित आधार मूल्य से 110.73 करोड़ रुपये अधिक है। यह करीब 24.44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है।
एक दशक में पहली बार सभी शराब ठेकों का सफल आवंटन
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए कुल 97 शराब ठेकों की नीलामी की गई थी। पिछले कई वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है जब सभी ठेके बिना किसी शेषता के आवंटित कर दिए गए हैं। यह न केवल प्रशासन की प्रभावी नीति का परिणाम है बल्कि चंडीगढ़ को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक व्यापारिक बाजार के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में आयोजित की गई, जिससे अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हुई और सरकार को बेहतर राजस्व प्राप्त हुआ।
पहली बार 1000 करोड़ रुपये एक्साइज राजस्व का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद
चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी वर्ष 2026-27 के लिए 1000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों का दावा है कि नीलामी से मिले उत्साहजनक परिणामों और शुरुआती महीनों की शानदार आय को देखते हुए यह लक्ष्य पहली बार हासिल किया जा सकता है।
आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार 31 मई 2026 तक विभाग ने 199.78 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र कर लिया है। यह वार्षिक लक्ष्य का लगभग 20 प्रतिशत है, जबकि वित्तीय वर्ष के केवल शुरुआती दो महीने ही पूरे हुए हैं। विभाग का मानना है कि यह प्रदर्शन पूरे वर्ष के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा।
नीतिगत सुधार और सख्त निगरानी का मिला फायदा
प्रशासन का कहना है कि राजस्व संग्रह में यह बढ़ोतरी विभाग द्वारा लागू की गई नई नीतियों, मजबूत प्रवर्तन व्यवस्था और राजस्व वसूली के प्रभावी तंत्र का परिणाम है। शराब कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने और नियमों के कड़ाई से पालन ने व्यापारिक समुदाय के विश्वास को मजबूत किया है।
आबकारी विभाग ने कहा कि आने वाले समय में भी पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदार व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।
विकास और जनकल्याण योजनाओं को मिलेगा बल
प्रशासन का मानना है कि रिकॉर्ड आबकारी राजस्व से चंडीगढ़ की विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति मिलेगी। बढ़ी हुई आय का उपयोग आधारभूत ढांचे के विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
चंडीगढ़ प्रशासन ने नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी प्रशासन पारदर्शी व्यवस्था, नियामकीय अनुपालन और जिम्मेदार व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
मुख्य बातें एक नजर में
97 में से सभी 97 शराब ठेकों का सफल आवंटन
पिछले 10 वर्षों में पहली बार सभी ठेके नीलाम
रिजर्व प्राइस: 453.05 करोड़ रुपये
प्राप्त बोली: 563.78 करोड़ रुपये
अतिरिक्त राजस्व: 110.73 करोड़ रुपये
रिजर्व प्राइस से 24.44% अधिक बोली
31 मई तक 199.78 करोड़ रुपये आबकारी राजस्व संग्रह
वार्षिक लक्ष्य 1000 करोड़ रुपये
पहली बार 1000 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल होने की संभावना













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