June 23, 2026 11:25 am

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चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और CREST मामलों में CBI की जांच तेज, जल्द गिरेगी घोटाले से जुड़े अधिकारियों पर गाज!

सरकारी फंड से जुड़े मामलों में कई अधिकारियों और बैंक कर्मियों पर कार्रवाई
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 23 जून। IDFC फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले की जांच के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ से जुड़े अन्य वित्तीय अनियमितता मामलों में भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। CBI ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL), नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली है। जल्द ही घोटाले से जुड़े अधिकारियों पर गाज गिरेगी।
जांच एजेंसी इन मामलों में सरकारी फंड के इस्तेमाल, बैंकिंग लेनदेन और कथित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है। CBI ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाए हैं और संबंधित अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों तथा निजी संस्थाओं की भूमिका की जांच की जा रही है।

CSCL मामले में बैंक अधिकारियों समेत कई आरोपी जांच के घेरे में
CBI के अनुसार, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में बैंकिंग प्रक्रिया और फंड ट्रांजेक्शन से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई। इस मामले में CBI ने बैंक अधिकारियों, CSCL से जुड़े अधिकारी और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं से जुड़े फंड के संचालन में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को देखते हुए सभी लेनदेन की जांच की जा रही है। CBI यह भी पता लगा रही है कि फंड ट्रांसफर और खातों के संचालन में किन स्तरों पर नियमों की अनदेखी हुई।

CREST मामले में भी CBI ने दाखिल की चार्जशीट
CBI ने CREST चंडीगढ़ से जुड़े मामले में भी जांच आगे बढ़ाते हुए चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में बैंक अधिकारियों, CREST के अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
जांच में एजेंसी ने यह जानने का प्रयास किया है कि संबंधित खातों और वित्तीय लेनदेन में किस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई और क्या किसी स्तर पर सरकारी धन के इस्तेमाल में अनियमितता हुई।
IDFC फर्स्ट बैंक मामले से जुड़े हैं कई वित्तीय मामले
CBI द्वारा जांचे जा रहे ये मामले IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा से जुड़े बड़े वित्तीय प्रकरणों की कड़ी का हिस्सा हैं। इसी शाखा से हरियाणा सरकार के कई विभागों के खातों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया था, जिसमें करोड़ों रुपये के फंड डायवर्जन की जांच चल रही है।
CBI का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में जांच जारी है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी सभी संबंधित खातों, लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

IDFC फर्स्ट बैंक फंड गबन मामला: CBI ने वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को किया गिरफ्तार, आज कोर्ट में होगी पेशी

हरियाणा के चर्चित IDFC फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। CBI के अनुसार, पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 को हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के खातों से सरकारी धन के कथित दुरुपयोग मामले में गिरफ्तार किया गया। उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।
CBI ने बताया कि यह मामला हरियाणा सरकार की सिफारिश पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच के लिए CBI को सौंपा गया था। जांच में सामने आया कि IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में इन विभागों के खाते खोले गए थे, जिनमें वित्त विभाग हरियाणा की निर्धारित गाइडलाइन का कथित उल्लंघन हुआ।
जांच एजेंसी के मुताबिक, ये खाते पंकज अग्रवाल के उस समय के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे, जब वह स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग के प्रधान सचिव थे। बाद में इन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि ट्रांसफर की गई। CBI का दावा है कि फर्जी लेनदेन के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को करीब 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CBI ने कहा कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा मामला
CBI के अनुसार, IDFC फर्स्ट बैंक सेक्टर-32 शाखा से जुड़े इस बड़े घोटाले में हरियाणा सरकार के 8 विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये कथित रूप से siphon off कर फर्जी कंपनियों और शेल संस्थाओं के माध्यम से डायवर्ट किए गए थे।
इस मामले में अब तक CBI ने 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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