चंडीगढ़/फतेहाबाद/हिसार। हरियाणा में हाईकोर्ट के आदेशों के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अधिकारियों के व्यवहार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। फतेहाबाद में एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के संबंधित एसडीओ और जूनियर इंजीनियर (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। वहीं, हिसार में भी HSVP के एक एसडीओ की कार्यशैली और सरकारी वाहन पर कथित लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगाने को लेकर विवाद गहरा गया है।
फतेहाबाद में वायरल वीडियो के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद में हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान हरियाणा सचिवालय से सेवानिवृत्त अंडर सेक्रेटरी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में अधिकारियों के रवैये को लेकर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई।
मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित एसडीओ व जेई को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। सरकार ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन कराना अधिकारियों का दायित्व है, लेकिन किसी भी नागरिक, विशेषकर वरिष्ठ नागरिक के साथ असम्मानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिसार में भी एक HSVP अधिकारी विवादों में
फतेहाबाद की घटना के बीच हिसार में भी HSVP के एक एसडीओ को लेकर विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे और एक मामले में उन्हें पुलिस के एक डीएसपी से माफी भी मांगनी पड़ी थी।
अब उसी अधिकारी पर सरकारी बोलेरो वाहन पर कथित रूप से पुलिस जैसी लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगाकर चलने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब HSVP के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी ऐसी फ्लैशर लाइट लगाने की अनुमति नहीं है, तो संबंधित एसडीओ को यह अधिकार किस आधार पर मिला।
लोगों ने उठाए नियमों के पालन पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के तहत की जा रही है, तो अधिकारियों को स्वयं भी सभी सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान आम लोगों पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है, लेकिन अधिकारी स्वयं सरकारी वाहन के उपयोग और अन्य नियमों की अनदेखी करते दिखाई देते हैं।
लोगों ने सरकार और HSVP प्रशासन से मांग की है कि हिसार में सरकारी वाहन पर लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगाए जाने के मामले की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन हुआ है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
सरकार की सख्ती से मिला स्पष्ट संदेश
फतेहाबाद में एसडीओ और जेई के निलंबन की कार्रवाई को सरकार की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले से अधिकारियों को यह संदेश गया है कि अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई कानून के दायरे में और नागरिकों के सम्मान को बनाए रखते हुए ही की जानी चाहिए।
हालांकि, हिसार में लाल-नीली फ्लैशर लाइट और अन्य आरोपों को लेकर अभी तक HSVP या संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।












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