केमिस्ट शॉप हत्याकांड में चार और आरोपी गिरफ्तार, 3.028 किलो ICE, ₹8 लाख की नकली भारतीय करेंसी और दो अत्याधुनिक पिस्टल बरामद
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 8 जुलाई। चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-11 स्थित केमिस्ट शॉप हत्याकांड की जांच के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान से जुड़े अंतरराज्यीय और सीमा पार संचालित हथियार, नशीले पदार्थ तथा फर्जी भारतीय मुद्रा (FICN) तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ पूरे नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता को भी प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन क्राइम, सेक्टर-11 की टीम ने डीजीपी यूटी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसपी क्राइम मनजीत सिंह तथा डीएसपी लक्षय पांडे के निर्देशन में इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह पटियाल के नेतृत्व में की।
पंजाब में छापेमारी, करोड़ों की खेप बरामद
पुलिस ने पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिलों में लगातार कई दिन और रात तक छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 3.028 किलोग्राम ICE (मेथामफेटामाइन), ₹8 लाख मूल्य के नकली भारतीय नोट (FICN) तथा दो अत्याधुनिक पिस्टल और मैगजीन बरामद किए गए।
ड्रोन से होती थी हथियार और नशे की तस्करी
जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे संचालक पंजाब सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और नकली नोट गिराते थे। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क इन्हें उठाकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाता था। आरोपी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में रहते थे ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें।
पुलिस के अनुसार पूरा नेटवर्क कपूरथला जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर धर्मिंदर सिंह उर्फ गोली के इशारों पर संचालित हो रहा था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट समेत 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जम्मू-कश्मीर से बुलाए गए थे शूटर
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गैंग ने जम्मू-कश्मीर से शूटर बुलाए, उन्हें पंजाब में ठहराया, अवैध हथियार उपलब्ध कराए और वारदात से पहले हथियारों की टेस्ट फायरिंग भी करवाई। इसके बाद चंडीगढ़ में केमिस्ट शॉप पर फायरिंग और हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
पुलिस ने आकाश कुमार उर्फ मणि, सचिन सिलवेस्टर, गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह तथा मुख्य साजिशकर्ता धर्मिंदर सिंह उर्फ गोली को गिरफ्तार किया है।
आकाश कुमार उर्फ मणि के कब्जे से 3.028 किलो ICE और ₹8 लाख की नकली भारतीय करेंसी बरामद हुई। वह विदेशी ऑपरेटिव के संपर्क में रहकर हथियार, ड्रग्स और नकली नोट सप्लाई करता था।
सचिन सिलवेस्टर के पास से एक अत्याधुनिक पिस्टल बरामद हुई। वह हथियारों, ड्रग्स और नकली नोटों की ढुलाई और सप्लाई में शामिल था।
गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह ने शूटरों के रहने, हथियार उपलब्ध कराने और टेस्ट फायरिंग कराने की व्यवस्था की। उसके कब्जे से भी एक अत्याधुनिक पिस्टल बरामद हुई।
धर्मिंदर सिंह उर्फ गोली पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया है, जो जेल में बैठकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, विदेशी हैंडलरों, वित्तीय लेन-देन, हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई चेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी होने की संभावना है।












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