पंचकूला के माता मनसा देवी गौधाम में अंतिम अरदास में प्रदेशभर से पहुंचे मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि
रमेश गोयत
पंचकूला, 8 जुलाई। राजनीतिक दलों की विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन मानवीय संवेदनाएं हर सीमा से ऊपर होती हैं। इसका भावुक और प्रेरणादायक दृश्य बुधवार को पंचकूला स्थित माता मनसा देवी गौधाम में आयोजित हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) अधिकारी आशुतोष राजन की माताजी की अंतिम अरदास एवं श्रद्धांजलि सभा में देखने को मिला। शोक सभा में सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता एक ही मंच पर नजर आए। सभी ने राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। आशुतोष राजन आजकल हरियाणा पंचायत विभाग चंडीगढ़ में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर तैनात है। द्धांजलि सभा में प्रदेश के राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे समारोह के दौरान वातावरण बेहद भावुक रहा। श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेताओं और गणमान्य लोगों ने आशुतोष राजन एवं उनके परिवार से मिलकर दुख साझा किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
प्रदेशभर से पहुंचे मंत्री, सांसद और विधायक
श्रद्धांजलि सभा में राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, हरियाणा सरकार के मंत्री श्याम सिंह राणा एवं कृष्ण लाल पंवार, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, आदित्य सुरजेवाला, पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन, विधायक अकरम खान, सुभाष सुधा, दिनेश अडलखा, अनिल धंतौड़ी, तरुण भंडारी, लतिका शर्मा, पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, चेयरमैन ओमप्रकाश देवीनगर, बंतो कटारिया, दीपक शर्मा, पूर्व मेयर उपेंद्र अहलूवालिया, राकेश कामी सहित भाजपा और कांग्रेस के अनेक वर्तमान एवं पूर्व पार्षद, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भेजा शोक संदेश
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि सभा में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने शोक संदेश भेजकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और आशुतोष राजन सहित पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की।
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर दिया एकता का संदेश
श्रद्धांजलि सभा केवल एक धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक बनी। वर्षों से अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता एक साथ बैठकर शोक व्यक्त करते नजर आए। इस अवसर ने यह संदेश दिया कि दुख की घड़ी में राजनीतिक मतभेदों का कोई स्थान नहीं होता और मानवीय रिश्ते सबसे ऊपर होते हैं।
नेताओं ने अपने संक्षिप्त संवाद में कहा कि जीवन और मृत्यु का सत्य सभी को समान रूप से जोड़ता है। ऐसे समय में समाज का हर वर्ग और हर विचारधारा एक परिवार की तरह साथ खड़ी होती है। यही भारतीय संस्कृति और सामाजिक परंपरा की सबसे बड़ी पहचान है।
भावुक माहौल में दी गई अंतिम श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मित्रों और शुभचिंतकों ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान शोक और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। अंत में सभी ने सामूहिक रूप से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।















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