August 27, 2026 5:38 am

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अमेरिकी टैरिफ धमकी और भू-राजनीतिक तनाव से बाजार पर दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

मिडकैप-स्मॉलकैप में ज्यादा बिकवाली, रियल्टी और मीडिया सेक्टर सबसे कमजोर
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की कमजोरी देखने को मिली। रूस प्रतिबंध अधिनियम के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की संभावित धमकियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके असर से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही शुरुआती सत्र में लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
सुबह 9:29 बजे तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 107 अंक यानी 0.13 प्रतिशत गिरकर 84,073 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 26 अंक या 0.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 26,850 पर कारोबार करता दिखा।

मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा दबाव
बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.29 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.84 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की सतर्कता बढ़ी हुई है।

रियल्टी और मीडिया सेक्टर फिसले
सेक्टोरल मोर्चे पर लगभग सभी सूचकांक लाल निशान में रहे। रियल्टी और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.14 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत टूट गया। हालांकि आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली और ये दो सेक्टर गिरावट से बचे रहे।

ओएनजीसी और बीईएल टॉप गेनर्स
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में ओएनजीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) टॉप गेनर्स में शामिल रहे। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,700 से 25,750 के दायरे में देखा जा रहा है, जबकि 26,150 से 26,200 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

ट्रंप के बयान से पहले ही बाजार में गिरावट
गौरतलब है कि गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस प्रतिबंध अधिनियम के तहत भारत पर लगभग 500 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की संभावना जताए जाने के बाद बाजार में तेज गिरावट आई थी। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरा और 263 अंकों की कमजोरी के साथ 25,876 पर बंद हुआ था। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले पर टिकी है, जिसमें ट्रंप टैरिफ की वैधता को लेकर निर्णय आने की उम्मीद है।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में सुबह के सत्र में मिला-जुला रुख देखने को मिला। चीन की महंगाई दर दिसंबर में करीब तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशक सतर्क नजर आए। शंघाई इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और शेनझेन 0.57 प्रतिशत चढ़ा, जापान का निक्केई 1.14 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.07 प्रतिशत फिसल गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.69 प्रतिशत ऊपर रहा।
अमेरिकी बाजारों में गुरुवार रात मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। नैस्डैक 0.44 प्रतिशत गिरा, जबकि एसएंडपी 500 में 0.01 प्रतिशत और डाओ जोंस में 0.55 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

एफआईआई बिकवाल, डीआईआई खरीदार
एफआईआई-डीआईआई के आंकड़ों के अनुसार, 8 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,367 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,701 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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