चौकी बंद होने के बाद बढ़ीं चोरी और स्नैचिंग की घटनाएं, लोगों की मांग पर दोबारा खुली लेकिन भवन की जगह कंटेनर में; पुलिसकर्मियों की कार्यस्थितियों पर भी बहस
रमेश गोयत
पंचकूला, 7 अगस्त। हरियाणा के पंचकूला शहर की सेक्टर-15 पुलिस चौकी इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। वजह यह है कि यह पुलिस चौकी किसी सरकारी भवन या आधुनिक पुलिस परिसर में नहीं, बल्कि नगर निगम के एक कंटेनर में पिछले लगभग एक वर्ष से संचालित हो रही है। इस व्यवस्था का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और पुलिसकर्मियों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेक्टर-15 में पहले पुलिस चौकी एक सरकारी भवन में संचालित होती थी। बाद में पुलिस के उच्च अधिकारियों ने आवश्यकता कम बताते हुए चौकी को बंद कर दिया था। लेकिन चौकी बंद होने के बाद सेक्टर-15 और आसपास के क्षेत्रों में चोरी, स्नैचिंग तथा अन्य आपराधिक घटनाओं की शिकायतें बढ़ने लगीं। स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने लगातार चौकी दोबारा शुरू करने की मांग उठाई।
जनता के दबाव और सुरक्षा संबंधी मांगों को देखते हुए पुलिस चौकी तो दोबारा शुरू कर दी गई, लेकिन पुराने सरकारी भवन में स्थापित करने के बजाय नगर निगम के एक कंटेनर को अस्थायी पुलिस चौकी बना दिया गया। यह अस्थायी व्यवस्था अब लगभग एक साल से जारी है।

पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर भी उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कंटेनर में चौकी चलाना केवल अस्थायी व्यवस्था हो सकती है, लेकिन यदि यही व्यवस्था महीनों तक जारी रहे तो पुलिसकर्मियों के लिए यह बेहद कठिन स्थिति बन जाती है। कंटेनर में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए शौचालय, स्नानघर, विश्राम कक्ष, पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आ रही है।
लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी 24 घंटे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहते हैं, इसलिए उनके लिए सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वायरल वीडियो के बाद तेज हुई चर्चा
सेक्टर-15 पुलिस चौकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। वीडियो में कंटेनर के भीतर संचालित पुलिस चौकी दिखाई दे रही है, जिसे लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्मार्ट सिटी और आधुनिक पुलिस व्यवस्था की बात करने वाले पंचकूला में पुलिसकर्मियों के लिए स्थायी भवन उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल पुलिसकर्मियों की सुविधा का मुद्दा नहीं बल्कि आम जनता की सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। यदि पुलिस चौकी स्थायी और बेहतर संसाधनों से लैस होगी तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगी।
आरडब्ल्यूए और स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि सेक्टर-15 में स्थायी पुलिस चौकी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासन को पुराने सरकारी भवन में चौकी फिर से शुरू करनी चाहिए या फिर नया भवन उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि पुलिसकर्मी बेहतर माहौल में काम कर सकें और आम लोगों को भी प्रभावी पुलिस सेवाएं मिल सकें।
पुलिस प्रशासन से उठे सवाल
इस पूरे मामले में कई सवाल सामने आ रहे हैं—
यदि सरकारी भवन उपलब्ध था तो चौकी वहां क्यों नहीं चलाई गई?
लगभग एक वर्ष से अस्थायी कंटेनर में चौकी संचालित होने के बावजूद स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया?
पुलिसकर्मियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था किसकी जिम्मेदारी है?
क्या जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम इस व्यवस्था की संयुक्त समीक्षा करेंगे?
फिलहाल सेक्टर-15 की यह कंटेनर पुलिस चौकी पंचकूला ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पुलिसकर्मियों के लिए स्थायी एवं बेहतर कार्यस्थल कब तक उपलब्ध कराया जाता है।














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