रमेश गोयत
चंडीगढ़, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर निगरानी के बीच चंडीगढ़ आबकारी विभाग ने अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने मौली जागरां क्षेत्र के निकट सुंदर नगर में एक टिन शेड में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे शराब बिक्री केंद्र पर छापेमारी कर विभिन्न ब्रांडों की कुल 1,814 बोतलें शराब बरामद कर जब्त की हैं।
यह कार्रवाई आबकारी एवं कराधान आयुक्त, यू.टी. चंडीगढ़, निशांत यादव के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर, आबकारी प्रद्युम्न सिंह की प्रत्यक्ष निगरानी में की गई। विभाग को सुंदर नगर क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच और छापेमारी की।
टिन शेड में चल रहा था अवैध शराब बिक्री केंद्र
प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी कराधान निरीक्षक (ETI) शावीन जैन के नेतृत्व में टीम ने सुंदर नगर क्षेत्र में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान टीम को एक टिन शेड में अवैध रूप से शराब बिक्री केंद्र संचालित किए जाने का पता चला। मौके की जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में विभिन्न ब्रांडों की शराब बरामद हुई।
आबकारी विभाग ने बरामद शराब को कब्जे में लेकर नियमानुसार जब्त कर लिया। शुरुआती कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि शराब की बिक्री के लिए अधिकृत व्यवस्था और आवश्यक लाइसेंस के बाहर जाकर अवैध रूप से कारोबार किया जा रहा था।
विभिन्न ब्रांडों की 1,814 बोतलें बरामद
छापेमारी के दौरान बरामद शराब में कई अलग-अलग ब्रांड शामिल हैं।
विभाग के अनुसार जब्त की गई शराब का विवरण इस प्रकार है—
रॉयल जनरल – 960 बोतलें
टैंगो संतरा – 750 बोतलें
रॉयल स्टैग – 96 बोतलें
आइकोनिक व्हाइट – 4 बोतलें
ऑल सीजन्स – 4 बोतलें
इस प्रकार कार्रवाई के दौरान कुल 1,814 बोतलें शराब जब्त की गईं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी के बाद आबकारी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके स्रोत और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी सूचना, मामला दर्ज
छापेमारी के बाद आबकारी विभाग ने स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। अवैध शराब बिक्री केंद्र संचालित करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध थाना मौली जागरां, चंडीगढ़ में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 61-1-14 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223/भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है।
शराब की सप्लाई के स्रोत की जांच
आबकारी विभाग ने केवल अवैध बिक्री केंद्र तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि बरामद शराब की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने के लिए पिछली कड़ियों की जांच शुरू कर दी गई है। विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब आरोपी तक कहां से पहुंची और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी।
जांच के दौरान शराब की खरीद, भंडारण और संभावित वितरण से संबंधित कड़ियों को खंगाला जाएगा। यदि इस अवैध गतिविधि में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शराब कारोबार पर विभाग की सख्ती
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को चंडीगढ़ में अवैध शराब की बिक्री और अनधिकृत भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना वैध अनुमति या लाइसेंस के शराब की बिक्री और भंडारण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों के निर्देशों के तहत आबकारी विभाग द्वारा संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सुंदर नगर में हुई इस छापेमारी में बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर भी जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।
आबकारी विभाग ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।















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