August 27, 2026 5:34 am

August 27, 2026 5:34 am

HARYANA: HKRN कर्मियों को पक्का करने की मांग को लेकर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन

हुड्डा बोले- जब तक नियमितीकरण नहीं, संघर्ष जारी रहेगा
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
पंचकूला, 19 अगस्त। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को पंचकूला में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता HKRN कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान “बीजेपी सरकार जवाब दो-जवाब दो” और “HKRN का हिसाब दो-हिसाब दो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। प्रदर्शन में सांसद दीपेंद्र हुड्डा, वरुण मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी, कर्मवीर बौद्ध, आयोजक चंद्रमोहन, संयोजक अशोक अरोड़ा, वीरेंद्र सिंह, उदयभान, कुलदीप शर्मा, डिप्टी लीडर आफताब अहमद सहित विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

HKRN कर्मियों को सरकारी नौकरी में पक्का करने की मांग
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग है कि HKRN के माध्यम से कार्यरत सभी कर्मचारियों को सरकारी सेवा में नियमित किया जाए। उन्हें समान वेतनमान, महंगाई भत्ता (DA), पदोन्नति, आरक्षण और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ भी दिए जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकारी पदों पर होने वाली नियुक्तियां भी नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार का काम नियमित सरकारी भर्तियां करना है, लेकिन मौजूदा सरकार राजपत्रित पदों तक को HKRN के माध्यम से भरकर ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही है। उनके अनुसार इससे सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलने वाले आरक्षण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
“सरकारी पदों की संख्या चार लाख की जाए”
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान सरकारी पदों की संख्या बढ़ाकर करीब चार लाख की गई थी, ताकि अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर हो। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार में यह संख्या घटकर करीब ढाई लाख रह गई है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी पदों की संख्या दोबारा चार लाख नहीं की जाती और कौशल कर्मियों को नियमित नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।

चुनाव से पहले 1.25 लाख कर्मियों को पक्का करने के वादे का मुद्दा उठाया
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस कोई नई मांग नहीं उठा रही है। उनके मुताबिक, भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले करीब 1.25 लाख कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का ऐलान किया था। उन्होंने दावा किया कि 15 अगस्त 2024 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन लगभग दो साल बीतने के बावजूद कर्मचारियों को नियमित करने के लिए ठोस कानून या अंतिम आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि इसके कारण HKRN कर्मियों के सामने नौकरी की असुरक्षा बनी हुई है और समय-समय पर कर्मचारियों को हटाया जाता है।

कांग्रेस की नियमितीकरण नीति को अदालतों से मान्यता मिली”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बनाई गई कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति को अदालतों से वैधता मिली है। उन्होंने कहा कि इस नीति से गेस्ट टीचर्स सहित हजारों कर्मचारियों को लाभ मिला।
राव नरेंद्र ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने लंबे कार्यकाल के बावजूद कच्चे कर्मचारियों के लिए ऐसी व्यापक नियमितीकरण नीति नहीं बना सकी, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों में असुरक्षा बनी हुई है।
“HKRN युवाओं को कम मजदूरी पर अस्थायी रोजगार देता है”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि HKRN की व्यवस्था के तहत शिक्षित और योग्य युवाओं को सरकारी विभागों, बोर्डों और अन्य संस्थानों में अस्थायी तौर पर तैनात किया जाता है। पार्टी ने इसे “डिजिटल लेबर एक्सचेंज” बताते हुए कहा कि युवाओं को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता और उन्हें कम मजदूरी पर काम करना पड़ता है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि निगम कर्मचारियों की मजदूरी से एक प्रतिशत राशि वसूल करता है। पार्टी ने इसे युवाओं के शोषण की व्यवस्था बताया।
“कर्मचारी नहीं, डिप्लॉय किए गए कॉन्ट्रैक्चुअल पर्सन”
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि HKRN के माध्यम से लगे युवाओं को सरकार कर्मचारी नहीं मानती, बल्कि उन्हें “एम्प्लॉय” करने के बजाय “डिप्लॉय” करने की बात कही जाती है। उन्होंने मांग की कि HKRN के माध्यम से कार्यरत सभी युवाओं को नियमित सरकारी नौकरी दी जाए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में HPSC, HSSC और अन्य भर्ती संस्थाओं के माध्यम से होने वाली सरकारी भर्तियां स्थायी आधार पर हों और उनमें आरक्षण सहित सभी संवैधानिक प्रावधानों का पालन किया जाए।
NFS के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
दीपेंद्र हुड्डा ने NFS यानी ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके नाम पर एससी और ओबीसी वर्ग के युवाओं के हित प्रभावित हो रहे हैं और आरक्षित पद खाली छोड़े जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का कोई युवा “नॉट फाउंड सूटेबल” नहीं है। उन्होंने सरकार और भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के युवा UPSC, JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
“आज ट्रेलर है, सरकार नहीं जागी तो आंदोलन और तेज होगा”
दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बुधवार का प्रदर्शन केवल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने HKRN कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक करेगी।
उन्होंने कहा कि “देश के भविष्य और Gen-Z के लिए लड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।”

HKRN नीति की शब्दावली पर भी उठाए सवाल
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने HKRN की “Deployment of Contractual Persons Policy-2022” का हवाला देते हुए कहा कि इसकी शब्दावली से ही कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट होती है। उनके अनुसार इसमें नियुक्ति के बजाय “डिप्लॉयमेंट”, वेतन के बजाय “वेजेज”, पद के बजाय “जॉब रोल” और कर्मचारी के बजाय “कॉन्ट्रैक्चुअल पर्सन्स” जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नीति में ट्रांसफर की जगह पोस्टिंग और छुट्टी के स्थान पर साप्ताहिक अवकाश जैसी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह की व्यवस्था से कर्मचारियों को नियमित सरकारी कर्मचारियों के समान वैधानिक अधिकार और सेवा सुरक्षा नहीं मिलती।

HPSC-HSSC को कमजोर करने का आरोप”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नियमित सरकारी भर्तियों के लिए बनाए गए संवैधानिक और वैधानिक भर्ती संस्थानों की भूमिका कमजोर की जा रही है और सरकारी विभागों में मानव संसाधन की जरूरत HKRN के माध्यम से पूरी की जा रही है।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल HKRN कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं को स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आरक्षण और सम्मानजनक सेवा शर्तें दिलाने के लिए है। उन्होंने दोहराया कि जब तक कौशल कर्मियों को नियमित करने और सरकारी पदों को बढ़ाने की मांग पर ठोस फैसला नहीं होता, कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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