मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 देशों के विदेशी विद्यार्थियों से किया संवाद
नई तकनीक और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ें युवा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
विदेशी विद्यार्थी हरियाणा से शिक्षा लेकर अपने देशों में प्रदेश के ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनें
चंडीगढ़, 19 अगस्त। हरियाणा को ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच के साथ दुनिया से जोड़ने और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों का विस्तार करने की दिशा में विदेश सहयोग विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को संत कबीर कुटीर में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित विदेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए हैं। ऐसे में युवाओं को लगातार सीखते रहने, नई तकनीकों को अपनाने और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच के साथ आगे बढ़ते हुए युवाओं को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत है।
संवाद कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र और महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी मुलाना में पढ़ रहे 14 देशों के विद्यार्थी शामिल हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अध्ययन और शोध कार्य को लेकर सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि वे जिस विषय पर शोध कर रहे हैं, उसमें उन्हें क्या नया सीखने को मिला और हरियाणा में उनका अनुभव कैसा रहा। विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए और हरियाणा में शिक्षा, शोध, विश्वविद्यालयों के वातावरण, यहां की संस्कृति और लोगों से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में बताया।
हरियाणा से मिली शिक्षा और संस्कार जीवनभर साथ रहेंगे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में विश्वविद्यालय का समय केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होता। इस दौरान प्राप्त शिक्षा, अनुभव और यादें जीवनभर साथ रहती हैं। हरियाणा में शिक्षा प्राप्त कर रहे विदेशी विद्यार्थी जब अपने-अपने देशों में वापस जाएंगे, तो वे यहां के अनुभवों को वहां साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी हरियाणा के ‘ब्रांड एंबेसडर’ की तरह काम कर सकते हैं और अपने देशों में प्रदेश की शिक्षा, संस्कृति तथा यहां मिले अनुभवों की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि हरियाणा से प्राप्त ज्ञान और अनुभवों का लाभ वे अपने देशों के विकास में भी पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भूमि है। कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से कर्म का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी मेहनत, निष्ठा और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि हरियाणा में बिताया गया समय, यहां मिली शिक्षा और अनुभव उनके जीवन की ऐसी पूंजी हैं, जिन्हें वे हमेशा अपने साथ लेकर जाएंगे।
हरियाणा सरकार केवल जी टू जी नहीं, हार्ट टू हार्ट संबंधों में विश्वास रखती है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार केवल जी टू जी यानी सरकार से सरकार के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्ट टू हार्ट यानी दिल से दिल के जुड़ाव के साथ दुनिया से जुड़ने में विश्वास रखती है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का संदेश दिया है। उसी को प्रदेश सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में शिक्षा ग्रहण करने आए विदेशी विद्यार्थी यहां केवल डिग्री लेने नहीं आए हैं, बल्कि हरियाणा की संस्कृति, परंपराओं और यहां के लोगों से जुड़ने का अनुभव भी अपने साथ लेकर जाएंगे। इन विद्यार्थियों के माध्यम से ‘पीपल टू पीपल कनेक्ट’ मजबूत होगा और हरियाणा तथा उनके देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और विश्वास के संबंध और मजबूत होंगे।
अफ्रीकी देशों के विद्यार्थियों के साथ अफगानिस्तान की छात्रा भी शामिल
संवाद कार्यक्रम में अफ्रीकी देशों सहित विभिन्न देशों के विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें अफगानिस्तान की एक छात्रा भी शामिल रही, जिसने हरियाणा के एचएयू में पीएचडी पूरी की है, उन्होंने हरियाणा में बिताए 7 साल के अनुभव को सांझा किया, खास बात यह रही कि उनका पूरा संवाद हिन्दी भाषा में रहा। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने शोध एवं अध्ययन के अनुभव साझा किए और बताया कि हरियाणा में रहते हुए उन्हें अपने विषय के साथ-साथ भारतीय और हरियाणवी संस्कृति को समझने का भी अवसर मिला।
हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए यूके में अध्ययन का नया अवसर
विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई और शोध के ज्यादा अवसर देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही हरियाणा के विद्यार्थी यूके की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जा सकेंगे और इस संबंध में कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से हरियाणा के युवाओं को विदेश जाकर नई तकनीक, नए विषयों और पढ़ाई के बेहतर तरीकों को सीखने का मौका मिलेगा। साथ ही, उन्हें आगे चलकर अच्छी नौकरी और बेहतर करियर के अवसर भी मिल सकेंगे। विभाग का प्रयास है कि हरियाणा के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को वैश्विक स्तर पर पढ़ाई और अपने हुनर को आगे बढ़ाने के अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग और एमओयू बढ़ाने पर जोर दिया, इसके लिए वीजा प्रक्रिया को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई और शोध के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, विदेशी विद्यार्थियों के लिए भी हरियाणा को एक बेहतर और आकर्षक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
विदेशी विद्यार्थी बनेंगे हरियाणा के दूत:पवन चौधरी
विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने कहा कि 14 देशों के विद्यार्थी हरियाणा में शिक्षा और शोध का अनुभव ले रहे हैं। ये विद्यार्थी अपने-अपने देशों में वापस जाकर हरियाणा के अनुभवों को साझा करेंगे और प्रदेश के दूत के रूप में हरियाणा की सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग बढ़ने से हरियाणा के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, कौशल विकास, इंटर्नशिप, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के नए अवसर पैदा होंगे। हरियाणा में अध्ययन कर रहे विदेशी विद्यार्थी केवल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि वे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों के सेतु भी हैं। इनके अनुभवों से हरियाणा की शिक्षा, संस्कृति, कृषि, शोध और विकास मॉडल की सकारात्मक जानकारी दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचेगी।
कार्यक्रम के दौरान विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव अजय कुमार, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज, डॉ आशा कवात्रा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रो. दीपक राय, प्रो.संजीव अग्रवाल और डॉ रोशनी, विदेश सहयोग विभाग की संयुक्त निदेशक हिना बिंदलिश सहित विदेशी विद्यार्थी मौजूद थे।
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स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए नागरिक बरतें जरूरी सावधानियां
बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण हों तो सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखें
चण्डीगढ़, 19 अगस्त – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बदलते मौसम के चलते स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए आमजन को सावधानी बरतने की सलाह दी है और इसके बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है और नागरिकों को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, कमजोरी एवं भूख कम लगना, जी मिचलाना, उल्टी तथा दस्त शामिल हैं। बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण हों तो सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके। संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने बताया कि नागरिकों से अपील की गई है कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल से ढकें। हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ पौष्टिक भोजन लें। पर्याप्त नींद लें एवं आराम करें। यदि बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण हों तो सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।
प्रवक्ता ने बताया कि विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार स्वाईन फ्लू से बचाव को लेकर लोगों को हाथ मिलाने अथवा अन्य संपर्क वाले अभिवादन से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां न लेने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर उचित जांच एवं उपचार करवाएं। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें और संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पुनः शुरू होगी डॉ. बी.आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना : कृष्ण कुमार बेदी
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्मोत्सव पर पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ
चण्डीगढ़, 19 अगस्त – हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्मोत्सव के अवसर पर डॉ. बी.आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के पात्र परिवारों को लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश स्तर पर पात्र परिवारों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
कृष्ण कुमार बेदी चण्डीगढ़ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव एवं निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अजय कुमार, सेवा विभाग के संयुक्त सचिव जयप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले पात्र परिवारों को मकान के नवीनीकरण के लिए 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान एवं चयन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि लाभार्थियों को योजना का लाभ शीघ्र मिल सके।
मंत्री ने कहा कि यह योजना अब सभी वर्गों के गरीब परिवारों के कल्याण के लिए भी लागू की गई है। 30 जून, 2026 तक सभी वर्गों के 85,815 लाभार्थियों को 415.48 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के लिए योजना को 25 सितंबर, 2026 से पुनः शुरू किया जाएगा।
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्गों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, मुख्यमंत्री सामाजिक समरस्ता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संत महापुरुष सम्मान प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत-महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य संत-महापुरुषों की शिक्षाओं एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा उनके योगदान को सम्मान देना है।
उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 20 अगस्त को रोहतक में
1 लाख से 3 लाख रुपये तक के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की होगी सुनवाई
चंडीगढ़, 19 अगस्त— उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनकी बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 20 अगस्त, 2026 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक राजीव गांधी विद्युत भवन, पावर हाउस, रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि रेगुलेशन 2.8.2 के तहत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच 1 लाख रुपये से अधिक तथा 3 लाख रुपये तक की राशि से संबंधित वित्तीय विवादों की शिकायतों की सुनवाई करेगा। उन्होंने बताया कि रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर और रोहतक जिलों के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण इस मंच के माध्यम से किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान गलत बिजली बिलों, बिजली की दरों से संबंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी, खराब मीटर तथा वोल्टेज से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई की जाएगी। हालांकि, बिजली चोरी, बिजली के दुरुपयोग तथा घातक एवं गैर-घातक विद्युत दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों पर इस मंच द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता और निगम के बीच वित्तीय विवाद से संबंधित शिकायत मंच के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले उपभोक्ता को नियमानुसार राशि जमा करवानी होगी। यह राशि पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए औसत बिजली शुल्क के आधार पर प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि अथवा उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि में से जो कम हो, उसके आधार पर निर्धारित होगी।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित मामला किसी न्यायालय, प्राधिकरण अथवा अन्य फोरम के समक्ष लंबित नहीं है। न्यायालय या किसी अन्य फोरम में विचाराधीन मामलों पर उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपनी बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए 20 अगस्त को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक राजीव गांधी विद्युत भवन, पावर हाउस, रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित होने वाली कार्यवाही में उपस्थित होकर मंच के समक्ष अपनी शिकायतें प्रस्तुत करें और उपलब्ध निवारण प्रक्रिया का लाभ उठाएं।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने तथा निरंतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिक्षा मंत्री ने पीएम श्री राजकीय स्कूल का किया औचक निरीक्षण; व्यवस्थाओं का लिया जायजा, विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद
चंडीगढ़, 19 अगस्त- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और धरातलीय स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षा मंत्री ने सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पीएम श्री जीजीएसएसएस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी समस्याएं
स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री ने न केवल भौतिक व्यवस्थाओं को जांचा, बल्कि कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी स्थापित किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की सामग्री और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर खुलकर बात की। मंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की हर जरूरत और समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
धरातल पर उतरकर व्यवस्थाएं जांचने की अनूठी पहल
प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिल रहा है जब कोई शिक्षा मंत्री स्वयं ग्राउंड स्तर पर उतरकर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की व्यवस्थाओं की सीधी मॉनिटरिंग कर रहा है। मंत्री महीपाल ढांडा का मानना है कि केवल कार्यालयों में बैठकर नीतियां बनाने से जमीनी बदलाव संभव नहीं है, बल्कि उसके लिए खुद मौके पर जाकर कमियों को देखना और सुधार करना आवश्यक है। उनके इस आक्रामक और संवेदनशील कार्यशैली की आम जनमानस और अभिभावकों के बीच सराहना हो रही है।
11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके हैं निरीक्षण
शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का यह अभियान लगातार जारी है। पिछले 11 दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों का औचक दौरा कर चुके हैं। इससे पहले वे पंचकूला के राजकीय कॉलेज, बसताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का भी गहन निरीक्षण कर चुके हैं।
शिक्षकों और अधिकारियों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अध्यापकों को निष्ठापूर्वक पढ़ाने और स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।














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