August 27, 2026 6:32 am

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चंडीगढ़: पूर्व सीएम चन्नी ने पंजाब यूनिवर्सिटी में दी एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की अंतिम परीक्षा

CWC बैठक से रहे दूर; अब दूसरी पीएचडी की तैयारी

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़

चंडीगढ़, 20 अगस्त 2026। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी आज एक बार फिर राजनीति के बजाय पढ़ाई को लेकर चर्चा में रहे। चन्नी ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की अंतिम परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र में वह अन्य विद्यार्थियों के साथ बैठकर पेपर लिखते नजर आए। उनकी परीक्षा की तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

दिलचस्प बात यह है कि चन्नी ने यह परीक्षा ऐसे समय में दी, जब दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। परीक्षा के कारण वह इस बैठक में शामिल नहीं हुए। चन्नी ने साफ किया कि उनकी गैरहाजिरी का कारण कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि पहले से तय परीक्षा थी।

पार्टी की बैठक के बजाय परीक्षा को चुना
चन्नी के मुताबिक, उन्होंने परीक्षा के लिए पार्टी नेतृत्व से पहले ही अनुमति ले ली थी। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा साल में एक बार आती है, जबकि पार्टी की बैठकें होती रहती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए देर रात तक पढ़ाई करने और सुबह जल्दी उठकर दोबारा तैयारी करने की बात भी कही।

कांग्रेस नेताओं ने भी चन्नी के परीक्षा देने के फैसले का बचाव किया। वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि यदि कोई नेता परीक्षा दे रहा है तो इसमें गलत क्या है। सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी चन्नी की पढ़ाई को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

राजनीति के साथ पढ़ाई का सिलसिला जारी
चरणजीत सिंह चन्नी का पंजाब यूनिवर्सिटी से पुराना अकादमिक संबंध रहा है। वह यहां से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके हैं। अब वह पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, चन्नी की योजना अब पब्लिक पॉलिसी/पब्लिक पॉलिसी रिफॉर्म्स से जुड़े विषय पर दूसरी पीएचडी करने की है और इसके लिए वह अगले महीने प्रवेश परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं।

चन्नी का कहना है कि सार्वजनिक प्रशासन और नीतिगत सुधारों की पढ़ाई का मकसद केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। वह पंजाब के प्रशासन और विकास से जुड़े विषयों पर अध्ययन करना चाहते हैं और भविष्य में इन विचारों को शासन में लागू करने की बात भी कह चुके हैं।

चन्नी की पीएचडी भी रही थी विवादों में
चन्नी की मौजूदा परीक्षा के साथ उनकी पहली पीएचडी का पुराना विवाद भी एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान की पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर विवाद हुआ था।
उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेटर प्रो. राजेश गिल ने चन्नी के पीएचडी प्रवेश को लेकर जांच की मांग उठाई थी। द ट्रिब्यून की उस समय की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएचडी प्रवेश परीक्षा के पेपर-1 के लिए सामान्य न्यूनतम योग्यता अंक 50 प्रतिशत थे, जिन्हें परिणाम घोषित होने के बाद एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार चन्नी ने पेपर-1 में 50 में से 22 अंक हासिल किए थे, यानी करीब 44 प्रतिशत, जिसके बाद संशोधित मानदंड के तहत उनका पेपर-2 मूल्यांकन के लिए लिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, चन्नी ने पेपर-2 में 31 अंक हासिल किए और दोनों पेपरों में कुल 53 अंक बने। इस बदलाव को लेकर विश्वविद्यालय के भीतर सवाल उठे थे कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने और परिणाम घोषित होने के बाद पात्रता मानदंड में बदलाव क्यों किया गया।

सीनेट में उठा था मामला
इस मुद्दे को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट में भी तीखी बहस हुई थी। विरोध करने वाले सदस्यों का तर्क था कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता की शर्तों में बदलाव करना उचित नहीं था। एक सीनेटर ने तो मामले में सीबीआई जांच की मांग तक की थी।

हालांकि, इस पूरे मामले को विवाद और लगाए गए आरोपों के संदर्भ में देखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्ट में यह दर्ज है कि एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए पात्रता अंक 50 से घटाकर 40 प्रतिशत किए गए थे और इसी बदलाव से चन्नी के प्रवेश का रास्ता साफ हुआ; इसे सीधे तौर पर “नियमों से बाहर जाकर चन्नी को व्यक्तिगत अतिरिक्त अंक देने” के रूप में लिखना सटीक नहीं होगा।

अब फिर चर्चा में चन्नी की पढ़ाई
आज की परीक्षा ने पुराने विवाद को भी फिर से राजनीतिक और अकादमिक चर्चा में ला दिया है। एक तरफ चन्नी सक्रिय राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद हैं, वहीं दूसरी तरफ वह लगातार उच्च शिक्षा और शोध से जुड़े हुए हैं।
आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में संगठनात्मक खींचतान और गुटबाजी की चर्चाओं के बीच उनका CWC बैठक से दूर रहकर परीक्षा देना भी राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि चन्नी ने इसे किसी राजनीतिक संदेश से जोड़ने के बजाय अपनी पढ़ाई और परीक्षा को कारण बताया है।

एक परीक्षा खत्म, दूसरी की तैयारी
चन्नी के लिए आज की परीक्षा केवल एमए की पढ़ाई का एक चरण पूरा करना नहीं है। वह अब पब्लिक पॉलिसी रिफॉर्म्स पर दूसरी पीएचडी की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। यानी सक्रिय राजनीति के बीच चन्नी का अकादमिक सफर भी लगातार जारी है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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