75.4 करोड़ रुपये के गबन मामले में तत्कालीन CREST CEO नवनीत श्रीवास्तव समेत कंपनी और उसकी निदेशक को बनाया आरोपी
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 11 सितंबर 2026। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ के CREST-IDFC फ्रॉड केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नवनीत श्रीवास्तव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। CBI ने यह चार्जशीट शुक्रवार को दाखिल की।
चार्जशीट में नवनीत श्रीवास्तव के अलावा M/s Vipam Consultancy Pvt. Ltd. और कंपनी की निदेशक को आरोपी बनाया गया है। CBI के अनुसार मामले में आपराधिक साजिश, सबूत नष्ट करने, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत, आपराधिक कदाचार और उकसाने से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
75.4 करोड़ रुपये की राशि के गबन का मामला
CBI की जांच में सामने आया कि CREST के CEO के पद पर रहते हुए नवनीत श्रीवास्तव ने अन्य आरोपियों के साथ कथित तौर पर आपराधिक साजिश रची और CREST के फंड का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी अधिकारी ने लोक सेवक के रूप में आपराधिक कदाचार करते हुए अवैध आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया।
CBI के मुताबिक इस मामले में कुल 75.4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। यह राशि CREST के IDFC First Bank खातों से संबंधित थी।
पत्नी की कंपनी को मिले 95 लाख रुपये
जांच के दौरान CBI ने पाया कि नवनीत श्रीवास्तव की पत्नी, जो Vipam Consultancy Pvt. Ltd. की निदेशक हैं, तथा कंपनी ने कथित तौर पर अपराध में मदद की और आपराधिक साजिश का हिस्सा बनीं।
CBI के अनुसार धोखाधड़ी से हासिल राशि में से 95 लाख रुपये कंपनी को प्राप्त हुए। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल आगे अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं नवनीत श्रीवास्तव
CBI ने बताया कि नवनीत श्रीवास्तव को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
CBI ने यह मामला चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से अपने हाथ में लिया था। शुक्रवार को दाखिल की गई चार्जशीट से पहले इस मामले में 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
हरियाणा के 504 करोड़ रुपये के बैंकिंग फ्रॉड से भी जुड़ा मामला
CREST का यह मामला IDFC First Bank की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े बड़े बैंकिंग फ्रॉड से संबंधित है। CBI के अनुसार इसी व्यापक बैंकिंग धोखाधड़ी में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संस्थानों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी और अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तथा धोखाधड़ीपूर्ण डेबिट लेन-देन के माध्यम से कथित तौर पर निकाले गए।
हरियाणा से जुड़े मामले को CBI ने राज्य सरकार के अनुरोध पर स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, हरियाणा से अपने हाथ में लिया था। इस मामले में CBI अब तक 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी/नगर निगम केस में भी कार्रवाई
CBI ने चंडीगढ़ से जुड़े तीसरे मामले को भी अपने हाथ में लिया है। यह मामला स्मार्ट सिटी/चंडीगढ़ नगर निगम के फंड से संबंधित है। इस मामले में नगर निगम को करीब 78 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में CBI ने सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
तीनों मामलों में फंड ट्रेल की जांच जारी
CBI ने कहा है कि तीनों मामलों में जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस गबन की गई सरकारी राशि के पूरे फंड ट्रेल का पता लगाने, धन के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने और अन्य संभावित आरोपियों का पता लगाने पर है।
CBI के अनुसार जांच के दौरान अपराध से अर्जित धन और उससे जुड़े लेन-देन का भी पता लगाया जा रहा है। एजेंसी ने कहा कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कानून के दायरे में लाने और गबन की गई रकम की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।














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