October 28, 2026 4:39 am

October 28, 2026 4:39 am

प्रदेश सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ, मजबूती से करेगी पैरवी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारी यूनियनों की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासनिक सचिवों व उपायुक्तों के साथ की समीक्षा बैठक
 
मुख्यमंत्री ने कहा, बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले, हड़ताल को स्थगित करने की अपील की
 
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 21 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस मिलने के मामले में हरियाणा सरकार पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ है।  सरकार एचईआरसी के इस निर्णय के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील करेगी तथा इस केस की जोरदार तरीके से पैरवी भी करेगी। इसके लिए सरकार बिजली यूनियनों के विश्वास के वकील हायर कर उनके माध्यम से केस लड़ने को तैयार है। सरकार बिजली कर्मचारियों के खिलाफ नहीं है और बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। सभी जिलों के उपायुक्त ऑनलाईन माध्यम से जुड़े। बैठक में बिजली मंत्री श्री अनिल विज, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी तथा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) द्वारा गुरुग्राम व नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का निर्णय देने के फैसले का सरकार बिजली यूनियनों के साथ शुरू से ही विरोध कर रही है। सरकार ने बिजली कर्मचारी यूनियनों की मांग के अनुरूप इस मामले के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में जाने का निर्णय लिया है। सरकार इस मामले में पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ है और कर्मचारियों के लिए बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्होंने बिजली कर्मचारी यूनियनों से कहा है कि यदि वे चाहें तो सरकार इस मामले की पैरवी के लिए उनकी पसंद के वकीलों के माध्यम से यह केस लड़ने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली यूनियनों से अपील की कि वे जनहित को देखते हुए हड़ताल के निर्णय को स्थगित करें।

मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से आमजन को कोई परेशानी न होने दी जाए। सभी विभागों को प्रो-एक्टिव होकर काम करना है और यह ध्यान रखना है कि हड़ताल के चलते कोई अव्यवस्था न फैले तथा किसी भी बिजली संस्थान को कोई नुकसान न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील उपक्रमों की निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था भी की जाए।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आवश्यकता अनुसार पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि हड़ताल की आड़ में कोई असामाजिक तत्व अव्यवस्था न फैलाने पाए। उन्होंने कहा कि जिलों में उपायुक्त अलग-अलग विभागों में कार्यरत टेक्निकल स्टाफ, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, पोलिटेक्निक कॉलेजों तथा आईटीआई में कोर्स करने वाले अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं भी बिजली आपूर्ति को सुचारू करने हेतु ली जा सकती है लेकिन यह ध्यान रखा जाए कि इन्हें कार्य करने से पहले सेफ्टी किट दी जाए और सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जाएं।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी उपायुक्त जिला स्तर की कमेटी गठित करे जो चंडीगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी को नियमित रूप से रिपोर्ट दे। उपायुक्त अपने जिला में हॉटलाइन नंबर के माध्यम से मुख्यालय से संपर्क बनाए रखें तथा जनता की शिकायत सुनने के लिए अलग से कंट्रोल रूम के नंबर भी सार्वजनिक किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली कर्मचारी यूनियन की हड़ताल की आड़ में उपद्रव को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई असामाजिक तत्व किसी बिजलीघर अथवा पावरग्रिड को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त काूननी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि ऐसा करना जनता के पैसे की बर्बादी होगी और सरकार इसे सहन नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारी सीजन होने के चलते ऐसी व्यवस्था की जाए कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आमजन को असुविधा न होने पाए। इसके साथ ही अन्य सभी विभागों की सेवाएं निर्बाध रूप से जनता को मिलती रहे, यह भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए उपायुक्तों व अन्य अधिकारियों को अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बिजली मंत्री अनिल विज ने बताया कि एचईआरसी केंद्र सरकार के अधीन एक स्वतंत्र नियामक है। सरकार ने हरियाणा में निजी कंपनी के माध्यम से बिजली आपूर्ति लाइसेंस देने के लिए कोई आवेदन नहीं मांगा। एचईआरसी के नियमों में इसका प्रावधान है कि कोई कंपनी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती है। सरकार ने इंजीनियर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर शुरू से ही निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध किया है और आगे इस निर्णय के खिलाफ अपील करेंगे। इस मामले में बिजली यूनियनों के पास कोई सुझाव या रास्ता है तो वह सरकार के संज्ञान में ला सकती है ताकि दोनों पक्ष मिलकर इस मामले में बेहतर तरीके से पैरवी कर सकें।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि हड़ताल के दौरान सुरक्षा हेतु समुचित उपाय किए गए हैं। इसके लिए सभी जिलों में 1015 स्थानों पर 6230 पुलिस कर्मचारियों की फोर्स तैनात की गई है। पुलिस द्वारा 1501 नंबर पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर समीक्षा की जा रही है। हड़ताल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने केवल एक दिन के नोटिस पर तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल के दौरान आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग द्वारा रिटायर्ड कर्मचारियों तथा पड़ोसी राज्यों के बिजली कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में डायरेक्टर लेवल के अधिकारी तैनात रहेंगे। हड़ताल की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी तथा हड़ताल से निपटने के लिए सभी पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। बिजली व पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
 

गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण लाइसेंस के फैसले को हरियाणा सरकार एपीटीईएल में देगी चुनौती, 5-6 दिन में दाखिल होगी अपील- ऊर्जा मंत्री अनिल विज
 
 
बिजली कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार, फैसले पर स्टे लेने का भी करेंगे प्रयास- अनिल विज
 
 बिजली वितरण लाइसेंस के खिलाफ एपीटीईएल के बाद सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे कानूनी लड़ाई-विज
 
 
बातचीत से हर समस्या का समाधान संभव, बातचीत के लिए अनिल विज के दरवाजे हमेशा खुले”- ऊर्जा मंत्री
 
 
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मुद्दे पर अनिल विज का स्पष्ट रुख, सरकार अपील के जरिए लड़ेगी कर्मचारियों की लड़ाई

चण्डीगढ, 21 अक्तूबर- हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से होता है और बातचीत के लिए अनिल विज अपने हमेशा दरवाजे खुले रखता है’’। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुरूग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए गए लाईसेंस के विरोध में विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील दायर करेगी। यह अपील अगले 5 से 6 दिनों में दायर की जाएगी जबकि अपील करने के लिए 45 दिनों का समय होता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के विरोध में हम स्टे लेने की कोशिश भी करेगी क्योंकि हम पूरी तरह से कर्मचारियों के साथ हैं।

विज ने चण्डीगढ में मीडिया कर्मियों द्वारा गुरूग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए गए लाईसेंस के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की प्रस्तावित हडताल के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि ‘‘हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) एक स्वायत संस्था हैं, जोकि केन्द्रीय सरकार के बिजली कानून के तहत गठित की गई है। उन्होंने कहा कि एचईआरसी में कोई भी व्यक्ति जाकर अपना आवेदन दर्ज करवा सकता है। श्री विज ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार ने इस संबंध में आवेदन आमंत्रित नहीं किया कि हम निजीकरण करना चाहते हैं, कि आवेदन किया जाए। हमने किसी से भी कोई आवेदन नहीं मांगा है। लेकिन केन्द्रीय एक्ट के तहत प्रावधान है कि कोई भी निजीकरण लाईसेंस के लिए एचईआरसी में आवेदन कर सकता है। यदि किसी ने आवेदन किया है तो बिजली वितरण के लिए लाईसेंस दिया गया है जबकि हम उससे सहमत नहीं है और सरकार ने इसका डटकर इसका विरोध किया है’’।

उन्होंने कहा कि ‘‘मेरे विभाग ने पूरी मेहनत की है और हमने अच्छे वकील भी इसके लिए लगाए हैं और डटकर इसका विरोध किया है। अब एचईआरसी ने हमारे विरोध में फैसला कर दिया है तो अब सरकार एपीटीईएल में जाएगी और अपील करेगी। श्री विज ने जोर देकर कहा कि इस फैसले के विरोध में हमारी कोशिश स्टे लेने की भी रहेगी’’। श्री विज ने बताया कि इसके विरोध में एपीटीईएल में अपील करने के लिए 45 दिनों का प्रावधान है लेकिन मैंने विभाग को निर्देश दिए है कि 5 या 6 दिनों के अंदर-अंदर ये अपील दाखिल हो जानी चाहिए। इसके अलावा, एचईआरसी ने ये गलत आदेश दिया है, इसके खिलाफ हम स्टे लेने की कोशिश करेंगें।

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से कुछ यूनियन के पदाधिकारियों के मिलने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि ‘‘कुछ यूनियन के पदाधिकारी आए भी थे, हमने इनसे बात की है, हमने पदाधिकारियों से कहा है कि यदि आपके पास कोई विकल्प है तो बता दो, हम उस रास्ते को अपना लेंगें, आपने अपना वकील खडा करना है तो आप अपना वकील भी खडा कर लो, बल्कि अच्छा यह रहेगा कि यूनियन के नेता सभी मिलकर हमारे वकील के साथ ही केस तैयार कर ले। श्री विज ने कहा कि हम इस मामले में पूरी तरह से डटकर लडेंगें और आखिरी दम तक लडेंगें। श्री विज ने कहा कि पहले हम एपीटीईएल में लडेंगें और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट भी भी लडेंगें क्योंकि हम पूरी तरह से कर्मचारियों के साथ हैं’’।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि ‘‘मुझे लगता है कि कर्मचारी नेताओं/पदाधिकारियों को इस बात को मानना चाहिए और मान भी जाएंगें क्योंकि कोई रास्ता नहीं है, अगर हम मना कर रहे हैं, कि हम अपील नहीं करेंगें, तो फिर आपका हडताल करना बनता है। श्री विज ने कहा कि जबकि हम अपील कर रहे है, और पहले दिन से हमने कह दिया है। विज ने यह भी साफ किया कि इस संबंध में सारी स्थिति मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के ध्यान में भी ला दी गई है कि इसके लिए हम अमुक कदम उठाने जा रहे हैं और इस मामले में केस को लडेंगें’’।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

Our Visitor

4 3 9 7 7 7
Total Users : 439777
Total views : 698991

शहर चुनें