October 28, 2026 8:29 am

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चंडीगढ़ में बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने हथियार, दो कारतूस, धमकी देने में इस्तेमाल सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए; बिल्डर पर गोली चलाने की कथित साजिश का भी खुलासा

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। चंडीगढ़ में एक बिल्डर को फोन पर धमकाकर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर बिल्डर को धमकी भरे फोन करने, गाली-गलौज करने और रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने का आरोप है। जांच के दौरान बिल्डर पर गोली चलाने की कथित साजिश और अवैध हथियार की आपूर्ति से संबंधित जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चौधरी वाला नौशहरा पौना निवासी अरनदीप सिंह (30) पुत्र हरजिंदर सिंह और बंटी उर्फ बंटी अटवाल उर्फ सन्नी (20) पुत्र दलजीत सिंह के रूप में की है। दोनों को 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित हॉकी स्टेडियम की कच्ची पार्किंग के पास से गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में सेक्टर-19 थाना पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को एफआईआर नंबर 55 दर्ज की थी। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4) के साथ शस्त्र अधिनियम की धाराएं 25, 54 और 59 जोड़ी गई हैं।

सिम कार्ड के जरिए धमकी देने का आरोप
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम ने धमकी भरे फोन कॉल में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया और पंजाब के तरनतारन तथा अमृतसर सहित विभिन्न स्थानों पर आरोपियों की तलाश की। लगातार निगरानी और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर पुलिस दोनों आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
जांच में सामने आया कि आरोपी अरनदीप सिंह कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने में शामिल था। पुलिस के अनुसार, वह सिम कार्ड लेने वाले लोगों के आधार कार्ड, व्यक्तिगत विवरण और फोटो प्राप्त कर सिम कार्ड तैयार करवाता था। आरोप है कि इन सिम कार्डों को बाद में अपने सहयोगियों को धमकी देने जैसे आपराधिक कार्यों के लिए उपलब्ध कराया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड किसके नाम पर जारी हुए थे।

स्नैपचैट और दूसरे डिजिटल माध्यमों से संपर्क का दावा
पुलिस की जांच में दूसरे आरोपी बंटी के कथित तौर पर गैंगस्टरों के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खुलासे में स्नैपचैट और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क किए जाने की जानकारी मिली है।
पुलिस का दावा है कि बिल्डर से संपर्क कर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उसे धमकाने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि जब बिल्डर ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया, तो उसे डराने के लिए रिकॉर्ड की गई धमकी भरी आवाज का संदेश प्रसारित किया गया। इसके बाद यह संदेश एक अंतरराष्ट्रीय नंबर के माध्यम से भी भेजे जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि धमकी देने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी और क्या इस पूरे घटनाक्रम का संबंध किसी संगठित आपराधिक गिरोह से है।

बिल्डर पर गोली चलाने की कथित साजिश
इस मामले में पुलिस को बिल्डर पर गोली चलाने की कथित योजना से संबंधित जानकारी भी मिली है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान हथियार उपलब्ध कराने और बिल्डर को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की योजना के संकेत मिले।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से बंटी की निशानदेही पर एक देशी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से कथित तौर पर प्रस्तावित वारदात को अंजाम दिए जाने से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया।
हालांकि, हथियार के स्रोत, उसकी आपूर्ति करने वाले व्यक्ति और कथित गोलीबारी की योजना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

तरनतारन से बरामद किए सिम कार्ड और मोबाइल फोन
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जांच की समयरेखा के अनुसार, दोनों आरोपियों को 19 अक्टूबर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने तीन दिन का रिमांड हासिल किया था। इस दौरान आरोपी बंटी की निशानदेही पर 20 अक्टूबर को तरनतारन से सिम कार्ड बरामद किया गया।
21 अक्टूबर को आरोपी अरनदीप सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद 22 अक्टूबर को बंटी का एक दिन का अतिरिक्त पुलिस रिमांड लिया गया। इस दौरान उसकी निशानदेही पर तरनतारन से मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर धमकी भरे फोन करने में किया गया था।
23 अक्टूबर को आरोपी बंटी का एक दिन का और पुलिस रिमांड लिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने, आरोपियों के बीच संबंध स्थापित करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ पंजाब में पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अरनदीप सिंह के खिलाफ दर्ज मामले:
एफआईआर नंबर 122, दिनांक 25 जून 2021। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धाराओं 326, 323, 148 और 149 के तहत तरनतारन जिले के सिरहाली थाने में दर्ज है।
एफआईआर नंबर 147, दिनांक 23 अगस्त 2026। यह मामला एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 27, 29, 61 और 85 के तहत सिरहाली थाने में दर्ज है।
बंटी के खिलाफ दर्ज मामले:
एफआईआर नंबर 108, दिनांक 10 अगस्त 2025। यह मामला एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21बी, 61 और 85 के तहत सिरहाली थाने में दर्ज है।
एफआईआर नंबर 138, दिनांक 9 अगस्त 2026। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 333, 115(2), 118(1), 125, 190 और 191(3) के तहत दर्ज है।

अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस आरोपी बंटी से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान करने, उन्हें गिरफ्तार करने और रंगदारी मांगने की पूरी कड़ी का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही धमकी देने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों, सिम कार्ड और मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि रंगदारी, आपराधिक धमकी, संगठित अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियार के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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