कहा- युवा नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में दें योगदान; प्रो. सतीश धवन और कल्पना चावला को बताया युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), चंडीगढ़ के 56वें दीक्षांत समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक तथा पीईसी के कुलाधिपति गुलाब चंद कटारिया ने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और एकाग्र युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र की नींव है। युवा इंजीनियरों को अपनी तकनीकी दक्षता, नवाचार और ज्ञान का उपयोग देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए करना चाहिए।
पीईसी (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 824 उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 737 बीटेक, 69 एमटेक और 18 पीएचडी की उपाधियां शामिल हैं। कुल 675 विद्यार्थियों ने समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी उपाधियां प्राप्त कीं, जबकि 149 विद्यार्थियों को अनुपस्थिति में उपाधियां प्रदान की गईं।
समारोह में पीईसी के कुलपति प्रो. भोला राम गुर्जर, संस्थान के संकाय सदस्य, अन्य गणमान्य व्यक्ति, उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में उनकी भावी भूमिका पर भी जोर दिया गया।
नशामुक्त समाज के निर्माण में युवा निभाएं जिम्मेदारी
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके बाद शुरू होने वाला व्यावसायिक जीवन उनके ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की वास्तविक परीक्षा होगा।
राज्यपाल ने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों, शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और देश की प्रगति में लगानी चाहिए। युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से ही समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से मुक्त करने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को गर्व और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, युवाओं को आधुनिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ अपने सामाजिक दायित्वों को भी समझना चाहिए।
प्रो. सतीश धवन और कल्पना चावला का किया उल्लेख
गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए संस्थान के प्रख्यात पूर्व छात्र वैज्ञानिक प्रो. सतीश धवन और प्रतिष्ठित पूर्व छात्रा एवं अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को याद किया। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों की उपलब्धियां इंजीनियरों और युवाओं की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को इन विभूतियों से प्रेरणा लेते हुए अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने, नई संभावनाओं की तलाश करने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं के पास देश की विकास यात्रा को नई दिशा देने की क्षमता है।
समारोह के दौरान पीईसी की पूर्व छात्रा और चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर, आईपीएस की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। उन्हें फेम इंडिया–एशिया पोस्ट द्वारा भारत के शीर्ष 25 पुलिस अधिकारियों में शामिल किए जाने को संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया।
आधुनिक तकनीक से मजबूत करें देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
राज्यपाल ने युवा इंजीनियरों से प्रौद्योगिकी और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नए प्रयोग करने तथा उनके माध्यम से देश की आवश्यकताओं को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और देश की अखंडता को मजबूत करने में तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने व्यावसायिक जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के उच्च मानकों को बनाए रखेंगे। तकनीकी ज्ञान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान करना और देश की प्रगति में योगदान देना भी होना चाहिए।
कुलपति ने प्रस्तुत की संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट
पीईसी के कुलपति प्रो. भोला राम गुर्जर ने मुख्य अतिथि गुलाब चंद कटारिया का स्वागत किया और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने संस्थान की वर्षभर की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता को मजबूत करने, अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
कुलपति ने उद्योग जगत और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में संस्थान की पहलों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्होंने पीईसी की वार्षिक रिपोर्ट मुख्य अतिथि को प्रस्तुत की।
प्रो. गुर्जर ने विद्यार्थियों को संस्थान के मूल्यों और गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने तथा अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
नई जिम्मेदारियों के साथ शुरू होगा विद्यार्थियों का सफर
पीईसी का 56वां दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रेरणादायक संदेशों के साथ संपन्न हुआ। 824 उपाधियों का वितरण संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों की उपलब्धियों को दर्शाता है।
समारोह में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ सामाजिक कल्याण और राष्ट्रीय विकास के लिए भी करें। उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अब अपने व्यावसायिक और शैक्षणिक जीवन के नए चरण में प्रवेश करेंगे। उनसे अपेक्षा है कि वे उत्कृष्टता, ईमानदारी, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए पीईसी की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाएंगे।













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