हरियाणा में ₹219.91 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, बोलीदाताओं से नेगोसिएशन से ₹18.81 करोड़ की बचत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त कार्य क्रय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय
ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क निर्माण, जलापूर्ति और शहरी आधारभूत ढांचे से जुड़े विकास कार्यों को मिली स्वीकृति
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त कार्य क्रय समिति (HPWPC) की बैठक में ₹219.91 करोड़ की लागत के विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई। इन कार्यों के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा ₹233.68 करोड़ की राशि की बोली लगाई गई थी। नेगोसिएशन के माध्यम से सरकार ने ₹18.81 करोड़ की बचत सुनिश्चित की गई। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल भी उपस्थित रहे।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित ठोस कचरा प्रबंधन, सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, जलापूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, स्ट्रीट लाइटिंग, ग्रीन बेल्ट, पार्कों तथा अन्य शहरी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया। बैठक में कुल 13 एजेंडे प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 11 को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्ताव स्थगित रखे गए।
समिति ने नारनौल क्लस्टर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले शहरी ठोस कचरे के प्रसंस्करण के लिए ₹18.70 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी। इस परियोजना के अंतर्गत नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी और अटेली मंडी को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम में ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना को ₹38.79 करोड़ की लागत पर तथा फरीदाबाद के प्रतापगढ़ गांव में इसी प्रकार की परियोजना को ₹17.14 करोड़ की लागत पर स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में हिसार शहर में दूध की डेयरियों को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करने से संबंधित परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, ग्रीन बेल्ट और पार्कों के अपग्रेडेशन, मरम्मत एवं रखरखाव के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें नवस्वीकृत कॉलोनियों के पार्क तथा दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप पार्कों से संबंधित कार्य भी शामिल हैं।
बैठक में नगर निगम पानीपत के वार्ड नंबर 20 में ₹17.94 करोड़ की लागत से बैंक्वेट हॉल के निर्माण को मंजूरी दी गई। वहीं, पलवल में आगरा चौक से श्रद्धानंद पार्क के अंतिम छोर तक सड़क के दोनों ओर मॉडल रोड के निर्माण के लिए ₹9.28 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
बैठक में नगर निगम फरीदाबाद के लिए बल्लभगढ़ में कार्यालय भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। फरीदाबाद के वार्ड नंबर 39 स्थित सीही गांव में जलापूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सीवरेज, जल निकासी और स्ट्रीट लाइटिंग से संबंधित कार्यों के लिए ₹17.77 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। इसी प्रकार, वार्ड नंबर 35 के भुडैना गांव में इन सुविधाओं के विकास के लिए ₹13.85 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई।
सिरसा शहर में वर्षा जल निकासी प्रणाली बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की पुनः कारपेटिंग एवं मरम्मत के कार्य को भी मंजूरी प्रदान की गई। इस कार्य पर ₹13.29 करोड़ की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राखीगढ़ी की विरासत हमारी ऐतिहासिक पहचान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी : कृष्ण लाल पवार
विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने भी किया दौरा
मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती तथा डेक्कन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने भी रखे विचार
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चंडीगढ़ , 24 अक्टूबर -हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राखीगढ़ी की ऐतिहासिक धरती हमारी प्राचीन सभ्यता, ज्ञान, कौशल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। यहां मिले पुरातात्विक अवशेष हजारों वर्ष पुराने मानव जीवन और विकसित नगरीय व्यवस्था की जानकारी देते हैं। इस धरोहर का संरक्षण करना और इसके ऐतिहासिक महत्व को देश-दुनिया तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
कृष्ण लाल पंवार शनिवार को हांसी जिला के गांव राखीगढ़ी में आयोजित “अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव” के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने देश भर से आए तथा विदेश से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विशेषज्ञों को अपने शोध और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे राखीगढ़ी की ऐतिहासिक महत्ता को व्यापक स्तर पर समझने और प्रचारित करने में मदद मिलती है।
कृष्ण लाल पवार ने आगे कहा कि हरियाणा की पहचान कृषि, खेल और देश की सेवा में जवानों के योगदान के साथ-साथ इसकी समृद्ध लोक संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों से भी है। प्रदेश की रागनियां, लोकगीत, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण जीवन हमारी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं। राखीगढ़ी इस विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को राखीगढ़ी जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करना चाहिए, ताकि वे पुस्तकों में पढ़े गए इतिहास को पुरातात्विक साक्ष्यों के माध्यम से बेहतर ढंग से समझ सकें।
इंटरनेशनल कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राजेश ठकराल, हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रामकिशन, पुरातत्वविद डॉ कुलदीप अग्निहोत्री सहित अनेक विद्वानों ने अपने विचार साझा किए और राखीगढ़ी के महत्व के बारे में बताया।
इससे पहले विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार ने प्रदर्शनी स्टॉल तथा विभिन्न विभागों तथा उद्योग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन किया।
डिप्टी स्पीकर श्री कृष्ण लाल मिढ़ा ने भी किया दौरा
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिढ़ा ने भी अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राखीगढ़ी में उत्खनन के दौरान प्राप्त हड़प्पा सभ्यता की प्राचीन वस्तुओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर वहां प्रदर्शित उत्पादों एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। स्टॉल संचालकों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे आयोजन स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती ने भी रखे विचार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी भारत भूषण भारती ने कहा कि प्रदेश सरकार राखीगढ़ी को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और इसे प्राचीन सभ्यता एवं विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, जिसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव के माध्यम से इतिहास, पुरातत्व, कला, संस्कृति और जनभागीदारी को एक साझा मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है।
डेक्कन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने भी महोत्सव को सराहा
डेक्कन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात पुरातत्वविद् डॉ. बसंत शिंदे ने अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान राखीगढ़ी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए इस महोत्सव के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरस्वती-सिंधु सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। इस सभ्यता के लगभग 8,000 वर्ष पुराने होने के प्रमाण मिले हैं। नगरीय जीवन के शुरुआती विकास से लेकर सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक परंपराओं तक, इस सभ्यता का मानव इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हड़प्पा सभ्यता के लोगों की जीवनशैली और परंपराओं से जुड़े अनेक पहलू आज भी हमारे समाज में दिखाई देते हैं।
हरियाणा में खेल प्रतिभाओं का सम्मान: 30 अक्टूबर को भिवानी में राज्य स्तरीय समारोह, 185 करोड़ रूपये के नकद पुरस्कारों से नवाजे जाएंगे एशियाई और पैरा एशियाई विजेता
भिवानी के भीम स्टेडियम में सजेगा चैंपियंस का मंच, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे सम्मानित
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चंडीगढ़, 24 अक्टूबर – हरियाणा की खेल नीति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों में एक और स्वर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा आगामी 30 अक्टूबर को भिवानी के भीम स्टेडियम में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में जापान में आयोजित एशियाई और पैरा एशियाई खेल-2026 के पदक विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों और सरकारी नौकरियों से सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी होंगे, जो अपने हाथों से खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। वहीं, खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
खिलाड़ियों पर होगी धनवर्षा
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। इस राज्य स्तरीय समारोह में 185 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार खिलाड़ियों के बीच वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि एशियाई गेम्स के 134 खिलाड़ियों को लगभग 133 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 32 पदक (14 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक) देश की झोली में डाले थे।
उन्होंने बताया कि पैरा एशियाई गेम्स के 37 पैरा खिलाड़ियों को लगभग 52 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से नवाजा जाएगा। इन खेलों में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 32 पदक (9 स्वर्ण, 9 रजत और 14 कांस्य पदक) जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया था।
देशभर में सबसे श्रेष्ठ है हरियाणा की खेल नीति
गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति आज पूरे देश में सबसे उत्कृष्ट और अनुकरणीय मानी जाती है। प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समय पर मिलने वाले बड़े नकद पुरस्कार युवाओं को खेलों के प्रति लगातार प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी मजबूत खेल नीति और हमारे खिलाड़ियों के अटूट परिश्रम व पसीने का परिणाम है कि हरियाणा के खिलाड़ी ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए सबसे ज्यादा पदक जीतते आ रहे हैं।
डबल इंजन सरकार के विजन से खेल और खिलाड़ियों का हो रहा चहुंमुखी विकास
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “खेलो इंडिया” विजन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल मार्गदर्शन में हरियाणा का खेल ढांचा और अधिक मजबूत हुआ है। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा (सरकारी नौकरी) सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
संत महापुरुषों की शिक्षाओं को अपनाकर ही संभव है मानव कल्याण : कृष्ण कुमार बेदी
महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस पर गांव पीपलथा व नारायणगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में कैबिनेट मंत्री ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश
चंडीगढ़ , 24 अक्तूबर -हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि संत महापुरुषों ने हमेशा समाज को समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। संत महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलकर ही मानव कल्याण के साथ समाज और राष्ट्र की उन्नति संभव है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को आपसी भाईचारे, सद्भाव और परोपकार की भावना अपनानी चाहिए।
कृष्ण कुमार बेदी शनिवार को जींद जिला के गांव पीपलथा और नारायणगढ़ में महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संत महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को सही दिशा दिखाती हैं। उनके विचारों को जीवन में अपनाकर सामाजिक भेदभाव को दूर किया जा सकता है और समाज में एकता को मजबूत बनाया जा सकता है। महर्षि वाल्मीकि ने अपने जीवन और विचारों से समाज को मानवता, सदाचार और समानता का मार्ग दिखाया। उनके आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार संत महापुरुषों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए गरीब और जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लाडो लक्ष्मी योजना इसके उदाहरण हैं उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार युवा, गरीब, किसान और महिलाओं के सम्मान तथा उत्थान को प्राथमिकता दे रही है। युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा रही है, जिससे उनमें रोजगार के प्रति विश्वास बढ़ा है। वहीं, किसानों की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने के साथ उनकी भुगतान राशि भी निर्धारित समय में सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है।
बेदी ने उक्त दोनों गांवों में ग्रामीणों द्वारा रखी विकास कार्यों की मांगों को भी पूरा करवाने का आश्वासन दिया।
बरवाला को मिली आधुनिक बस स्टैंड की सौगात
– कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने किया उद्घाटन
चंडीगढ़ , 24 अक्टूबर – हरियाणा सरकार का प्रयास है कि हिसार जिला का बरवाला क़स्बा में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और इस क़स्बा को आधुनिक एवं सुंदर बनाया जाए। बरवाला क़स्बा में विकास कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। शहर में आधुनिक बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। बस स्टैंड के साथ लगती मॉडर्न अनाज मंडी का निर्माण कार्य भी जारी है।
यह बात हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने शनिवार को हिसार जिला के क़स्बा बरवाला में बस स्टैंड के उद्घाटन के दौरान उपस्थित जन को संबोधित करते हुए कही।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बरवाला शहर में विकास को लेकर किए गए वादों को पूरा करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। रामबाग के विकास के लिए करीब 3.30 करोड़ रुपये का टेंडर किया गया है। सिटी पार्क पर भी लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा शहर में सडक़ों, गलियों, लाइब्रेरी और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। शहर के स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जबकि कम्युनिटी सेंटर का काम लगभग पूरा होने वाला है।
उन्होंने बताया कि बरवाला शहर की चारों दिशाओं में प्रवेश द्वारों का निर्माण किया जा रहा है। हिसार की तरफ से शहर में प्रवेश और निकास के दोनों ओर सुंदर चौक विकसित किए जाएंगे। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी। शहर की अधिकांश गलियों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष गलियों का काम भी जल्द शुरू करवाया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार बनने के बाद किए गए 210 वादों में से 75 वादे पूरे किए जा चुके हैं।
हरियाणा में युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार और शानदार पैकेज
– स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने “पीएम -सेतु योजना” को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर – हरियाणा में कौशल विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में पहली बार शुरू की जा रही “पीएम -सेतु” (अपग्रेडेड ITI के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के कार्यान्वयन और इसके बजट प्रावधानों को हरी झंडी दे दी गई।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अपग्रेड किए गए आईटीआई से पास होने वाले कुशल युवाओं की अधिक से अधिक नौकरियां सुनिश्चित करना और उन्हें उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार बेहतर सैलरी पैकेज दिलाना है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने लगभग 320.44 करोड़ रुपये की लागत वाले कुरुक्षेत्र क्लस्टर के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी।
राष्ट्रीय स्तर पर ₹60,000 करोड़ का विशाल विजन
केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित “पीएम -सेतु” योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी, जिसे बजट 2025-26 में और विस्तार दिया गया है। इस योजना का कुल राष्ट्रीय बजट ₹60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार का अंश ₹30,000 करोड़, राज्यों का अंश ₹20,000 करोड़ और उद्योग जगत (इंडस्ट्री) का योगदान ₹10,000 करोड़ रहेगा।
इसके साथ ही, एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक द्वारा भी ‘परिणाम-आधारित ऋण’ के माध्यम से केंद्र के हिस्से की 50 प्रतिशत तक सह-वित्तपोषित (Co-finance) सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत देश भर की 1,000 सरकारी आईटीआई और 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTIs) को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल से बदलेगी आईटीआई की तस्वीर
योजना के तहत आईटीआई को ‘हब-एंड-स्पोक’ क्लस्टर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके पहले घटक को हरियाणा का ‘कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग’ लागू करेगा, जबकि दूसरा घटक सीधे केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित होगा। प्रत्येक हब आईटीआई के साथ लगभग 4 स्पोक आईटीआई जोड़े जाएंगे, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी और डिजिटल लर्निंग की सुविधाएं होंगी।
प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण के लिए एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) यानी धारा-8 कंपनी का गठन किया जाएगा, जिसमें मुख्य उद्योग भागीदार (AIP) के पास 51 प्रतिशत शेयरधारिता होगी। शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और राज्य सरकार (24.5-24.5 प्रतिशत) में बराबर विभाजित होगी। इस एसपीवी के बोर्ड में उद्योग, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और आईटीआई नेतृत्व के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसकी अध्यक्षता उद्योग प्रतिनिधि करेंगे।
हरियाणा के 12 क्लस्टरों के लिए ₹2,892 करोड़ का अनुमानित खाका
हरियाणा राज्य में इस योजना के अंतर्गत लगभग 60 सरकारी आईटीआई को कवर करने वाले 12 क्लस्टर तैयार करने की योजना है। इस पर कुल अनुमानित खर्च ₹2,892 करोड़ होगा, जिसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी लगभग ₹954 करोड़ निर्धारित की गई है।वर्तमान में राज्य के 7 क्लस्टरों की पहचान हो चुकी है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर की रणनीतिक निवेश योजना (SIP) को राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) द्वारा मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कलायत क्लस्टर की योजना जनवरी 2027 के बाद होगी। इसके अतिरिक्त पलवल, सोनीपत और छारा क्लस्टरों के लिए आरएफपी (RFP) जारी कर दी गई है, वहीं पानीपत और रेवाड़ी के लिए दिसंबर में आरएफपी जारी की जाएगी। शेष क्लस्टरों की अंतिम स्वीकृति के बाद उनके लिए अलग से बजट प्रावधान किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र क्लस्टर: ₹320.44 करोड़ का रणनीतिक खाका तैयार
बैठक में कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के वित्तीय आवंटन को विस्तार से स्वीकृति दी गई। इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹320.44 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें केंद्र सरकार ₹160.22 करोड़ (50%), राज्य सरकार ₹105.75 करोड़ (33%) और एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (AIP) ₹54.47 करोड़ (17%) का योगदान देंगे। कुरुक्षेत्र क्लस्टर के क्रियान्वयन का ठेका मेसर्स जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड को दिया गया है। इस क्लस्टर में 1 हब आईटीआई (राजकीय आईटीआई, कुरुक्षेत्र) और 6 स्पोक आईटीआई (महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, आईटीआई कैथल, आईटीआई पेहोवा, आईटीआई पाबनावा, महिला आईटीआई अंबाला शहर और महिला आईटीआई कैथल) शामिल हैं।
वित्तीय विवरण के अनुसार, कुल लागत में से ₹163.06 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर और लैब आधुनिक बनाने पर खर्च होंगे, जिसका 98% हिस्सा (₹160.22 करोड़) केंद्र सरकार वहन करेगी। वहीं, ₹157.38 करोड़ ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर (OPEX) के रूप में रहेंगे, जिसे राज्य सरकार (65%) और उद्योग भागीदार (35%) मिलकर उठाएंगे।
बजट आवंटन और आगे की प्रक्रिया
बैठक में समिति ने “पीएम -सेतु” योजना के लिए एक नया बजट हेड खोलने के साथ-साथ कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान राज्य के हिस्से के ₹105.75 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी दे दी। साथ ही, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में कुरुक्षेत्र क्लस्टर के संचालन हेतु राज्य के हिस्से की 10 प्रतिशत अग्रिम राशि यानी ₹10.50 करोड़ जारी करने की अनुमति प्रदान की गई।
हरियाणा सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य का आईटीआई ढांचा पूरी तरह से विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक युग की तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा और उनके लिए देश-विदेश की शीर्ष कंपनियों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
इस अवसर पर बैठक में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल , युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता की अतिरिक्त मुख सचिव जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल, वित्त विभाग के आयुक्त सी. जी रजनीकांथन, स्किल डेवलपमेंट एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
– हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 31 पदक हासिल किए
– अध्यक्ष आरती सिंह राव ने खिलाड़ियों को दी बधाई
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर – जापान में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। भारतीय खिलाड़ियों ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है, जिसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने अहम योगदान देते हुए 9 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक सहित कुल 31 पदक हासिल किए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने हरियाणा को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाई है।
हरियाणा के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ हरियाणा की अध्यक्ष आरती सिंह राव ने एशियन पैरा गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ, परिवारजनों और खेल से जुड़े सभी अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा के पैरा खिलाड़ी निरंतर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की अटूट कड़ी मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पण, परिवारों के निरंतर सहयोग तथा खेल संगठनों के प्रयासों का ही सुखद परिणाम है।
आरती सिंह राव ने पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में देश में पैरा खेलों को जिस तरह से प्रोत्साहन मिल रहा है, उससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इन जांबाज खिलाड़ियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिखाया है कि शारीरिक चुनौतियां किसी भी खिलाड़ी के लिए बाधा नहीं बन सकतीं, यदि उसके पास दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और मेहनत का बल हो। इन खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली युवा पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत का काम करेगी।
प्रतियोगिता के कुल नतीजों पर नजर डालें तो भारत 30 स्वर्ण सहित कुल 114 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। इससे पहले वर्ष 2022 में भारत ने 111 पदक जीते थे। इस बार का यह प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेष रूप से, भारतीय दल के कुल स्वर्ण पदकों में अकेले हरियाणा की लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रदेश के खिलाड़ियों की अद्वितीय प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
हरियाणा के खिलाड़ी सुमित अंतिल (जैवलिन) , हनी (जैवलिन थ्रो) , प्रणव सूरमा (क्लब थ्रो), हरविंदर सिंह (तीरंदाजी), संदीप कुमार (400 मीटर दौड़),नितेश कुमार (बैडमिंटन), धर्मवीर (क्लब थ्रो),सुमित (जैवलिन थ्रो) तथा रिंकू ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता है। इनमें हरियाणा के रोहतक जिले के खिलाड़ी हनी ने जैवलिन थ्रो की F37 श्रेणी में 60.49 मीटर का थ्रो करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की उपलब्धि हासिल की। वहीं, हिसार के संदीप कुमार ने T44 श्रेणी की 400 मीटर दौड़ में 52.28 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया।
इस प्रकार , भावना (तीरंदाजी), पूजा (तीरंदाजी), प्रमोद (1500 मीटर दौड़), नितेश कुमार (बैडमिंटन), कोकिला (जुडो),मनीष नरवाल (शूटिंग),अशोक मालिक (पावरलिफ्टिंग) तथा मंजीत एवं कपिल कुमार ने भी अपने -अपने खेल में रजत पदक जीते हैं। इनके अलावा , नवदीप (जैवलिन थ्रो), हिमांशु (तैराकी), धरमबीर (क्लब थ्रो),अजय कुमार (400 मीटर दौड़) समेत प्रदीप, सुखचैन, करमजोत, हनी, रोहित , संदीप, प्रवीन एवं राहुल ने अपने अपने खेल में कांस्य पदक जीते हैं।
आरती सिंह राव ने सभी पदक विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास जताया कि हरियाणा के खिलाड़ी भविष्य में भी देश के लिए इसी प्रकार गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे।
सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 : फूलों और सजावटी पौधों की नर्सरी बनी आकर्षण का केंद्र
-किफायती दामों पर गुलाब, मनी प्लांट और आकर्षक फूलों के पौधे पर्यटकों को आ रहे पसंद
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर- फरीदाबाद सूरजकुंड परिसर में आयोजित तृतीय दिवाली मेला-2026 में इस बार विभिन्न प्रजातियों के सुंदर एवं आकर्षक पौधों की नर्सरी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। मेले में खुशबू नर्सरी द्वारा घर, आंगन, बालकनी और कार्यालयों की सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के सजावटी पौधे उपलब्ध कराए गए हैं।
नर्सरी में किफायती दामों पर गुलाब के अनेक प्रकार के पौधों के साथ-साथ मनी प्लांट और विभिन्न प्रजातियों के फूलों एवं सजावटी पौधों की विस्तृत श्रृंखला मौजूद है। पर्यटक अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार पौधों की खरीदारी कर रहे हैं। दिवाली के अवसर पर अपने घरों और कार्यस्थलों को हरियाली तथा प्राकृतिक सुंदरता से सजाने के इच्छुक लोगों के लिए यह नर्सरी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दिवाली के त्योहार पर सजावटी पौधे न केवल घरों की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी देते हैं। ऐसे में सूरजकुंड दिवाली मेले में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के पौधे प्रकृति प्रेमियों और बागवानी के शौकीनों के लिए खरीदारी का बेहतरीन विकल्प बनी हुई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व तथा पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में सूरजकुंड परिसर में तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 26 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। मेले में खरीदारी, सजावट और पारंपरिक उत्सव के माहौल के बीच पौधों की नर्सरी पर्यटकों को प्रकृति से जुडऩे तथा अपने परिवेश को हरा-भरा बनाने का अवसर प्रदान कर रही है।
सूरजकुंड दिवाली मेले में नगाड़ों की थाप और बीन की सुरीली धुन पर झूम रहे पर्यटक
लोक कला और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के उद्देश्य से सूरजकुंड परिसर में आयोजित तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में नगाड़ों की गूंजती थाप और बीन की सुरीली धुनें यहां आने वाले पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर रही हैं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरियों के बीच पर्यटक मेले का भ्रमण करते हुए लोक संस्कृति और संगीत का आनंद ले रहे हैं।
मेले परिसर में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक संगीत पर्यटकों को भारतीय लोक परंपराओं से रूबरू करा रहा है। नगाड़ों की दमदार थाप जहां उत्साह और उमंग का संचार कर रही है, वहीं बीन की मधुर धुनें लोगों को लोक संगीत की समृद्ध परंपरा का अनुभव करा रही हैं। इन प्रस्तुतियों को देखने और सुनने के लिए पर्यटक रुक रहे हैं तथा कलाकारों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।
सूरजकुंड दिवाली मेले में लोक वाद्य यंत्रों और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियां उत्सवी माहौल को और भी जीवंत बना रही हैं। परिवारों के साथ मेले में पहुंच रहे पर्यटक खरीदारी और खानपान के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आनंद उठा रहे हैं। नगाड़ों की थाप पर थिरकते लोग और बीन की धुनों पर आनंद लेते पर्यटक मेले की रौनक को बढ़ा रहे हैं। लोक संगीत भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से कलाकार पीढिय़ों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में योगदान देते हैं। ऐसे आयोजनों से पर्यटकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों को देश की लोक कलाओं तथा पारंपरिक संगीत से परिचित होने का अवसर मिलता है।
किसानों को मंडियों में जरूरी सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता : श्याम सिंह राणा
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बेरी अनाज मंडी में बाजरा व धान खरीद का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार की सुबह झज्जर बेरी अनाज मंडी का दौरा कर बाजरा व धान की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए किसानों और आढ़तियों से बातचीत भी की।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीद प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारू और समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए तथा किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।













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