October 28, 2026 8:29 am

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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला: सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोदिया गिरफ्तार, चार दिन के ईडी रिमांड पर

332 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच के घेरे में ज्वेलरी फर्म;

हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों की रकम से जुड़े मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका खंगालेगी ईडी

बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोदिया को गिरफ्तार किया है। करीब 650 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में जांच एजेंसी को सावन ज्वेलर्स के बैंक खातों में लगभग 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम आने का पता चला है। गिरफ्तार आरोपित को पंचकूला की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
ईडी की चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की टीम ने शनिवार को यह कार्रवाई की। अब जांच एजेंसी रिमांड के दौरान आरोपित से संदिग्ध लेनदेन, रकम भेजने वाली कंपनियों और घोटाले में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ करेगी।

छह नवंबर 2024 से फरवरी 2026 तक खातों में आए 332 करोड़
ईडी की जांच के अनुसार, सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में छह नवंबर 2024 से 22 फरवरी 2026 के बीच करीब 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम आई। एजेंसी का आरोप है कि यह धनराशि विभिन्न कथित फर्जी कंपनियों और संस्थाओं के माध्यम से भेजी गई थी। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि इन कंपनियों के जरिए रकम किन स्रोतों से आई और इसका इस्तेमाल कहां किया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, सावन ज्वेलर्स के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले राजन सिंह कटोदिया ने मुख्य आरोपित रिभव ऋषि और अन्य लोगों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार तथा चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों की धनराशि को ठिकाने लगाने की कथित साजिश में भूमिका निभाई।
ईडी इस पूरे लेनदेन को कथित धनशोधन से जोड़कर जांच कर रही है। एजेंसी को संदेह है कि कथित अपराध से हासिल रकम को ज्वेलरी कारोबार के माध्यम से खपाने और उसे वैध लेनदेन के रूप में दिखाने का प्रयास किया गया।

रिभव ऋषि से गठजोड़ के बाद ज्वेलरी की खरीद बढ़ने का दावा
ईडी के अनुसार, मुख्य आरोपित रिभव ऋषि के साथ कथित गठजोड़ के बाद सावन ज्वेलर्स में ज्वेलरी की खरीद में अचानक बढ़ोतरी हुई। जांच एजेंसी अब इस बढ़ोतरी और ज्वेलर्स के बैंक खाते में आई संदिग्ध रकम के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि ज्वेलरी की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था, विभिन्न कंपनियों से धनराशि किस उद्देश्य से भेजी गई और इन लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही। एजेंसी यह भी जांच करेगी कि कथित रूप से अपराध से अर्जित धन को कारोबार के जरिए वैध दिखाने के लिए किसी तरह की वित्तीय व्यवस्था बनाई गई थी या नहीं।

रिमांड के दौरान खुल सकते हैं लेनदेन से जुड़े राज
राजन सिंह कटोदिया को चार दिन के रिमांड पर लिए जाने के बाद ईडी को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ने का अवसर मिलेगा। एजेंसी उनसे उन कंपनियों और संस्थाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकती है, जिनके माध्यम से सावन ज्वेलर्स के खाते में रकम पहुंची।
इसके साथ ही जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों से संबंधित धनराशि कथित तौर पर किन माध्यमों से स्थानांतरित हुई और इस प्रक्रिया में किन व्यक्तियों या संस्थाओं ने भूमिका निभाई।
करीब 650 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में 332 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का ज्वेलरी कारोबार से जुड़ना जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा देता है। हालांकि, इन लेनदेन की वास्तविक प्रकृति, धनराशि के स्रोत और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल ईडी मामले की वित्तीय कड़ियों की जांच कर रही है। राजन सिंह कटोदिया के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक उन्हें आरोपित ही माना जाएगा।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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