एंटी-ड्रग हेल्पलाइन पर 1,146 कॉल और संदेश मिले, 65 हॉटस्पॉट चिह्नित; 13 मेडिकल दुकानों से 2,417 कैप्सूल और 1,175 टैबलेट जब्त
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर। चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ पुलिस ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देशों पर नशे के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। 11 सितंबर 2026 से चलाए जा रहे इस अभियान में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जनभागीदारी, जागरूकता, नशे की रोकथाम और नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार एवं पुनर्वास पर जोर दिया जा रहा है।
डॉक्टर सागरप्रीत हुड्डा डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस ने बाबूगिरी हिंदी से विशेष बातचीत में बताया कि 26 जून से 25 अक्टूबर 2026 तक नशे से संबंधित गतिविधियों के मामलों में 173 एफआईआर दर्ज की गईं। इस दौरान कुल 1,092 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया या एहतियातन हिरासत में लिया गया। इनमें 213 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 879 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया।
डीजीपी का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को तोड़ना, युवाओं को नशे से दूर रखना और नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उपचार के माध्यम से सामान्य जीवन में लौटने में मदद करना भी है।
नशे की बड़ी खेप बरामद, हथियार और नकदी भी मिली
विशेष अभियान के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने विभिन्न मामलों में नशीले पदार्थों के साथ हथियार और नकदी भी बरामद की है। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बरामदगी में 2.900 किलोग्राम हेरोइन, 404 ग्राम आइस, 136.870 ग्राम कोकीन, 2.956 किलोग्राम गांजा और 6.20 ग्राम अफीम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 40 इंजेक्शन, दो पिस्तौल, चार कारतूस और 70,200 रुपये की नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस इन मामलों के माध्यम से नशे की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क और तस्करी की कड़ियों की जांच पर जोर दे रही है।
एंटी-ड्रग हेल्पलाइन पर आए 1,146 कॉल और संदेश
नशे के खिलाफ अभियान में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 23 सितंबर 2026 को एंटी-ड्रग हेल्पलाइन शुरू की थी। इसके लिए 8283040100 और 0172-2677037 नंबर जारी किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, हेल्पलाइन शुरू होने के बाद अब तक कुल 1,146 कॉल और संदेश प्राप्त हुए हैं। इनमें 857 इनपुट चंडीगढ़ से और 289 चंडीगढ़ के बाहर के स्थानों से मिले हैं।
चंडीगढ़ से प्राप्त इनपुट का विवरण इस प्रकार है:
* 318 इनपुट: कार्रवाई योग्य जानकारी।
* 332 इनपुट: सामान्य पूछताछ।
* 207 इनपुट: अधूरी जानकारी।
पुलिस के मुताबिक, हेल्पलाइन के माध्यम से नशा तस्करी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को आवश्यक मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे की बिक्री या तस्करी से संबंधित जानकारी उपलब्ध होने पर हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना दें।
13 मेडिकल दुकानों पर छापेमारी, पांच से प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक जब्त
नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने प्रशासन के औषधि नियंत्रण विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान 13 केमिस्ट दुकानों पर छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान पांच दुकानों से नशे की लत पैदा करने वाली दवाओं के 30 प्रकार जब्त किए गए। इनमें 2,417 कैप्सूल, 1,175 टैबलेट और 38 कफ सिरप शामिल हैं। जब्त दवाओं में ट्रामाडोल, टैपेंटाडोल और कोडीन युक्त उत्पाद बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए स्टॉक का अनुमानित मूल्य लगभग 1.37 लाख रुपये है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी दवाओं के अनधिकृत इस्तेमाल और गलत तरीके से बिक्री पर रोक लगाना है, जिनका दुरुपयोग नशे के लिए किया जा सकता है।
नशे की बिक्री वाले 65 संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित
चंडीगढ़ पुलिस ने नशा तस्करी और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए शहर में 65 संवेदनशील क्षेत्रों यानी ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान की है। इन क्षेत्रों में नियमित जांच, गश्त, तलाशी और निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा, नशा तस्करों से जुड़े सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के 104 स्थानों या क्षेत्रों की पहचान की गई है। इनमें से 13 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।
पुलिस ने नशा तस्करों से संबंधित 34 भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों की भी पहचान की है। इन मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य नशे से संबंधित गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाना है, जहां अवैध गतिविधियां होने की आशंका है।
नशे की लत से प्रभावित 83 लोग चिह्नित, 37 पुनर्वास केंद्रों में भर्ती
चंडीगढ़ पुलिस अभियान के तहत नशे की लत से प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है।
अभियान के दौरान अब तक 83 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो नशे की लत से प्रभावित हैं। इनमें से 37 लोगों को पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
पुलिस संबंधित एजेंसियों के सहयोग से अन्य लोगों को भी उपचार के लिए प्रेरित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास कर रही है। अभियान में नशे की लत को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में देखने के बजाय उपचार, पुनर्वास और सामाजिक सहयोग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान
नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इनमें जागरूकता सत्र, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, पर्चे और सामाजिक माध्यमों के जरिए प्रचार शामिल हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी देना तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार के नशामुक्त भारत अभियान के तहत चंडीगढ़ प्रशासन का समाज कल्याण विभाग भी तीन महीने का जनभागीदारी आधारित जागरूकता अभियान चला रहा है।
6,250 लोगों तक पहुंचीं जागरूकता गतिविधियां
समाज कल्याण विभाग और संबंधित एजेंसियों की ओर से विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लगभग 6,250 लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया है।
इन गतिविधियों में सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, ‘जेन-जी अगेंस्ट ड्रग’, ‘स्ट्रॉन्गर विदाउट ड्रग्स’ टी-20 व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट और यूटी सचिवालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
नशे की लत पर काबू पाकर जीवन को नई दिशा देने वाले पांच लोगों को सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा, जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान को मजबूत करने के लिए 774 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों को ‘नशामुक्त मित्र’ के रूप में नामित किया गया है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डॉक्टर सागरप्रीत हुड्डा डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके तहत नशा तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई, नशे की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लोगों की जांच तथा चिह्नित 65 हॉटस्पॉट पर निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए), मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों (एमडब्ल्यूए) और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें करने पर भी जोर दिया जाएगा।
पुलिस औषधि नियंत्रण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध अतिक्रमण और भवन नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई जारी रखेगी।
चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। पुलिस का कहना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ जनजागरूकता, समय पर उपचार और पुनर्वास भी जरूरी हैं, ताकि चंडीगढ़ को सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त शहर बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।













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