छह दशक की सेवा, आधुनिक तकनीक, साइबर अपराधों की जांच और जनसुरक्षा में योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान;
चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर होगा ऐतिहासिक आयोजन
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर। चंडीगढ़ पुलिस के लिए यह गौरव और उपलब्धि का ऐतिहासिक अवसर है। देश के राष्ट्रपति ने चंडीगढ़ पुलिस को प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’ (राष्ट्रपति पुलिस ध्वज) प्रदान करने की मंजूरी दी है। एक नवंबर 2026 को चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस सम्मान को प्रदान करेंगे। यह सम्मान पुलिस बल की विशिष्ट सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उसके योगदान को मान्यता देता है।
चंडीगढ़ पुलिस के महानिदेशक सागरप्रीत हुड्डा ने बाबूगिरी हिंदी से विषय बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति पुलिस कलर की स्वीकृति पुलिस विभाग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत, साहस, ईमानदारी और समर्पण का प्रतीक है, जिन्होंने शहर में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर सेवाएं दी हैं।
एक नवंबर 1966 को पुनर्गठित चंडीगढ़ पुलिस ने पिछले छह दशकों में पारंपरिक पुलिस व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक, डिजिटल जांच, साइबर अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आतंकवाद निरोधक कार्रवाई और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का विस्तार किया है। विभाग का ध्येय वाक्य ‘वी केयर फॉर यू’ यानी ‘हमें आपकी परवाह है’ पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने की भावना को दर्शाता है।
राष्ट्रपति पुलिस कलर क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?
राष्ट्रपति पुलिस कलर पुलिस बल को प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है। यह किसी पुलिस संगठन की विशिष्ट सेवा, गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, साहस और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है। इस सम्मान से पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है तथा संगठन की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
चंडीगढ़ पुलिस को यह सम्मान मिलने की स्वीकृति ऐसे समय में मिली है, जब पुलिसिंग की चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। साइबर ठगी, ऑनलाइन वित्तीय अपराध, संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषय पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने तकनीकी संसाधनों, विशेष इकाइयों, प्रशिक्षण और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया है।
एक नवंबर को होने वाली 60वें स्थापना दिवस की परेड इस उपलब्धि को यादगार बनाने के साथ पुलिस बल की छह दशक की यात्रा को भी रेखांकित करेगी।
छह दशकों में बदली पुलिसिंग की तस्वीर
चंडीगढ़ पुलिस ने समय के साथ अपनी कार्यप्रणाली में कई बदलाव किए हैं। अपराध की जांच, आपातकालीन प्रतिक्रिया, यातायात नियंत्रण, महिला सुरक्षा, बच्चों के संरक्षण और नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं और विशेष इकाइयों को विकसित किया गया है।
विभाग को एक वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 20 राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 108 पदक और संयुक्त राष्ट्र मिशनों से संबंधित 52 पदक मिलने का उल्लेख प्रेस नोट में किया गया है। इसके अलावा, पुलिस को वर्ष 2017 में बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्मार्ट पुलिस थानों और महिला सुरक्षा से जुड़ी पहलों के लिए फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग पुरस्कार मिला था।
वर्ष 2019 में विभाग को केआईजीए पुरस्कार भी मिला। वहीं, पासपोर्ट सत्यापन के मामले में वर्ष 2023-24 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने की उपलब्धि भी दर्ज की गई है।
ये उपलब्धियां पुलिस विभाग की सेवाओं, नागरिक सुविधाओं और कार्यकुशलता में सुधार के प्रयासों को सामने लाती हैं।
आतंकवाद निरोधक कार्रवाई और विशेष अभियान
सुरक्षा संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने विशेष परिचालन क्षमताएं विकसित की हैं। वर्ष 1990 में स्थापित ऑपरेशंस सेल को आपात स्थितियों और आतंकवादी हमलों के दौरान प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली महत्वपूर्ण इकाई के रूप में विकसित किया गया।
आतंकवादियों और गैंगस्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष कमांडो इकाई भी बनाई गई है। प्रेस नोट के अनुसार, इस इकाई में 141 कर्मी तैनात हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 105 है। इसके अतिरिक्त, चार त्वरित प्रतिक्रिया वाहन तीन पालियों में चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं।
मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से निपटने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट स्थापित की गई है। पुलिस के पास प्रशिक्षित के-9 स्क्वाड भी है, जबकि घुड़सवार पुलिस इकाई में 24 घोड़े हैं।
इन विशेष व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई करना, संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संगठित अपराध से प्रभावी ढंग से निपटना है।
बड़े आयोजनों में कानून-व्यवस्था संभालने का अनुभव
चंडीगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों, सांस्कृतिक उत्सवों, रैलियों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रेस नोट के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस ने वर्ष 2009 से अब तक 60,501 कानून-व्यवस्था संबंधी आयोजनों का प्रबंधन किया है। वर्ष 2025 में ही 2,582 आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई और उनके प्रबंधन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इन आयोजनों में रोज फेस्टिवल, राष्ट्रीय शिल्प मेला और संयुक्त किसान मोर्चा की रैली जैसे कार्यक्रम शामिल रहे। रोज फेस्टिवल में एक लाख से अधिक लोगों, राष्ट्रीय शिल्प मेले में 50 हजार से अधिक लोगों और एसकेएम रैली में 10 हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति के बीच व्यवस्था संभाली गई।
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए आपातकालीन संचालन सेल में 24 प्रशिक्षित होमगार्ड स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया है।
बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात का सुचारू संचालन, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आपातकालीन सेवाओं के बीच समन्वय पुलिस व्यवस्था की प्रभावशीलता के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
2,085 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, कमांड सेंटर से समन्वय
चंडीगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन 30 जुलाई 2022 को किया गया था। इसके माध्यम से शहर में निगरानी, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन संसाधनों के समन्वय को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।
प्रेस नोट के अनुसार, शहर में 2,085 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क स्थापित है। इसे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, अनुकूलित यातायात संकेतों और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान तकनीक से जोड़ा गया है।
इस व्यवस्था से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और घटनाओं से संबंधित वीडियो साक्ष्य जुटाने में सहायता मिलती है। लालबत्ती उल्लंघन, निर्धारित गति से अधिक वाहन चलाने और गलत लेन में वाहन चलाने जैसे मामलों की पहचान में भी तकनीक का उपयोग किया जाता है।
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) को पुलिस थानों में पूरी तरह लागू किए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी 16 पुलिस थानों में ई-बीट एप्लीकेशन संचालित है। इस प्रणाली का उपयोग 444 बीट अधिकारी कर रहे हैं।
डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस के कामकाज में तेजी लाना, सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान करना और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष केंद्र
ऑनलाइन ठगी, पहचान की चोरी, फर्जी सोशल मीडिया खाते, फिशिंग और अन्य डिजिटल अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच चंडीगढ़ पुलिस ने साइबर जांच के लिए विशेष संसाधन विकसित किए हैं।
साइबर ऑपरेशंस, डिजिटल फॉरेंसिक, मैलवेयर विश्लेषण, सीसीटीवी एवं वीडियो फॉरेंसिक और साइबर खतरे से संबंधित खुफिया जानकारी जुटाने के उद्देश्य से साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड ऑपरेशंस (CenCOPS) की स्थापना 12 दिसंबर 2023 को की गई थी।
इस केंद्र के माध्यम से डिजिटल उपकरणों, ऑनलाइन गतिविधियों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। साइबर अपराधों की जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का सुरक्षित संकलन, उसका विश्लेषण और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप उसे प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होता है।
इसके लिए विभाग ई-साक्ष्य, चित्र खोजी और ई-मालखाना जैसे डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर रहा है। ई-साक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन और दस्तावेजीकरण में सहायता करता है। चित्र खोजी छवियों के आधार पर पहचान संबंधी कार्य में उपयोगी है, जबकि ई-मालखाना मामलों से संबंधित संपत्ति और साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में मदद करता है।
साइबर सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऑनलाइन वित्तीय ठगी, फर्जी पहचान, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और संदिग्ध लिंक से होने वाले अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
पुलिसकर्मियों को साइबर कानूनों, डिजिटल साक्ष्यों, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की जांच और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
आपातकालीन सेवा 112 का औसत प्रतिक्रिया समय 4 मिनट 33 सेकंड
आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना जनसुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चंडीगढ़ पुलिस के प्रेस नोट में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली 112 का औसत प्रतिक्रिया समय चार मिनट 33 सेकंड बताया गया है।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मिलने वाली सहायता के माध्यम से निगरानी व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और घटनास्थल पर तैनात पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है।
किसी घटना की सूचना मिलने पर संबंधित संसाधनों को सक्रिय करना, आवश्यक अलर्ट साझा करना और फील्ड यूनिट तक वीडियो या दूसरी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना इस व्यवस्था का हिस्सा है।
आपातकालीन प्रतिक्रिया की गति और पुलिस इकाइयों के बीच तालमेल से दुर्घटनाओं, अपराधों और अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
नागरिकों की शिकायतों के समाधान पर जोर
चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने और पुलिस सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए विभिन्न पहल की हैं। इनमें समावेश केंद्र और संवेदना शिविर प्रमुख हैं।
प्रेस नोट के अनुसार, संवेदना शिविर प्रत्येक शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक पुलिस थानों, विभिन्न इकाइयों और ट्रैफिक लाइंस में आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतें सुनना, मामलों की स्थिति से संबंधित पूछताछ में सहायता करना और यातायात चालान से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है।
इस तरह की पहल से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलता है। पुलिस और जनता के बीच संवाद बेहतर होने से शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायता मिलती है।
पुलिस की सामुदायिक पहुंच को मजबूत करने के लिए विद्यार्थियों और बच्चों से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
600 विद्यार्थियों को जोड़ने वाला छात्र पुलिस कैडेट कार्यक्रम
युवाओं में कानून के प्रति सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से छात्र पुलिस कैडेट कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रेस नोट के अनुसार, इस कार्यक्रम में 15 स्कूलों के 600 विद्यार्थी शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा, कमजोर और जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण तथा उनकी सहायता के लिए ऊर्जा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों के अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता और नशे के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी पुलिस की ओर से विभिन्न पहल की जा रही हैं। साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान करने और ऐसी घटनाओं की समय पर सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
पुलिसिंग के इस स्वरूप में केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि अपराधों को रोकना और समाज के विभिन्न वर्गों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना भी शामिल है।
प्रशिक्षण और नई आपराधिक संहिताओं के क्रियान्वयन में पहल
आधुनिक पुलिसिंग के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन भी जरूरी है। चंडीगढ़ पुलिस ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए हैं।
प्रेस नोट के मुताबिक, आईगॉट कर्मयोगी मंच पर 6,195 पुलिसकर्मी पंजीकृत हैं। इनमें से 5,753 सक्रिय हैं और 5,693 ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा किया है।
पिछले पांच वर्षों में 239 कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें 11,572 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसी अवधि में 63 सेवाकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1,008 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
एक जुलाई 2024 से लागू हुई तीन नई आपराधिक संहिताओं के क्रियान्वयन के लिए भी पुलिसकर्मियों को तैयार किया गया। विभाग के प्रेस नोट में चंडीगढ़ पुलिस को तीनों नई आपराधिक संहिताओं के पूर्ण क्रियान्वयन में पहला राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बताया गया है।
नई कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के उपयोग और आपराधिक न्याय प्रक्रिया से संबंधित बदलावों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। पुलिस विभाग साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल फॉरेंसिक, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर खतरों के आकलन जैसे विषयों पर भी क्षमता निर्माण कर रहा है।
पुलिसकर्मियों के कल्याण और जवाबदेही पर भी ध्यान
राष्ट्रपति पुलिस कलर के सम्मान के साथ पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयास भी विभाग की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रेस नोट में स्वास्थ्य सेवाओं, बीमा, आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति और बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता जैसी कल्याणकारी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया है। गंभीर बीमारी, दुर्घटना, दिव्यांगता, सेवा के दौरान मृत्यु और अन्य आपात परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रावधान भी बताए गए हैं।
सेवारत, सेवानिवृत्त और दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को विभागीय लाभों तथा सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद देने पर भी जोर दिया गया है।
विभाग में पुलिस स्थापना बोर्ड के साथ मीडिया प्रबंधन और सोशल मीडिया के उपयोग से संबंधित औपचारिक मानक संचालन प्रक्रियाएं भी लागू हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करना, जवाबदेही को मजबूत करना और पुलिस संगठन में अनुशासन बनाए रखना है।
पुलिसकर्मियों का कल्याण, बेहतर प्रशिक्षण और शिकायत निवारण की व्यवस्था किसी भी पुलिस बल की कार्यक्षमता तथा मनोबल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नशामुक्त और सुरक्षित चंडीगढ़ का लक्ष्य
चंडीगढ़ पुलिस के सामने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना भी एक प्रमुख चुनौती है। इसके लिए कानून प्रवर्तन के साथ जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर भी जोर दिया जा रहा है।
महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता और साइबर अपराधों की रोकथाम जैसी प्राथमिकताओं के साथ पुलिस का उद्देश्य शहर में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है।
राष्ट्रपति पुलिस कलर की स्वीकृति को विभाग इन प्रयासों की महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देख रहा है। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों के योगदान को भी रेखांकित करता है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
एक नवंबर को 60वें स्थापना दिवस पर होगा ऐतिहासिक आयोजन
चंडीगढ़ पुलिस का 60वां स्थापना दिवस एक नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसी अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किए जाने का कार्यक्रम निर्धारित है।
यह आयोजन चंडीगढ़ पुलिस की छह दशक लंबी यात्रा, उसकी उपलब्धियों और भविष्य की जिम्मेदारियों को सामने लाएगा। विभाग ने इस प्रतिष्ठित सम्मान को अपने अधिकारियों, कर्मचारियों, बहादुर शहीदों और चंडीगढ़ के नागरिकों को समर्पित किया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर के लोगों का विश्वास और सहयोग उसकी जनसेवा का आधार है। बदलती तकनीक और अपराधों के नए तरीकों के बीच पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, समय पर सहायता देना और न्याय प्रक्रिया को मजबूत करना भी है।
चंडीगढ़ पुलिस के लिए राष्ट्रपति पुलिस कलर का सम्मान छह दशकों की सेवा, साहस, प्रतिबद्धता और ईमानदारी का प्रतीक है। 60वें स्थापना दिवस पर मिलने वाला यह गौरव विभाग के लिए उपलब्धि के साथ-साथ सुरक्षित, शांतिपूर्ण और नशामुक्त चंडीगढ़ के निर्माण की जिम्मेदारी को दोहराने का अवसर भी होगा।

सागरप्रीत हुड्डा, पुलिस महानिदेशक, चंडीगढ़ पुलिस।













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