October 28, 2026 8:29 am

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13.39 करोड़ वोट काटे, एक भी घुसपैठिया नहीं मिला: अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मांगा इस्तीफा

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली, महिला कांग्रेस ने एक लाख महिलाओं के पहुंचने का किया दावा

बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की गई मतदाता सूचियों को रद्द करने और भविष्य के सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से 13.39 करोड़ नाम हटाए गए, लेकिन एक भी घुसपैठिया नहीं मिला। लांबा ने इसे मताधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अलका लांबा ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली के लिए महिला कांग्रेस के ‘दिल्ली चलो’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने दावा किया कि रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे, जिनमें कम से कम एक लाख महिलाएं होंगी। उन्होंने महिलाओं से अपने मताधिकार की रक्षा के लिए रैली में पहुंचने की अपील की।

मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
अलका लांबा ने चुनाव आयोग की वेबसाइट और सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जवाबों का हवाला देते हुए दावा किया कि 13.39 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए, लेकिन इनमें एक भी घुसपैठिया नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घुसपैठियों की पहचान नहीं हुई, तो इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने का आधार क्या था।
लांबा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुधार के नाम पर की गई इस प्रक्रिया से भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई है। उन्होंने इसे कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ का मामला बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से काम करना चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा हो सके। लांबा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त को मिले कानूनी संरक्षण पर भी सवाल
अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और उनके कानूनी संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में संसद से ऐसा कानून पारित करवाया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के संबंध में कानूनी संरक्षण दिया गया है।
लांबा ने आरोप लगाया कि इस प्रावधान से चुनाव आयोग के शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी अधिकारी ने कुछ गलत नहीं किया है, तो उसे ऐसे संरक्षण की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार, इस कानून को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में मामला पहुंचा है और 13 अक्टूबर को केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग से जवाब मांगा गया है। लांबा ने मांग की कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखा जाए।

महिलाओं के मताधिकार को बनाया अभियान का मुद्दा
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में किसी महिला का नाम कटने से उसकी राजनीतिक भागीदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक की आवाज है और इसे सुरक्षित रखना आवश्यक है।
लांबा ने महिलाओं से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि महिला कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में उठाएगी। उनके मुताबिक, रैली के माध्यम से मतदाता सूची में नामों की कटौती और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आवाज बुलंद की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि महिला कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली पहुंचेंगी और मताधिकार की सुरक्षा की मांग करेंगी।

चंडीगढ़ की मतदाता सूची में दो लाख नाम कम होने का दावा
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने भी मतदाता सूची में नामों की संख्या को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में चंडीगढ़ की मतदाता सूची में लगभग दो लाख नाम कम हो गए हैं। उनके अनुसार, यह संख्या कुल मतदाताओं का करीब 30 प्रतिशत है।
लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ कांग्रेस सभी 35 वार्डों से लोगों को दिल्ली की रैली में ले जाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करेंगे, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से नहीं कटे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की जांच करना और पात्र नागरिकों के नाम दर्ज होने को सुनिश्चित करना जरूरी है। कांग्रेस इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर भी अभियान चलाएगी।

हर सेक्टर, गांव और कॉलोनी से महिलाओं को जुटाने की तैयारी
चंडीगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदिता हुड्डा ने कहा कि शहर के हर सेक्टर, गांव और कॉलोनी से महिलाओं को दिल्ली की रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी रक्षा के लिए उन्हें आगे आना चाहिए।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की सचिव साक्षी चौधरी ने कहा कि गरीब महिलाओं के लिए वोट बराबरी और अपनी आवाज उठाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस मताधिकार की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रहेगी।

एक नवंबर की रैली पर कांग्रेस का फोकस
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने मतदाता सूची में नामों की कटौती, चुनाव आयोग की जवाबदेही और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया। महिला कांग्रेस ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली को इस अभियान का अहम हिस्सा बताया है

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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