शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा बोले- बच्चों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं, कमेटी जल्द सौंपेगी सरकार को रिपोर्ट;
घटना के बाद अन्य बच्चों के अभिभावकों में भी भारी रोष, स्कूल के बाहर जमा हुए परिजन, बच्चियों को लेने पहुंचे अभिभावकों को गेट पर करना पड़ा इंतजार
बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला, 31 अक्टूबर। पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केजी कक्षा की एक मासूम छात्रा के साथ तीसरी कक्षा के छात्र द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। घटना को लेकर हरियाणा सरकार ने जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी पूरे मामले की जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। वहीं, घटना सामने आने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावकों में भी भारी रोष देखने को मिला। शनिवार को बड़ी संख्या में परिजन स्कूल के बाहर पहुंच गए और अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जिस भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और यह भी तय किया जाएगा कि आखिर स्कूल परिसर में इतनी गंभीर घटना कैसे हुई तथा बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में कहां चूक हुई।
### जांच के दायरे में आएगी स्कूल प्रबंधन की भूमिका
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल परिसर में छोटे बच्चों की देखरेख के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था थी और घटना के समय संबंधित कक्षाओं तथा परिसर में शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की निगरानी कितनी प्रभावी थी।
जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित जिम्मेदारियों का कितना पालन किया जा रहा था। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने क्या कदम उठाए और घायल बच्ची को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के लिए क्या व्यवस्था की गई।
सरकार की ओर से कार्रवाई को लेकर दिए गए आश्वासन के बाद अब अभिभावकों की निगाहें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
### घटना के बाद अभिभावकों में भारी रोष, बच्चियों को लेने स्कूल पहुंचे परिजन
उधर, घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता और नाराजगी बढ़ गई। शनिवार को बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल के बाहर पहुंच गए। कई परिजन स्कूल की छुट्टी होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही अपनी बच्चियों को लेने पहुंच गए।
अभिभावकों का कहना था कि जब स्कूल परिसर में इतनी छोटी बच्ची के साथ इस तरह की गंभीर मारपीट हो सकती है तो अन्य बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता होना स्वाभाविक है। परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते थे। स्कूल के बाहर अभिभावकों की भीड़ जमा होने से वहां काफी देर तक स्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
### स्कूल प्रबंधन ने गेट खोलने से किया इनकार
स्कूल के बाहर पहुंचे अभिभावकों के अनुसार, वे अपनी बच्चियों को लेने के लिए स्कूल परिसर में जाना चाहते थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से गेट खोलने से इनकार कर दिया गया। इससे अभिभावकों की नाराजगी और बढ़ गई। कई परिजन स्कूल प्रबंधन से बच्चों की सुरक्षा और घटना के संबंध में जवाब चाहते थे।
अभिभावकों का कहना था कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों का स्कूल प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। घटना के बाद अभिभावकों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है और वे चाहते हैं कि स्कूल में बच्चों की निगरानी के लिए ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।
### गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ किया गया था रेफर
गौरतलब है कि पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केजी कक्षा की छात्रा के साथ तीसरी कक्षा के छात्र द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। सामने आई जानकारी के अनुसार, बच्ची को पत्थरों और गमले से चोटें पहुंचाई गईं। आरोप है कि बच्ची के बेहोश होने के बाद भी मारपीट जारी रही और उसे काफी देर तक घसीटा गया।
घटना में गंभीर रूप से घायल बच्ची को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। इस घटना ने स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की निगरानी और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
### अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
सरकार की ओर से जांच कमेटी गठित किए जाने और शिक्षा मंत्री द्वारा दोषियों को नहीं बख्शने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अभिभावक चाहते हैं कि जांच केवल घटना तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
अब देखना होगा कि जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट में किन कमियों और जिम्मेदारियों को सामने लाती है तथा सरकार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। फिलहाल इस घटना ने पंचकूला ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है।













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