राजौरी/जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के नौशेरा–राजौरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास रविवार शाम संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विभिन्न इलाकों में देखे गए इन ड्रोन के पाकिस्तान की ओर से आने का संदेह जताया जा रहा है। हालात को देखते हुए भारतीय सेना ने काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) के उपाय किए, जिसके बाद ड्रोन वापस लौट गए।
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार शाम जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और LoC से सटे कई फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन की हलचल देखी गई। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि ये उड़ने वाली वस्तुएं पाकिस्तान की ओर से आईं और कुछ मिनट तक भारतीय क्षेत्र के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गईं।
राजौरी जिले के गनिया-कलसियां गांव के ऊपर शाम करीब 6:35 बजे ड्रोन नजर आने पर सेना के जवानों ने मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की। इसी दौरान राजौरी के टेरियथ क्षेत्र के खब्बर गांव में भी एक अन्य ड्रोन देखा गया, जिसमें टिमटिमाती रोशनी थी। अधिकारियों के मुताबिक यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की दिशा से आया और आगे भरख की ओर बढ़ गया।
इसके अलावा शाम करीब 7:15 बजे चक बबरल क्षेत्र के ऊपर भी एक संदिग्ध ड्रोन कई मिनट तक मंडराता हुआ दिखाई दिया। वहीं पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में एलओसी के पास टैन से टोपा की ओर जाते हुए भी इसी तरह की उड़ने वाली वस्तु देखी गई।
ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा बलों ने जमीन पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। सेना द्वारा काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम के प्रभावी इस्तेमाल से ड्रोन को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
इधर, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सांबा जिले के पालूरा गांव में सीमा के पास हथियार और गोला-बारूद का एक जखीरा बरामद होने के बाद संयुक्त सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। बरामद सामग्री में चीन में बनी 9 एमएम पिस्टल (दो मैगजीन सहित), एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्टल (एक मैगजीन सहित) और एक चीनी हैंड ग्रेनेड शामिल है, जिस पर एपीएल एचजीआर-84 अंकित है। इसके अलावा पैकेट से कुल 16 कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर रही











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