April 7, 2026 3:12 pm

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हरियाणा के इतिहास में पहली बार 22 अधिकारियों को डबल प्रमोशन, वेतन में बेतहाशा वृद्धि

IAS और HCS. भी नहीं पाए इतने बड़े लाभ का अनुभव

चंडीगढ़: बीती 31 दिसंबर 2025 को हरियाणा सरकार के गृह विभाग ने इतिहास रचते हुए अपने नियमित विधि अधिकारियों को अभूतपूर्व डबल प्रमोशन और वेतन वृद्धि प्रदान की। राज्य के 22 जिला अटॉर्नी (डी.ए.) सीधे डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ प्रॉसिक्यूशन (डी.डी.पी.) के पद पर पदोन्नत किए गए। इससे उनके मासिक वेतन और भत्तों में अचानक बेतहाशा वृद्धि हो गई।
डबल प्रमोशन का अभूतपूर्व मामला
विशेष जानकारी के अनुसार, इन 22 अधिकारियों को सहायक निदेशक अभियोजन (ए.डी.पी.) का पद छोड़कर सीधे उप-निदेशक अभियोजन (डी.डी.पी.) के पद पर प्रोमोट किया गया। यह हरियाणा में ग्रुप ‘ए’ वर्ग के अधिकारियों की किसी भी श्रेणी में अब तक की गई सबसे बड़ी पदोन्नति मानी जा रही है।
पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों में सुमन बंसल, सोहन सिंह, लेघा दीपक रणजीत, सतीश कुमार, आनंद मान, सुनील कुमार, सत्येन्द्र कुमार, राजेश कुमार चौधरी, धर्मेन्द्र राणा, मनोज कुमार, दीपक बूरा, हरपाल सिंह, अनीता, राजेश कुमार, परवेज, सुमेर सिंह, हितेन्द्र सिंह, नरेन्द्र सिंह, मंजीत सिंह, अश्वनी कुमार चौधरी, सुरेश कुमार और पारुल चौहान शामिल हैं।
वेतनमान में भारी उछाल
पदोन्नति से पहले ये सभी डी.ए. एफ.पी.एल.-12 वेतन स्तर (78,800 रुपये – 1,97,200 रुपये) में थे। अब डी.डी.पी. पद पर इनका वेतन सीधे एफ.पी.एल.-14 (1,23,100 रुपये – 2,09,600 रुपये) में आ गया है। जबकि सामान्य रूप से ए.डी.पी. का वेतन एफ.पी.एल.-13 (88,400 रुपये – 2,02,600 रुपये) होता है।
हालांकि हाल ही में जारी आदेश में यह वेतनमान 2,15,900 रुपये तक दिखाया गया है, जो निदेशक प्रॉसिक्यूशन से भी अधिक है। इस विसंगति को एडवोकेट हेमंत कुमार ने हरियाणा सरकार को लिखित रूप से सूचित किया है।
कानूनी नोटिस के माध्यम से आपत्ति
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने इस पदोन्नति को BNSS, 2023 की धारा 20(2)(ए) के उल्लंघन के रूप में बताया है।
धारा 20(2)(ए) के अनुसार, डी.डी.पी. के पद के लिए न्यूनतम 15 वर्ष प्रैक्टिस वाला वकील या पूर्व/वर्तमान सेशंस जज होना आवश्यक है। हेमंत का दावा है कि इस नियम का पालन नहीं किया गया और अन्य योग्य प्राइवेट प्रैक्टिस वकीलों को अवसर ही नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा है कि यदि सरकार खुली भर्ती द्वारा योग्य वकीलों और सेशंस जजों से आवेदन आमंत्रित नहीं करती है, तो वह जनहित याचिका (PIL) दायर कर हाईकोर्ट में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर प्रश्न चिन्ह
22 डी.ए. की एक ही बार में डबल प्रमोशन
वेतनमान में अप्रत्याशित वृद्धि
BNSS, 2023 के नियमों का कथित उल्लंघन
ये सब हरियाणा प्रशासनिक इतिहास में अभूतपूर्व और विवादास्पद माने जा रहे हैं।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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