June 15, 2026 3:10 pm

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जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल की तैयारियां तेज, तकनीकी खामियों की गहन समीक्षा

दिल्ली से उच्चाधिकारियों की एक टीम जींद पहुंची
जींद: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के प्रस्तावित ट्रायल को लेकर जींद में तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. ट्रायल से पहले सामने आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं. इसी क्रम में शुक्रवार को दिल्ली से उच्चाधिकारियों की एक टीम जींद पहुंची और हाइड्रोजन ट्रेन व उससे जुड़े सिस्टम का विस्तृत निरीक्षण किया.

पीसीएमई डिंपी गर्ग के नेतृत्व में पहुंची दिल्ली की टीम
हाइड्रोजन ट्रेन में आ रही तकनीकी दिक्कतों की समीक्षा के लिए दिल्ली से प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर (पीसीएमई) डिंपी गर्ग की अगुवाई में अधिकारियों की टीम जींद आई. टीम ने ट्रेन, प्लांट और सहायक सिस्टम से जुड़े सभी अहम तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से फीडबैक लिया.

आरओ प्लांट और इलेक्ट्रोलाइजर की कार्यप्रणाली जांची
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आरओ प्लांट और इलेक्ट्रोलाइजर की वर्किंग को परखा. टीम को बताया गया कि इलेक्ट्रोलाइजर में गैस निर्माण के लिए दो पंप लगाए गए हैं. किसी कारणवश एक पंप के बंद होने पर दूसरा पंप स्वतः सक्रिय हो जाता है, जिससे पानी की सप्लाई बाधित नहीं होती और सिस्टम सुरक्षित तरीके से चलता रहता है.

इंजन से गैस निकालने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान
अधिकारियों को यह भी अवगत कराया गया कि इंजन के अंदर से गैस को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पूरे सिस्टम की दोबारा टेस्टिंग की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी कमी को समय रहते दूर किया जा सके.

आरओ सिस्टम की वर्किंग पर दिए अहम निर्देश
पीसीएमई ने कर्मचारियों से आरओ सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तार से जानकारी ली. कर्मचारियों ने बताया कि आरओ से निकलने वाले शुद्ध पानी और वेस्ट पानी के लिए अलग-अलग टैंक बनाए गए हैं. निरीक्षण में सामने आया कि दोनों टैंकों के ढक्कनों पर लाल रंग किया गया था, जिससे पहचान में भ्रम की स्थिति बन सकती है.

शुद्ध पानी के टैंक पर हरा रंग करने के आदेश
इस पर पीसीएमई ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शुद्ध पानी के टैंक पर हरे रंग का पेंट किया जाए, ताकि दोनों टैंकों की साफ पहचान हो सके. इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए टीडीएस (TDS) की रोजाना जांच के निर्देश भी दिए गए.

टीडीएस की डेली मॉनिटरिंग के लिए चार्ट अनिवार्य
पीसीएमई ने पानी के टीडीएस की नियमित निगरानी के लिए एक डेली चार्ट तैयार करने को कहा. उन्होंने बताया कि रोजाना मॉनिटरिंग से पानी की गुणवत्ता पर नजर रहेगी और चार्ट अपडेट होने से कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होगी, जिससे किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश कम होगी.

आरओ के पानी से सिंचाई न करने की सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि आरओ के पानी का टीडीएस 500 से अधिक है. इस पर पीसीएमई ने सख्त निर्देश दिए कि इस पानी का उपयोग पौधों की सिंचाई के लिए न किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि 150 से 200 टीडीएस तक का पानी ही मानव और पौधों के लिए उपयुक्त होता है, जबकि अधिक टीडीएस वाला पानी फसलों और पौधों की पैदावार को नुकसान पहुंचा सकता है.

जनवरी के अंत तक ट्रायल की उम्मीद
फिलहाल प्लांट में अग्निशमन यंत्र लगाने का कार्य जारी है, जबकि आरओ सिस्टम लगाने वाले ठेकेदार पानी के सैंपल जांच के लिए ले गए हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी खामियां दूर होते ही जनवरी के अंत तक देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल की शुरुआत किए जाने की पूरी उम्मीद है.

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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